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हाल ही में देश के करोड़ों पीएफ खाताधारकों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर की.असल में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक अहम फैसला लेते हुए 1,000 रुपये तक बैलेंस वाले बंद (इनऑपरेटिव) खातों का पैसा ऑटो-रिफंड करने की तैयारी शुरू की.यानी कि इससे लाखों लोगों को अपने छोटे-छोटे अटके हुए पीएफ अमाउंट के लिए न आवेदन देना पड़ेगा और न ही दफ्तरों के चक्कर काटने होंगे. पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा.तो चलिए अब हम 1000 रुपए का पूरा खेल समझते हैं.
EPF Rules के अनुसार, यदि किसी खाते में लगातार 36 महीने (3 साल) तक कोई नया अंशदान नहीं आता है, तो उसे इनऑपरेटिव या निष्क्रिय मान लिया जाता है.वैसे अक्सर नौकरी बदलने, पीएफ ट्रांसफर न कराने, रिटायरमेंट या जानकारी की कमी के कारण ऐसे खाते निष्क्रिय हो जाते हैं,लेकिन कई बार छोटी रकम होने की वजह से लोग क्लेम करने की जहमत भी नहीं उठाते, और पैसा सालों तक पड़ा रह जाता है.

हालांकि ईपीएफओ के मुताबिक 58 साल की आयु तक ऐसे खातों पर ब्याज मिलता रहता है, लेकिन छोटी रकम वाले लाखों अकाउंट लंबे समय से अनक्लेम्ड पड़े थे,तो अब EPFO ने इन्हें साफ करने का अभियान शुरू किया है.
हालांकि इस मामले में अलग से आवेदन की जरूरत नहीं है, लेकिन फिर भी कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखना फायदेमंद होगा
अगर किसी सदस्य का बैंक खाता या आधार लिंक नहीं है, तो ऐसी स्थिति में भुगतान अटक सकता है.तो इसलिए डिजिटल डिटेल्स अपडेट रखना भी बहुत ही जरूरी है.

EPFO देश की सबसे बड़ी रिटायरमेंट सेविंग संस्था है, जिससे करोड़ों कर्मचारियों की बचत जुड़ी है.असल में छोटे-छोटे बैलेंस लंबे समय तक फंसे रहने से न केवल सदस्यों का पैसा अटका रहता है, बल्कि सिस्टम पर भी बोझ बढ़ता जाता है.तो अब इसलिए ऑटो-रिफंड का यह कदम प्रशासनिक सुधार और सदस्य हित दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
वैसे सीधी बात करें तो अगर आपके पुराने पीएफ खाते में 1,000 रुपये तक की रकम फंसी है और वह 36 महीने से निष्क्रिय है, तो अब राहत मिल सकती है.जी हां पैसा सीधे खाते में आएगा बिना आवेदन, बिना लाइन और बिना झंझट. तो इसलिए यह कदम साफ संकेत देता है कि EPFO अपने प्रोसेस को आसान और डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. जी हां आने वाले समय में पीएफ से जुड़ी सेवाएं और भी सरल और पारदर्शी होने की उम्मीद है.
FAQs
Q1. किन खातों को ऑटो-रिफंड मिलेगा?
जिन EPF खातों में 1,000 रुपये या उससे कम बैलेंस है और वे 36 महीने से इनऑपरेटिव हैं
Q2. क्या इसके लिए आवेदन करना होगा?
नहीं। अगर आधार और बैंक डिटेल लिंक हैं तो पैसा अपने-आप ट्रांसफर होगा
Q3. इनऑपरेटिव खाता किसे कहते हैं?
जब 36 महीने तक कोई नया अंशदान नहीं आता, तो खाता निष्क्रिय माना जाता है
Q4. अगर खाताधारक की मृत्यु हो चुकी हो तो?
राशि नामिनी या कानूनी वारिस को EPFO नियमों के अनुसार दी जाएगी
Q5. पैसा कब तक खाते में आ सकता है?
प्रोसेस चरणबद्ध तरीके से होगा। KYC सही होने पर जल्द क्रेडिट की उम्मीद है
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