नौकरी बदलते समय PF ट्रांसफर में देरी की सबसे बड़ी वजह अक्सर Annexure-K बन जाता है. तो अगर नाम, KYC, Date of Exit या कंपनी रिकॉर्ड में गड़बड़ी हो तो PF महीनों तक अटक सकता है.जानिए Annexure-K क्या है, PF ट्रांसफर क्यों रुकता है और इसे बिना झंझट कैसे पूरा करें.
1/8नौकरी बदलना आजकल आम बात है. लेकिन जब आप एक कंपनी छोड़कर दूसरी में जाते हैं, तो आपका प्रोविडेंट फंड (PF) भी साथ ट्रांसफर करना होता है. और यहीं से शुरू होती है असली परेशानी.कई बार महीनों तक पैसा अटका रहता है और लोगों को समझ नहीं आता कि आखिर हो क्या रहा है, इस सबके पीछे अक्सर एक नाम होता है एनेक्जर-K (Annexure-K).
2/8इसे आप एक ट्रांसफर रिपोर्ट समझ सकते हैं। जब आप पुरानी कंपनी से नई कंपनी में PF ट्रांसफर करते हैं, तो EPFO का क्षेत्रीय कार्यालय एक दस्तावेज तैयार करता है, इसी दस्तावेज को एनेक्जर-K कहते हैं.इस दस्तावेज में आपकी पूरी जानकारी होती है जैसे कि आपका नाम, पुरानी कंपनी में कब से कब तक काम किया, कितना पैसा जमा हुआ, उस पर कितना ब्याज मिला और आपकी पुरानी व नई मेंबर आईडी क्या है.जब तक नई कंपनी का PF ऑफिस इस रिपोर्ट को देख और जांच नहीं लेता, तब तक वह आपका पुराना PF फंड स्वीकार नहीं करता. यह इसलिए जरूरी है ताकि यह पक्का हो सके कि पैसा सही इंसान के खाते में जा रहा है.
3/8बहुत से लोग सोचते हैं कि ऑनलाइन पोर्टल पर क्लेम का बटन दबा दिया, बस काम हो गया. लेकिन असलियत में कई वजहें हैं जिनसे ट्रांसफर बीच में फंस जाता है. नाम या जानकारी में अंतर होना सबसे बड़ी समस्या है, अगर पुरानी कंपनी के रिकॉर्ड में आपका नाम या पिता का नाम अलग तरीके से लिखा है और नई कंपनी में अलग, तो एनेक्जर-K बन ही नहीं पाएगा. नौकरी छोड़ने की तारीख न डालना भी बड़ी वजह है. अगर पुरानी कंपनी ने आपकी 'Date of Exit' यानी नौकरी छोड़ने की तारीख EPFO पोर्टल पर अपडेट नहीं की है, तो ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी ही नहीं.
4/8KYC अधूरा होना भी एक बड़ी रुकावट है.आधार, पैन और बैंक खाता अगर आपके UAN से सही तरीके से लिंक नहीं है, तो सिस्टम एनेक्जर-K को प्रोसेस करने में असमर्थ हो जाता है.कंपनी का अपना PF ट्रस्ट होना भी देरी का कारण बनता है. कुछ बड़ी कंपनियों का खुद का PF ट्रस्ट होता है, जिन्हें 'Exempted Establishment' कहते हैं.ऐसे मामलों में एनेक्जर-K मैन्युअली तैयार करना पड़ता है, जिसमें ज्यादा समय लगता है.
5/8अगर आप चाहते हैं कि आपका PF बिना किसी देरी के ट्रांसफर हो जाए, तो कुछ जरूरी बातों का पहले से ध्यान रखें.जी हां UAN और KYC को अपडेट रखें. अपना UAN एक्टिव रखें और आधार, पैन और बैंक खाता उससे सही तरीके से लिंक करें. इससे डेटा मिसमैच की दिक्कत नहीं आएगी. Date of Exit जरूर चेक करें. EPFO पोर्टल पर अपनी Service History में जाकर देखें कि पुरानी कंपनी ने आपकी नौकरी छोड़ने की तारीख दर्ज की है या नहीं,तो अगर नहीं की, तो तुरंत HR से कहें कि वो इसे अपडेट करें.
6/8एक बात याद रखें कि एक बार में एक ही रिक्वेस्ट डालें बहुत से लोग घबराकर बार-बार ट्रांसफर रिक्वेस्ट डालते रहते हैं.तो ऐसा न करें, इससे प्रक्रिया और उलझ जाती है. नियोक्ता का डिजिटल सिग्नेचर रजिस्टर्ड होना चाहिए. आपके पुराने या नए नियोक्ता (Employer) का डिजिटल सिग्नेचर EPFO पोर्टल पर रजिस्टर्ड होना जरूरी है.असल में इसके बिना क्लेम को डिजिटल मंजूरी नहीं मिलती.
7/8अगर आपने ट्रांसफर रिक्वेस्ट डाल दी है और वह 'Pending' दिखा रही है, तो निराश होने की जरूरत नहीं. कुछ रास्ते हैं जिनसे आप समस्या सुलझा सकते हैं.EPFiGMS पोर्टल पर शिकायत करें, यह EPFO का आधिकारिक शिकायत पोर्टल है.यहां जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें और एनेक्जर-K की स्थिति पूछें.या फिर पुरानी कंपनी से सीधे संपर्क करें.अगर पुरानी कंपनी का खुद का PF ट्रस्ट था, तो उनसे एनेक्जर-K की कॉपी मांगें.RTI यानी सूचना का अधिकार इस्तेमाल करें.तो अगर बहुत ज्यादा देरी हो रही है और कोई जवाब नहीं मिल रहा, तो आप RTI के जरिए EPFO से अपने फंड की पूरी जानकारी मांग सकते हैं.
8/8PF का पैसा आपकी खून-पसीने की कमाई है. नौकरी बदलते समय सिर्फ नई सैलरी की बात न करें. पुरानी कंपनी से विदा लेते वक्त यह भी सुनिश्चित करें कि आपकी Date of Exit अपडेट हो गई है और ट्रांसफर की प्रक्रिया सही तरह से शुरू हो गई है. थोड़ी सी सावधानी आपको महीनों की परेशानी से बचा सकती है.