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क्या है EPF और VPF और में क्या अंतर है? (फोटो सोर्स : प्रतीकात्मक)
आज की नौकरी, कल की सुरक्षा तय करती है.हर महीने आपकी सैलरी से कटने वाला EPF (Employees’ Provident Fund) आपको रिटायरमेंट के लिए एक बेस देता है, लेकिन क्या यह काफी है?
तो अगर जवाब नहीं है, फिर तो VPF यानी Voluntary Provident Fund आपके लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है.इस आर्टिकल में हम सीधे जवाब देंगे कि आखिर VPF क्या है, EPF से कैसे अलग है और क्यों यह आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग को मजबूत बना सकता है?
अगर आप ज्यादा बचत करना चाहते हैं, तो VPF सबसे सेफ और आसान ऑप्शन है.
सीधी बात: EPF बेस देता है, VPF उसे बूस्ट करता है
सबसे खास बात: आप अपनी बेसिक सैलरी का 100% तक भी VPF में डाल सकते हैं
EPF और VPF में क्या अंतर है?
| पॉइंट | EPF (Employee Provident Fund) | VPF (Voluntary Provident Fund) |
| योगदान | 12% अनिवार्य | इच्छानुसार |
| एंप्लॉयर योगदान | हां | जी नहीं |
| ब्याज | तय (लगभग 8.25%) | EPF के बराबर |
| लिमिट | तय | बेसिक सैलरी का 100% तक |
| रिस्क | बहुत कम | बहुत ही कम |
रिस्क लेबल: Low
स्टेबिलिटी: High
मतलब: बचत , रिटर्न, टैक्स फायदा यानी कि ट्रपल बेनेफिट्स

आप बैलेंस चेक कर सकते हैं:
यह भी पढ़ें: EPFO के 7 रूल नहीं समझे तो फंस जाएगा आपका PF का पैसा! रिटायरमेंट से पहले जानें A TO Z सारी जानकारी
इतना तो साफ है कि हो सकता है कि EPF आपकी मजबूरी है और VPF आपकी समझदारी हो. तो फिर इसलिए अगर आप अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं, तो VPF एक ऐसा विकल्प है जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या VPF सभी के लिए है?
नहीं, सिर्फ EPF में रजिस्टर्ड सैलरीड कर्मचारियों के लिए
Q2 क्या VPF में लॉक-इन होता है?
हां, EPF के नियम लागू होते हैं
Q3 क्या VPF का ब्याज बदलता है?
हर साल सरकार तय करती है
Q4 क्या VPF FD से बेहतर है?
लॉन्ग टर्म में हां, क्योंकि ब्याज ज्यादा और टैक्स फायदा मिलता है