EPFO Benefits: ईपीएफओ हर नौकरी करने वाले के लिए जरूरी होता है. इसपर मिलने वाला ब्याज हमको फ्यूचर में धनवान बनाने का काम करता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि असल में ईपीएफओ के 5 ऐसे फायदे भी होते हैं जो टैक्स सेविंग्स से लेकर पेंशन देने तक का काम करते हैं.
1/9अक्सर जब हमें पहली सैलरी मिलती है, तो फिर हम सभी के मन में एक ही सवाल होता है कि मेरी पूरी पगार क्यों नहीं मिली? यह PF के नाम पर पैसे क्यों कट गए? अगर आप भी ऐसा सोचते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) केवल एक सरकारी कटौती नहीं, बल्कि नौकरीपेशा लोगों के लिए सबसे सुरक्षित और फायदेमंद निवेश है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आपकी सैलरी से कटने वाला यह पैसा फ्यूचर में कैसे 'बड़ा जैकपॉट' साबित होता है.
2/9EPF का सबसे बड़ा रूल यह है कि जितना पैसा आपकी बेसिक सैलरी से कटता है (आमतौर पर 12%), उतनी ही रकम आपकी कंपनी (Employer) को भी आपके खाते में डालनी पड़ती है.इसका फायदा ये होता है कि अगर आपकी जेब से ₹2,000 कटे, तो आपके खाते में ₹4,000 जमा होंगे.तो यह सीधा 100% का मुनाफा है जो किसी और स्कीम में नहीं मिलता है.
3/9सरकार हर साल ईपीएफ पर ब्याज दर (Interest Rate) तय करती है.वैसे इसकी खास बात ये है कि यह साधारण ब्याज नहीं है.असल में इसमें आपको ब्याज पर भी ब्याज मिलता है.जी हां 20-30 साल की नौकरी के दौरान यह छोटी सी कटौती एक बहुत बड़े फंड (Corpus) में बदल जाती है, जो रिटायरमेंट के समय करोड़ों में भी हो सकती है.
4/9आपकी कंपनी जो 12% हिस्सा जमा करती है, उसका एक बड़ा भाग (करीब 8.33%) कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है.तो अगर आपने लगातार 10 साल तक नौकरी की है, तो रिटायरमेंट के बाद आपको आजीवन मासिक पेंशन मिलती है.असल में यह बुढ़ापे में सम्मान से जीने का जरिया बनता है.
5/9कई लोगों को लगता है कि PF का पैसा सिर्फ रिटायरमेंट पर मिलता है, लेकिन ऐसा नहीं है. आप अपनी जरूरी जरूरतों के लिए बीच में भी पैसा निकाल सकते हैं.जैसे शादी और पढ़ाई, बीमारी,घर बनाने के लिए या फिर अगर नौकरी छूट जाए, तो एक महीने बाद आप 75% तक पैसा निकाल सकते हैं.
6/9EPF को भारत सरकार की सेफ्टी मिलती है, इसलिए आपका पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं है.तो फिर इसमें जमा की जाने वाली राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाला पूरा पैसा (नियमों के तहत) टैक्स फ्री होता है. यानी कि आपको अपनी मेहनत की कमाई पर सरकार को टैक्स नहीं देना पड़ता.
7/9मान लीजिए आपकी उम्र 30 साल है और आपकी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर ₹25,000 है.तो इसमें आपका योगदान (12%): ₹3,000 महीना और कंपनी का योगदान (EPF में) लगभग ₹925 महीना (बाकी हिस्सा पेंशन में जाता है) होगा. इस हिसाब से कुल जमा ₹3,925 हर महीने होगा. फिर इसमें ब्याज दर औसत 8.15% मान लेते हैं.
8/9अगर आपकी सैलरी पूरे 30 साल तक बिल्कुल नहीं बढ़ती (जो कि असल में बढ़ती है), तो भी हर महीने जमा होने वाले ₹3,925 चक्रवृद्धि ब्याज के जरिए 60 की उम्र तक करीब ₹59.45 लाख बन सकते हैं. इसमें से आपका कुल निवेश करीब ₹14.13 लाख होगा, जबकि आपको करीब ₹45.32 लाख सिर्फ ब्याज के रूप में मिलेंगे. लेकिन असल जिंदगी में हर साल आपकी सैलरी में कम से कम 5% की बढ़ोतरी जरूर हो सकती है. अगर हम इस 5% सालाना बढ़ोतरी को भी जोड़ लें, तो रिटायरमेंट के समय आपके ईपीएफ (EPF) खाते में करीब ₹1.15 करोड़ जमा होंगे. यह चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत है कि एक छोटा सा दिखने वाला ₹3,000 का निवेश आपको बुढ़ापे में करोड़पति बना सकता है.
9/9EPFO सिर्फ सेविंग स्कीम नहीं, बल्कि लंबी अवधि में पैसा बढ़ाने वाला मजबूत मनी मेकिंग टूल है. असल में इसमें जमा पैसा सुरक्षित रहता है और हर साल मिलने वाला ब्याज इसे तेजी से बढ़ाता है. खास बात यह है कि इसमें टैक्स बेनिफिट, कंपाउंडिंग का फायदा और रिटायरमेंट के लिए मजबूत फंड मिलता है.तो अगर सही प्लानिंग के साथ EPF का यूज किया जाए, तो यह छोटी बचत को बड़े कॉर्पस में बदल सकता है और आपकी फाइनेंशियल सिक्योरिटी को मजबूत बना सकता है.