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यह स्कीम उन लोगों के लिए वरदान की तरह है जो धीरे-धीरे बचत करके अपने भविष्य या परिवार की खुशियों के लिए सोना जुटाना चाहते हैं.
भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं है, बल्कि यह हमारी भावनाओं, कल्चर और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है. शादियों का सीजन हो या दिवाली का त्योहार, सोने की मांग हमेशा बनी रहती है. लेकिन आज के समय में जब सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो एक साथ भारी रकम खर्च करके गहने खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं. यहीं पर काम आती है 'ज्वैलरी SIP' या जिसे हम आसान भाषा में 'ज्वैलरी सेविंग स्कीम' कहते हैं.
यह स्कीम उन लोगों के लिए वरदान की तरह है जो धीरे-धीरे बचत करके अपने भविष्य या परिवार की खुशियों के लिए सोना जुटाना चाहते हैं. आइए, इस चमकते निवेश की हर बारीक कड़ी को विस्तार से समझते हैं.
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साधारण SIP में आप म्यूचुअल फंड में पैसा लगाते हैं, लेकिन ज्वैलरी SIP में आप अपना पैसा किसी नामी ज्वैलरी ब्रांड के पास जमा करते हैं. यह बैंक की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) की तरह ही है, लेकिन इसका अंत कैश के बजाय सोने के गहनों में होता है.
रकम का चुनाव: सबसे पहले आप तय करते हैं कि आप हर महीने कितनी राशि जमा कर सकते हैं (जैसे 2000, 5000 या 10,000 रुपये).
समय सीमा: ज्यादातर स्कीम्स 11 या 12 महीने की होती हैं.
सोना ब्लॉक करना: आप जो पैसा हर महीने जमा करते हैं, उस दिन के सोने के भाव के हिसाब से उतना सोना आपके नाम पर 'डिजिटल' तरीके से दर्ज या ब्लॉक कर दिया जाता है.
मैच्योरिटी: समय पूरा होने पर आप जमा राशि और ब्रांड की तरफ से दिए गए बोनस का उपयोग करके गहने खरीद सकते हैं.
ज्वैलरी स्कीम्स में मुख्य रूप से दो तरह के फायदे मिलते हैं. पहला 'कैश बोनस' और दूसरा 'मेकिंग चार्ज में छूट'.
उदाहरण 1: एक महीने की किश्त का फायदा
मान लीजिए आपने 10,000 रुपये प्रति माह की SIP शुरू की.
आपका निवेश: 10,000 रुपये × 11 महीने = 1,10,000 रुपये.
ब्रांड का योगदान: कई बड़े ब्रांड्स 12वीं किश्त खुद अपनी तरफ से देते हैं. यानी 10,000 रुपये ब्रांड ने मिलाए.
कुल वैल्यू: 1,20,000 रुपये.
फायदा: आपको सीधे तौर पर 9.09% का रिटर्न मिल गया, जो बैंक के बचत खाते या RD से कहीं ज्यादा है.
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उदाहरण 2: मेकिंग चार्ज में भारी बचत
कुछ ब्रांड्स कैश बोनस के बजाय मेकिंग चार्ज (गहने बनाने की लागत) पर 50% से 100% तक की छूट देते हैं.
अगर आप 1.20 लाख रुपये की ज्वैलरी खरीदते हैं और उस पर मेकिंग चार्ज 15% है, तो आपको लगभग 18,000 रुपये सिर्फ मेकिंग चार्ज में देने पड़ते.
