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आजकल माता-पिता अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए जल्दी निवेश की सोच रखते हैं.तो अगर आप अपने बच्चे के लिए मजबूत आर्थिक नींव बनाना चाहते हैं, तो उसकी 5 साल की उम्र से ही निवेश शुरू कर सकते हैं. कंपाउंडिंग की शक्ति इतनी जबरदस्त होती है कि ₹5 लाख का छोटा-सा इन्वेस्टमेंट भी लंबे समय में कई करोड़ रुपए में बदल सकता है. इससे बच्चे को ना केवल फाइनेंशियल फ्रीडम मिलेगी बल्कि फ्यूचर की पढ़ाई, करियर और शादी जैसे बड़े खर्च भी आसानी से पूरे हो सकेंगे.
नॉर्मल जन्मदिन गिफ्ट जैसे खिलौने या गैजेट भले ही बच्चों को थोड़ी देर की खुशी दें, लेकिन फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट लंबे समय तक लाइफ को सेफ और मनी मेकिंग वाला बना सकता है. 5 साल का बच्चा आज इसकी अहमियत नहीं समझेगा, लेकिन जब वह बड़ा होगा तो यही इन्वेस्टमेंट उसके करियर, शिक्षा और फ्यूचर की बड़ी जरूरतों में बेहद काम आएगा.
इस तोहफे की सबसे बड़ी ताकत कंपाउंडिंग के रूप में है, जितना लंबा पैसा निवेशित रहता है, उतना ही यह बढ़ता है, यानी कि केवल सामान्य दर से नहीं, बल्कि तेजी सेय उदाहरण के लिए, अगर ₹5 लाख का निवेश सालाना 12% रिटर्न पर रखा जाए, तो 35 साल में यह राशि लगभग ₹2.6 करोड़ तक पहुंच सकती है.असल में यह शुरुआती राशि का 50 गुना से अधिक है, बिना बच्चे की किसी सक्रिय भागीदारी के.
साल 1 के अंत में: ₹5.6 लाख
साल 10: ₹15.5 लाख से ऊपर
साल 20: ₹48 लाख से अधिक
साल 30: लगभग ₹1.5 करोड़
साल 35: लगभग ₹2.64 करोड़
अगर यही सालाना रिटर्न 13% हो—जो लंबे समय में इक्विटी म्यूचुअल फंड या अन्य मार्केट-लिंक्ड विकल्पों से हासिल किया जा सकता है,तो ₹5 लाख लगभग ₹3.6 करोड़ में बदल सकते हैं.यानीकि जितनी जल्दी आप शुरू करेंगे, निवेश उतना कम होगा और अंतिम राशि अधिक होगी.
इस तरह का कॉर्पस केवल पैसा बनाने का ऑप्शन नहीं है, बल्कि आने वाले कल को सेफ करने का तरीका भी है.इससे जब आपका बच्चा, जब यंग होगा, इसका यूज घर खरीदने, बिजनेस शुरू करने या जल्दी रिटायरमेंट लेने में कर सकता है.हालांकि इसमें भी सही इन्वेस्टमेंट ऑप्शन चुनना जरूरी है.लॉन्ग टर्म के मार्केट रिस्क के लिए तैयार हों तो म्यूचुअल फंड या कुछ ULIP विकल्प सही हो सकते हैं.
-लॉन्ग टर्म तक कंपाउंडिंग वाले विकल्प चुनें
-जल्दी लॉक-इन वाले ऑप्शन तभी चुनें जब यह बच्चे के जरूरी टारगेट से मेल खाता हो
-महंगाई के अनुसार रिटर्न का रिव्यू करें
-ग्रोथ के लिए इक्विटी-हेवी विकल्प सोचें, लेकिन रिस्क क्षमता के अनुसार निर्णय लें.
कंपाउंडिंग तभी सबसे अच्छा काम करता है जब आप इसे दशकों के लिए छोड़ें, सिर्फ कुछ सालों के लिए नहीं. असल में शुरुआती सालों में छोटा निवेश भी फ्यूचर में बड़ी संपत्ति बनाने की नींव रखता है. जबकि ₹5 लाख अगर 20 साल की उम्र में इन्वेस्टमेंट किया जाए, तो 40 साल में यह उतना कॉर्पस नहीं बनाएगा जितना 5 साल की उम्र में निवेश करने पर बन सकता है.(नोट: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए, निवेश के लिए वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव लें)
5 FAQs
Q1. बच्चों के लिए निवेश कब शुरू करना चाहिए?
बच्चे की 5 साल की उम्र से निवेश शुरू करना सबसे बेहतर माना जाता है.
Q2. कंपाउंडिंग क्या होती है?
कंपाउंडिंग में निवेश पर मिलने वाला ब्याज भी आगे ब्याज कमाने लगता है, जिससे धन तेजी से बढ़ता है.
Q3. ₹5 लाख का निवेश ₹2.64 करोड़ कैसे बन सकता है?
लंबे समय तक सही रिटर्न दर पर निवेश करने से कंपाउंडिंग के जरिए यह रकम करोड़ों में बदल सकती है.
Q4. बच्चों के लिए शुरुआती निवेश से क्या फायदा है?
बच्चे की पढ़ाई, करियर और शादी जैसे बड़े खर्च आसानी से पूरे किए जा सकते हैं.
Q5. कौन से निवेश विकल्प बच्चों के लिए सही हैं?
SIP, म्यूचुअल फंड, PPF और पोस्ट ऑफिस स्कीम्स बच्चों के लिए बेहतर विकल्प माने जाते हैं.
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