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यह सच है कि आज के टाइम में लोग अच्छी कमाई तो कर लेते हैं, लेकिन पैसों का सही मैनेजमेंट फिर भी नहीं कर पाने के कारण से मुश्किलों में फंस जाते हैं.स्पेशली यंग जनरेशन खर्च और शौक पूरे करने के चक्कर में बिना सोचे-समझे क्रेडिट कार्ड और लोन का इस्तेमाल करने लगती है. फिर नतीजा यह होता है कि कम उम्र में ही उन पर कर्ज का बोझ बढ़ जाता है और उनका सिबिल स्कोर भी गिरने लगता है. जी हां यही स्कोर भविष्य में लोन लेने की क्षमता को तय करता है. तो हमेशा इसलिए अगर सही समय पर फाइनेंशियल प्लानिंग और डिसिप्लिन ना अपनाया जाए, तो आगे चलकर घर, गाड़ी या किसी भी जरूरी जरूरत के लिए लोन पाना मुश्किल हो सकता है.
सही बजट बनाना है सबसे जरूरी
30 की उम्र से पहले कुछ आदतें अपनाना हर किसी के लिए बहुत जरूरी होता है, जो आपके फ्यूचर को सेफ और बेहतर बना सकती हैं. इनमें सबसे अहम है बजट बनाना.आपकी चाहे सैलरी 10,000 रुपए हो या फिर 50,000 रुपए, लेकिन आपको हर हाल में बजट बनाना चाहिए.असल में बजट बनाने से आप अपनी कमाई और खर्च को बेहतर तरीके से मैनेज कर पाएंगे और फालतू के खर्चों पर कंट्रोल रख सकेंगे.इसके साथ ही अगर आप बिना बजट के खर्च करेंगे तो धीरे-धीरे पैसों की तंगी और कर्ज का बोझ बढ़ सकता है.
आपके लिए इमरजेंसी फंड बनाना आपकी फाइनेंशियल हेल्थ के लिए बहुत जरूरी माना जाता है. असल में अक्सर लोग बजट तो बना लेते हैं, लेकिन अचानक आने वाले खर्चों को नजरअंदाज़ कर देते हैं. अगर आपके पास इमरजेंसी फंड होगा तो किसी मेडिकल इमरजेंसी, नौकरी छूटने या किसी अचानक आए खर्च की स्थिति में आपको दूसरों से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे आपका मंथली बजट भी खराब नहीं होगा और आप बिना टेंशन के अपने बाकी खर्चों को संभाल पाएंगे, तो यही कारण है कि इमरजेंसी फंड को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
आपको बता दें कि अच्छा सिबिल स्कोर आपके फाइनेंशियल फ्यूचर की सबसे बड़ी ताकत होता है.तो अगर आप टाइम पर लोन या क्रेडिट कार्ड के बिल का पेमेंट नहीं करते, तो आपका स्कोर खराब हो जाता है, जिससे आगे चलकर लोन लेना मुश्किल हो सकता है या फिर हाई ब्याज दर पर ही लोन मिलता है. तो इसलिए हमेशा कोशिश करें कि हर बिल और ईएमआई समय पर चुकाते रहें,साथ ही कोई भी पेमेंट डिफॉल्ट नहीं करें.हमेशा जितना ज्यादा आपका सिबिल स्कोर होगा, उतना ही आसानी से और कम ब्याज दर पर आपको लोन मिल पाएगा.
इन्वेस्टमेंट करना आपकी फाइनेंशियल फ्रीडम की सबसे मजबूत नींव होती है. जैसे ही आप कमाना शुरू करते हैं, उसी समय से शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म निवेश की आदत डाल लें. इससे आप अपने फ्यूचर के बड़े टारगेट जैसे घर खरीदना, गाड़ी लेना, बच्चों की पढ़ाई या मेडिकल खर्च आसानी से पूरे कर पाएंगे. जी हां इन्वेस्टमेंट से ना केवल आपके पैसों की वैल्यू बढ़ती है, बल्कि यह आपको अचानक आने वाली फाइनेंशियल परेशानी से भी बचाता है. सही समय पर किया गया निवेश आगे चलकर आपकी जिंदगी आसान बना देता है.
जी हां हर ट्रांजेक्शन पर नजर रखना एक स्मार्ट फाइनेंशियल हैबिट है. फिर चाहे आपकी सैलरी ज्यादा हो या कम, आपको अपने पैसों का सही हिसाब रखना जरूरी है. तो इसलिए नियमित रूप से बैंक अकाउंट चेक करें और हर छोटे-बड़े खर्च को ट्रैक करते रहें. इससे आपको यह समझने में आसानी होगी कि आपका पैसा कहां और कितना खर्च हो रहा है. इसके साथ ही अगर आप इस आदत को अपनाते हैं, तो आप अनावश्यक खर्चों से बच पाएंगे और बचत को बढ़ा सकेंगे. आपकी यही आदत आगे चलकर आपको किसी भी वित्तीय संकट से सुरक्षित रखेगी.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है)
5 FAQs
Q1. 30 की उम्र से पहले कौन-सी फाइनेंशियल आदतें जरूरी हैं?
A1. बजट बनाना, इमरजेंसी फंड तैयार करना, सिबिल स्कोर सुधारना, निवेश करना और खर्चों पर नजर रखना.
Q2. इमरजेंसी फंड क्यों जरूरी है?
A2. यह अचानक मेडिकल खर्च, नौकरी छूटने या किसी अन्य आर्थिक संकट में मदद करता है और आपका बजट बिगड़ने से बचाता है.
Q3. अच्छा सिबिल स्कोर कैसे बनाए रखें?
A3. सभी ईएमआई और क्रेडिट कार्ड बिल समय पर चुकाएं और पेमेंट डिफॉल्ट से बचें।
Q4. शुरुआती उम्र में निवेश करने का फायदा क्या है?
A4. जल्दी शुरू किया गया निवेश आपको घर, गाड़ी और बच्चों की पढ़ाई जैसे बड़े लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करता है.
Q5. खर्चों को ट्रैक करना क्यों जरूरी है?
A5. खर्च ट्रैक करने से अनावश्यक खर्चों पर कंट्रोल रहता है और भविष्य में वित्तीय संकट से बचाव होता है.
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