EPFO की EDLI स्कीम के तहत नौकरीपेशा लोगों को 7 लाख तक का फ्री बीमा कवर मिलता है, लेकिन नौकरी बदलने पर यह जारी रहेगा या नहीं, यह PF अकाउंट की एक्टिव स्थिति पर निर्भर करता है.तो जानिए सही नियम, UAN की भूमिका और क्लेम से जुड़ी जरूरी बातें.
1/8अगर आप प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं और आपका PF कटता है, तो आपको EPFO की EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance) स्कीम के तहत फ्री लाइफ इंश्योरेंस मिलता है. इसमें कर्मचारी को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता, पूरा खर्च कंपनी उठाती है.असल में इस स्कीम के तहत बीमा कवर अधिकतम ₹7 लाख तक हो सकता है. साफ शब्दों में कहें तो अगर किसी कर्मचारी के साथ अनहोनी हो जाती है, तो उसके परिवार को यह आर्थिक मदद मिलती है.
2/8अब सबसे बड़ा सवाल है कि क्या नौकरी बदलते ही यह 7 लाख का कवर खत्म हो जाता है? तो बता दें जवाब है कि जरूरी नहीं, लेकिन यह पूरी तरह आपकी स्थिति पर डिपेंड करता है. जी हां अगर आप एक नौकरी छोड़कर तुरंत दूसरी जॉइन कर लेते हैं और आपका PF अकाउंट एक्टिव रहता है, तो आपका बीमा कवर जारी रहता है. लेकिन अगर नौकरी के बीच लंबा गैप आ जाता है और उस दौरान PF में कोई योगदान नहीं होता, तो बीमा कवर प्रभावित हो सकता है.
3/8कई जगह यह दावा किया जा रहा है कि EPFO ने 2026 में नया 60 दिन का नियम लागू किया है, जिसमें नौकरी बदलने पर 2 महीने तक का गैप भी मान्य होगा. लेकिन सच्चाई यह है कि ऐसा कोई साफ और आधिकारिक नया नियम EPFO ने सार्वभौमिक रूप से घोषित नहीं किया है.यह कुछ मामलों में इंटरप्रिटेशन या HR प्रैक्टिस हो सकती है.तो इसलिए इस बात पर पूरी तरह भरोसा करना सही नहीं होगा.
4/8नौकरी बदलते समय एक गलती आपका बड़ा नुकसान कर सकती है नया UAN बनवा लेना.तो इसलि ए हमेशा ध्यान रखें कि नई कंपनी को पुराना UAN ही दें,KYC और आधार लिंक होना चाहिए,e-Nomination जरूर अपडेट रखें. इससे आपकी PF हिस्ट्री जुड़ी रहती है और बीमा कवर जारी रहने की संभावना बनी रहती है.
5/8आपको बता दें कि स्थितियों में EDLI कवर पर असर पड़ सकता है, जैसे नौकरी के बीच लंबा गैप आना,PF में नियमित योगदान बंद होना,UAN सही से लिंक न होना,नॉमिनी अपडेट न होना.यानी आसान भाषा में समझें तो अगर PF अकाउंट एक्टिव नहीं है, तो बीमा भी खतरे में पड़ सकता है.
6/8EDLI के तहत मिलने वाली राशि फिक्स नहीं होती, बल्कि यह कुछ फैक्टर्स पर निर्भर करती है जैसे कि आपकी सैलरी PF योगदान, सर्विस अवधि.हालांकि अधिकतम लिमिट ₹7 लाख तक तय है. अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु नौकरी शुरू करने के एक साल के भीतर ही हो जाती है, तब उसके परिवार को कम से कम ₹50,000 का बीमा लाभ दिया जा सकता हैय यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो हाल ही में वर्कफोर्स का हिस्सा बने हैं.
7/8अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी को यह प्रक्रिया अपनानी होती है,जैसे-Form 5IF भरना होता है,डेथ सर्टिफिकेट और KYC डॉक्यूमेंट जमा करने होते हैं.वैसे नियम के अनुसार, फॉर्म जमा होने के 30 दिनों के भीतर ईपीएफओ को पैसा रिलीज करना होता है। अगर देरी होती है, तो ईपीएफओ को ब्याज भी देना पड़ सकता है.
8/8EPFO की EDLI स्कीम नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच है, लेकिन यह तभी काम करता है जब आपका PF अकाउंट एक्टिव रहे.तो याद रखने वाली बातें हैं कि नौकरी बदलते समय UAN वही रखें,PF योगदान जारी रहे,नॉमिनी अपडेट हो..तो अगर ये चीजें सही हैं, तो आपका 7 लाख का बीमा कवर सुरक्षित रहेगा.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)