कई कर्मचारियों को लगता है कि PF जमा न होना सिर्फ कंपनी की लापरवाही है. लेकिन, असल में इसके पीछे एक बड़ा सिस्टम काम करता है. आज के समय में कोई भी कंपनी सीधे PF जमा नहीं कर सकती है, उसे पहले कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियोक्ता पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होता है.
तो फिर इसीलिए सबसे बड़ा सवाल ये है कि एंप्लॉयर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है और इसके बिना PF जमा क्यों नहीं हो सकता है.
पहले समझ लीजिए पूरा नियम
Add Zee Business as a Preferred Source
- ईपीएफओ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
- ECR अपलोड करना जरूरी
- पूरा सिस्टम डिजिटल हो चुका है
- 2012 से यह नियम लागू
एंप्लॉयर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी क्यों है?
क्योंकि अब PF का पूरा सिस्टम ऑनलाइन हो चुका है
- पहले: मैन्युअल जमा होता था
- अब: सब कुछ डिजिटल
- पारदर्शिता
- ट्रैकिंग आसान हो
- फर्जीवाड़ा कम हो
- तो इसलिए एंप्लॉयर पोर्टल अनिवार्य किया गया.
एंप्लॉयर पोर्टल के बिना PF जमा क्यों नहीं हो सकता?
- 1 अप्रैल 2012 के बाद से कोई भी कंपनी बिना चालान जनरेट किए PF जमा नहीं कर सकती
- वैसे चालान कहां से बनता है तो एंप्लॉयर पोर्टल से
- मतलब पोर्टल के बिना पेमेंट नहीं हो सकता है
ECR क्या होता है और क्यों जरूरी है?
- कंपनियों के लिए EPFO में हर महीने जमा होने वाली एक डिजिटल रिपोर्ट है
- इसमें कर्मचारी का UAN, सैलरी और कटे हुए PF की पूरी जानकारी होती है
- इसे हर महीने की 15 तारीख तक ऑनलाइन जमा करना जरूरी है
- इससे PF का पूरा हिसाब-किताब पारदर्शी रहता है और कर्मचारी का पैसा समय पर जमा होता है
- अब रिटर्न भरना और पैसे जमा करना अलग-अलग हो गया है, जिससे काम आसान हुआ है
- अब गलत रिटर्न जमा होने पर उसे सुधारना पहले से ज्यादा आसान है
- यह कंपनी और EPFO के बीच पैसे के लेनदेन की एक मजबूत डिजिटल कड़ी है.
EPFO पेमेंट सिस्टम को समझें
- पोर्टल रजिस्ट्रेशन- जरूरी
- ECR अपलोड- जरूरी.
- चालान जनरेट- जरूरी.
- पेमेंट-तभी संभव.
अगर कंपनी रजिस्टर नहीं करती तो क्या होगा?
- सबसे बड़ा नुकसान कर्मचारियों को.
- PF जमा नहीं होगा.
- पासबुक में एंट्री नहीं आएगी.
- भविष्य की बचत प्रभावित होगी.
पुराने ड्यू कैसे जमा होते हैं?
- अगर पुराने बकाया हैं.
- तो कंपनी को पोर्टल पर जाकर.
- चालान मैन्यूली फिल करना होगा.
- उसके बाद पेमेंट किया जाएगा.
आपके कल में क्या बदलेगा?
- कंपनियों को पूरा सिस्टम ऑनलाइन अपनाना होगा.
- पीएफ ट्रैक करना आसान होगा.
- कर्मचारियों को पारदर्शिता मिलेगी.
| स्टेप | क्या है? (Requirement) | असर (Impact) |
| पोर्टल रजिस्ट्रेशन | कंपनी का ऑनलाइन पंजीकरण | इसके बिना PF जमा होना नामुमकिन है |
| ECR फाइलिंग | डिजिटल डेटा रिपोर्ट (हर महीने) | कर्मचारी के खाते में पैसे की सही एंट्री
|
| चालान जनरेट करना | पेमेंट के लिए सरकारी पर्ची | 15 तारीख की डेडलाइन का पालन जरूरी |
| फाइनल पेमेंट | नेट बैंकिंग/SBI के जरिए | पैसा सीधे कर्मचारी की पासबुक में दिखेगा
|
| KYC वेरिफिकेशन | पोर्टल पर डेटा मिलान | डेटा गलत होने पर रिटर्न रिजेक्ट हो जाएगा
|
आपके लिए इसके क्या हैं मायने?
- अगर आप कर्मचारी हैं तो चेक करें PF जमा हो रहा है या नहीं
- अगर PF नहीं दिख रहा तो कंपनी से पूछें
- अगर आप एंपलॉयर हैं तो पोर्टल पंजीकरण अनिवार्य है
अब क्या करें?
- यूएनए पासबुक चेक करें
- एचआर से ECR स्टेटस पूछें
- पीएफ कटौती सत्यापित करें
आपके काम की बात
आपको बता दें कि PF सिस्टम अब पूरी तरह डिजिटल है.तो फिर एंपलॉयर पोर्टल के बिना न चालान बनेगा न पैसा जमा होगा और इसका सीधा असर कर्मचारी की बचत पर पड़ेगा.