EPS पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, EPFO ने किया ऐलान; अब घर बैठे ही हो जाएगा ये काम

बुजुर्ग पेंशनर्स के लिए बाहर जाकर DLC बनवाना अक्सर परेशानी का कारण बन जाता है. उम्र बढ़ने के बाद बैंक की लाइनें, तकनीकी दिक्कतें और बार-बार दफ्तर जाना आसान नहीं होता. अब EPFO ने इस झंझट को खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे पेंशनर्स को सीधी राहत मिलने वाली है.
EPS पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, EPFO ने किया ऐलान; अब घर बैठे ही हो जाएगा ये काम

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने EPS पेंशन पाने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत दी है. अब पेंशन जारी रखने के लिए जरूरी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा कराने के लिए न बैंक जाना होगा, न EPFO ऑफिस. EPFO ने इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (IPPB) के साथ मिलकर एक फ्री डोरस्टेप सर्विस शुरू की है, जिसके तहत पोस्टमैन खुद पेंशनर्स के घर आकर यह प्रक्रिया पूरी करेंगे.

क्यों शुरू की गई यह सुविधा

EPFO ने यह कदम खास तौर पर उन पेंशनर्स को ध्यान में रखकर उठाया है, जो उम्र, बीमारी या संसाधनों की कमी के कारण स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं कर पाते या बैंक और दफ्तर तक नहीं पहुंच सकते. 9 जनवरी 2025 को जारी सर्कुलर में EPFO ने साफ किया कि यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क होगी और इसके लिए पेंशनर से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा.

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इस नई व्यवस्था के तहत, जिन EPS पेंशनर्स का लाइफ सर्टिफिकेट जमा होना बाकी है, उनके पास पोस्टमैन या डाक सेवक खुद जाएंगे. वे पेंशनर का डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट मौके पर ही रजिस्टर करेंगे. इस सेवा का पूरा खर्चा EPFO उठाएगी. यानी पेंशनर्स को अपनी जेब से एक रुपया भी नहीं देना पड़ेगा.

इस सेवा का फायदा कैसे लें?

EPS पेंशनर्स इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के कस्टमर केयर नंबर 033-22029000 पर कॉल करके होम विजिट का अनुरोध कर सकते हैं. इसके बाद पोस्टमैन तय समय पर घर आकर जीवन प्रमाण पत्र की प्रक्रिया पूरी करेंगे. पूरे प्रोसेस की बात करें तो डोरस्टेप सेवा का लाभ लेने के लिए पेंशनर को सबसे पहले अनुरोध करना होगा. जिसके बाद IPPB का कर्मचारी यह जांच करेगा कि DLC वास्तव में बकाया है या नहीं. साथ ही PPO और आधार में नाम व जन्मतिथि का मिलान किया जाएगा. इसके बाद फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी या अन्य बायोमेट्रिक तरीके से DLC जनरेट किया जाएगा. इसके अलावा पेंशनर्स चाहें तो बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर, डाकघर, EPFO ऑफिस, उमंग ऐप या पोस्टमैन के जरिए DLC जमा कर सकते हैं.

DLC क्या है और यह क्यों जरूरी है?

डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट से यह साबित होता है कि पेंशन पाने वाला व्यक्ति जीवित है. इस सर्टिफिकेट के बिना पेंशन जारी नहीं रह सकती. यह आधार से जुड़े बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए बनता है जिसमें फिंगर प्रिंट या फेस आइडेंटिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है. EPS पेंशनर्स के लिए सबसे खास बात यह है कि वे साल के किसी भी समय DLC जमा कर सकते हैं और एक बार जमा करने पर यह 12 महीने तक मान्य रहता है.

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EPFO पहले से ही फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दे रहा है, जिससे पेंशनर्स मोबाइल फोन से घर बैठे DLC जमा कर सकें. लेकिन जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, उनके लिए यह डोरस्टेप सुविधा बेहद जरूरी है. यह पहल बुजुर्ग और असहाय पेंशनर्स के लिए बेहद मददगार साबित होगी. अब उन्हें लाइन में लगने, बार-बार बैंक जाने या तकनीकी दिक्कतों से जूझने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

DLC सबमिशन कब पूरा माना जाएगा?

डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तब सफल माना जाएगा, जब यह IPPB ऑपरेटर द्वारा बनाया गया हो और पहले से ड्यू हो या अगले 30 दिनों में ड्यू होने वाला हो. EPFO सिस्टम में जानकारी वेरिफाई होने के बाद इसे अप्रूव किया जाएगा. एक बार अप्रूव होने पर पेंशन अगले 12 महीनों तक बिना रुकावट मिलती रहेगी.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. EPS पेंशनर्स के लिए EPFO ने कौन-सी नई सुविधा शुरू की है?

EPFO ने IPPB के साथ मिलकर मुफ्त डोरस्टेप डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (DLC) सेवा शुरू की है.

2. क्या इस सेवा के लिए पेंशनर्स को कोई शुल्क देना होगा?

नहीं, यह सेवा पूरी तरह मुफ्त है और पेंशनर से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा.

3. घर पर DLC बनवाने के लिए क्या करना होगा?

पेंशनर को IPPB कस्टमर केयर पर कॉल कर होम विज़िट का अनुरोध करना होगा.

4. डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र कितने समय तक मान्य रहता है?

एक बार जमा किया गया DLC पूरे 12 महीनों तक वैध रहता है.

5. क्या स्मार्टफोन न होने पर भी यह सुविधा मिलेगी?

हां, पोस्टमैन खुद घर आकर बायोमेट्रिक के जरिए DLC बना देंगे.

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