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एक तरफ ग्लोबल टेंशन और बढ़ती कीमतों की वजह से गोल्ड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
भारतीय परिवारों में गोल्ड केवल इन्वेस्टमेंट का ऑप्शन नहीं है, बल्कि भावनाओं का हिस्सा माना जाता है.असल में शादी-ब्याह हो, त्योहार हो या बचत का प्लान हर एक मौके पर लोग सबसे पहले गोल्ड की तरफ देखते हैं. लेकिन पिछले कुछ टाइम से सोने को लेकर बाजार में एक नया डर और कन्फ्यूजन दोनों बढ़ गए हैं.
एक तरफ ग्लोबल टेंशन और बढ़ती कीमतों की वजह से गोल्ड रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, वहीं दूसरी तरफ लोग इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से लोग कंफ्यूज हैं कि क्या डिजिटल गोल्ड नें निवेश करना चाहिए.
एक्सपर्ट पंकज मठपाल ने बताया है कि अभी कुछ समय के लिए सोना खरीदने से बचना चाहिए, चाहे वह फिजिकल हो या डिजिटल.
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अक्सर लोग सोचते हैं कि फिजिकल सोना (बिस्किट या गहने) नहीं खरीदेंगे, लेकिन फोन पे या गूगल पे के जरिए 'डिजिटल गोल्ड' तो ले ही सकते हैं? तो अगर आप भी ऐसा सोच रहे हैं, तो एक्सपर्ट की राय आपको चौंका सकती है.
जी हां फाइनेंशियल एक्सपर्ट पंकज मठपाल ने इस पर बड़ा इनपुट दिया है. उनका कहना है कि निवेशकों को फिलहाल न केवल फिजिकल बल्कि डिजिटल गोल्ड खरीदने से भी बचना चाहिए.
डिजिटल गोल्ड फिजिकल गोल्ड होल्डिंग्स से जुड़ा है और इसलिए यह इकॉनमी में गोल्ड पर निर्भरता कम करने के बड़े मकसद से पूरी तरह मेल नहीं खा सकता है. जब आप कंपनियों के प्लेटफॉर्म से डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं, तो फिजिकल गोल्ड की उतनी ही मात्रा आमतौर पर प्रोवाइडर द्वारा इंश्योर्ड, सुरक्षित वॉल्ट में स्टोर की जाती है.
सीधी बात यह है कि डिजिटल गोल्ड भी इकॉनमी में सोने पर निर्भरता कम करने के सरकार के बड़े मकसद में फिट नहीं बैठता. इसलिए, एक्सपर्ट्स की सलाह है कि अभी कुछ समय के लिए 'सोना' किसी भी रूप में न खरीदें.
अगर गोल्ड में निवेश करना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट जल्दबाजी के बजाय बैलेंस प्लानिंग अपनाने की सलाह देते हैं
1. पूरा पैसा गोल्ड में न लगाएं
पोर्टफोलियो का सीमित हिस्सा ही गोल्ड में रखें
2. SIP की तरह धीरे-धीरे निवेश करें
एक बार में बड़ी खरीदारी करने के बजाय चरणबद्ध निवेश बेहतर हो सकता है
3. लक्ष्य साफ रखें

अगर आपके पास निवेश के लिए एक्स्ट्रा पैसा है और गोल्ड में नहीं डाल पा रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स से सलाह अब लें
लॉन्ग टर्म के लिए पैसा लगाना चाहते हैं, तो यूचुअल फंड फिलहाल सोने से बेहतर रिटर्न दे सकते हैं.
शादियों के लिए सोना खरीदना ही चाहते हैं, तो बाजार के स्थिर होने और ड्यूटी के असर को देखने के लिए कुछ महीने का इंतजार करना समझदारी होगी.
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर भी नजर रखनी होगी, क्योंकि इसकी कीमतें भी मार्केट रेट से जुड़ी होती हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से आग्रह किया था कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कम से कम एक साल तक सोने की खरीदारी टाल दें. सरकार का मानना है कि अगर भारतीय अपनी इस 'सोने की भूख' पर लगाम लगाते हैं, तो रुपया मजबूत होगा और हम ग्लोबल मार्केट में बेहतर स्थिति में होंगे.
ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार ने सोना खरीदने पर कोई बैन (प्रतिबंध) नहीं लगाया है. आप चाहें तो खरीद सकते हैं, लेकिन बढ़ी हुई इंपोर्ट ड्यूटी और एक्सपर्ट्स की सलाह को देखते हुए यह एक 'घाटे का सौदा' साबित हो सकता है.
आपको बता दें कि कि गोल्ड आज भी एक अहम एसेट माना जाता है, लेकिन मौजूदा हाई प्राइस और बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशकों को सोचकर ही फैसला लेने की सलाह दी जा रही है. इसके लिए सबसे जरूरी बात यह है कि गोल्ड पर कोई सरकारी बैन नहीं है,डिजिटल गोल्ड अवैध नहीं है और निवेश का सही तरीका व्यक्ति की जरूरतों पर निर्भर करता है. तो फिर इसलिए किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले फैक्ट्स की चेक करना और जरूरत पड़ने पर फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेना बेहतर माना जाता है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या डिजिटल गोल्ड खरीदने से भी देश की इकॉनमी पर दबाव पड़ता है?
हां, क्योंकि आपके डिजिटल गोल्ड के बदले कंपनियां असली सोना खरीदकर ही स्टोर करती हैं, जिससे देश का पैसा बाहर जाता है
Q2 मेरे पास रखे पुराने सोने की कीमत पर इस फैसले का क्या असर होगा?
फायदा होगा! नया सोना महंगा होने से आपके पास रखे पुराने गहनों की मार्केट वैल्यू भी अपने आप बढ़ जाएगी
Q3 घर में शादी है, तो क्या अभी सोना खरीदना बिल्कुल बंद कर दें?
नहीं, पर सिर्फ उतना ही खरीदें जितना रस्मों के लिए जरूरी हो, भारी निवेश वाली खरीदारी कुछ महीने टालना बेहतर है
Q4 क्या सरकारी गोल्ड बॉन्ड (SGB) खरीदना भी अब महंगा हो जाएगा?
हां, क्योंकि बॉन्ड की कीमत सीधे मार्केट रेट से जुड़ी होती है, बाजार में दाम बढ़ेंगे तो बॉन्ड भी महंगा मिलेगा