SIP के जरिए यह 20,000 रुपये आपके बच जाते हैं, जो आपके निवेश को और भी कीमती बना देते हैं.
| विवरण | गणना (Calculation) | कुल राशि / लाभ |
| आपकी कुल जमा राशि | 10,000 रुपये × 11 महीने | 1,10,000 रुपये |
| ब्रांड का योगदान (12वीं किश्त) | 10,000 रुपये × 1 महीना | 10,000 रुपये |
| खरीद के लिए उपलब्ध कुल राशि | 1,10,000 + 10,000 | 1,20,000 रुपये |
| मेकिंग चार्ज में संभावित बचत | 15% डिस्काउंट (अनुमानित) | करीब 18,000 रुपये |
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भारत में लगभग हर छोटा और बड़ा ज्वैलर ऐसी स्कीम्स चलाता है, लेकिन भरोसे के लिए लोग बड़े ब्रांड्स को चुनते हैं:
तनिष्क (Golden Harvest Scheme): यह सबसे लोकप्रिय स्कीम है. इसमें 6 या 10 महीने के निवेश के विकल्प मिलते हैं.
रिलायंस ज्वैल्स (Golden Steps): यहां आप कम से कम 1000 रुपये से शुरुआत कर सकते हैं.
कल्याण ज्वैलर्स: इनकी स्कीम्स में मेकिंग चार्ज पर बड़े डिस्काउंट मिलते हैं.
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अनुशासन: हर महीने एक तय रकम जमा करने से बचत की आदत पड़ती है.
कीमतों के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा: चूंकि आपका पैसा हर महीने के भाव पर सोने में बदल रहा है, इसलिए आप 'रुपी कॉस्ट एवरेजिंग' का फायदा उठाते हैं.
सुरक्षा: घर में नकदी रखने के बजाय ब्रांड के पास पैसा सुरक्षित रहता है.
त्योहारी तैयारी: अगर आप आज SIP शुरू करते हैं, तो अगले साल के त्योहार या शादी के लिए आपके पास पहले से बजट तैयार होता है.
निवेश से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
कैश रिफंड नहीं: याद रखिए, ये स्कीम्स आपको पैसा वापस नहीं देतीं. आपको अंत में सोना या गहने ही खरीदने होंगे.
सिक्के या बार पर रोक: कई ब्रांड्स इन स्कीम्स के तहत सिर्फ गहने ही देते हैं, आप सोने के सिक्के या ईंट नहीं खरीद सकते.
समय सीमा का पालन: अगर आप बीच में स्कीम छोड़ते हैं, तो आपको ब्रांड की तरफ से मिलने वाला बोनस नहीं मिलेगा.
जीएसटी (GST): गहने खरीदते वक्त आपको कुल कीमत पर 3% जीएसटी अलग से देना होगा.
सोने के गहनों में SIP उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनका लक्ष्य आने वाले समय में गहने खरीदना है. यह आपको न केवल वित्तीय सुरक्षा देता है, बल्कि बोनस और छूट के जरिए आपकी क्रय शक्ति को भी बढ़ाता है. अगर आप मध्यम अवधि (1 साल) के लिए बचत करना चाहते हैं और आपको सोने से लगाव है, तो आज ही अपनी सुविधा के अनुसार एक अच्छी स्कीम का चुनाव करें.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या मैं ज्वैलरी SIP का पैसा बीच में निकाल सकता हूं?
ज्यादातर स्कीम्स में पैसा वापस नहीं मिलता, आपको जमा राशि के बराबर सोना ही लेना होगा.
Q2 क्या इस स्कीम से सोने के सिक्के खरीदे जा सकते हैं?
ज्यादातर बड़े ब्रांड्स इन स्कीम्स को सिर्फ गहनों (Ornaments) की बिक्री बढ़ाने के लिए चलाते हैं, सिक्के लेना संभव नहीं होता.
Q3 अगर सोने के दाम गिर गए तो क्या होगा?
चूंकि आप हर महीने पैसा जमा करते हैं, इसलिए आपको औसत भाव का फायदा मिलता है और घाटे की संभावना कम हो जाती है.
Q4 कम से कम कितने रुपये से शुरुआत की जा सकती है?
अलग-अलग ब्रांड्स में यह सीमा अलग है, लेकिन सामान्य तौर पर 1000 रुपये से शुरुआत हो सकती है.
Q5 क्या इस स्कीम पर टैक्स लगता है?
मैच्योरिटी पर गहने खरीदते समय आपको नियमानुसार 3% जीएसटी देना होता है.