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कई बार छोटी-छोटी गलतियों की वजह से ईपीएफओ आपके फॉर्म को रिजेक्ट कर देता है (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
पीएफ का पैसा निकालने के लिए जब आप ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भरते हैं, तो बड़ी उम्मीद होती है कि पैसा टाइम पर अकाउंट में आ जाएगा. लेकिन कई बार छोटी-छोटी गलतियों की वजह से ईपीएफओ आपके फॉर्म को रिजेक्ट कर देता है और आपकी मेहनत बेकार हो जाती है.असल में, क्लेम रिजेक्ट होने के पीछे बैंक डिटेल्स का मैच न होना, केवाईसी अधूरा रहना या आधार से जुड़ी जानकारी में अंतर होना जैसी कुछ बड़ी वजहें होती हैं.
तो अगर आप चाहते हैं कि आपका पैसा बिना किसी रुकावट के सीधे बैंक अकाउंट में आ जाए, तो आपको उन 5 गलतियों को समझना होगा जिन्हें अक्सर लोग इग्नोर कर देते हैं। इन कमियों को सुधारकर आप अपना क्लेम पहली बार में ही पास करवा सकते हैं
पीएफ क्लेम तक रिजेक्ट होता जब आपके पीएफ रिकॉर्ड में दर्ज बैंक अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड आपके असली बैंक अकाउंट से मैच नहीं खाता है. इसके अलावा बैंक मर्जर (जैसे कई बैंकों का आपस में विलय होना) के कारण बदले हुए IFSC कोड को अपडेट ना करना भी एक बड़ा कारण होता है.
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अपने UAN पोर्टल पर लॉग इन करें, मैनेज टैब में जाकर KYC ऑप्शन को चुनें और अपने नए व सही बैंक अकाउंट नंबर और सही IFSC कोड को अपडेट करें.इसके बाद अपनी कंपनी (Employer) से इसे डिजिटल रूप से अप्रूव करवाएं.
अक्सर ऐसा होता है कि ऑनलाइन क्लेम करते टाइम अपलोड की गई बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक की फोटो ब्लर होती है, या फिर उस पर आपका नाम, अकाउंट नंबर और IFSC कोड साफ-साफ दिखाई नहीं देता. तो इस कारण से कई बार क्लेम रिजेक्ट हो जाता है.
क्लेम रिजेक्ट ना हो इसके लिए हमेशा बहुत साफ और अच्छी क्वालिटी की फोटो या स्कैन की कॉपी ही अपलोड करें.तो अगर आप चेक अपलोड कर रहे हैं, तो ध्यान रखें कि उस पर आपका नाम साफ अक्षरों में पहले से छपा होना चाहिए.
अक्सर पीएफ का क्लेम नाम और जन्मतिथि के कारण रिजेक्ट होता है. असल में आपके आधार कार्ड, पीएफ अकाउंट और बैंक रिकॉर्ड्स में आपके नाम की स्पेलिंग या जन्मतिथि (Date of Birth) अलग-अलग होती है और फिर खाते में पैसे नहीं आ पाते हैं.
अगर यह अंतर छोटा है, तो आप इसे UAN Portal पर 'Manage' -> 'Modify Basic Details' में जाकर खुद ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं.जी हां, अगर अंतर बहुत ज्यादा है, तो आपको अपनी कंपनी के साथ मिलकर एक Joint Declaration Form (संयुक्त घोषणा पत्र) भरकर ईपीएफओ ऑफिस में जमा करना होगा.
आपकी कंपनी ने आपके रिकॉर्ड में नौकरी शुरू करने की तारीख (Date of Joining) या नौकरी छोड़ने की तारीख (Date of Exit) गलत डाल दी है तो फिर पीएफ का पैसा अटकना तय है.
नौकरी छोड़ने की तारीख को आप नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद UAN Portal पर 'Manage' -> 'Mark Exit' वाले ऑप्शन में जाकर खुद भी अपडेट कर सकते हैं.जॉइनिंग डेट में सुधार के लिए आपको अपनी कंपनी की एचआर (HR) टीम से संपर्क करना होगा.
एक बात याद रकें कि पीएफ एडवांस (Form 31) निकालते समय आपने वह सही कारण या पैराग्राफ नहीं चुना जिसके लिए आप हकदार हैं, या फिर आपने बिना किसी ठोस वजह के ही अप्लाई कर दिया.
एक बात समझ लें कि फॉर्म भरते समय हमेशा अपनी जरूरत के हिसाब से सही कारण (जैसे- बीमारी, शादी, पढ़ाई या घर का निर्माण) चुनें.असल में यह भी ध्यान रखें कि कुछ एडवांस ऑप्शंस के लिए नौकरी का एक निश्चित समय पूरा होना जरूरी होता है.
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आपको बता दें कि कभी अगर पीएफ का पैसा निकाल रहे हैं तो इन 5 चीजों को जरूर चेक कर लें,क्योंकि इनमें से कोई भी एक गलती तक कर दी तो फिर पैसा अटकना तय है. असल में लोगों को लगता है कि ये छोटी सी मिस्टेक है, लेकिन असल में पैसा अटकाने का काम यही करती है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्लेम करने के बाद पैसा आने में कितने दिन लगते हैं?
7 से 15 दिन लगते हैं, अगर केवाईसी अपडेट है, तो पैसा हफ्ते भर में भी आ सकता है
Q2 क्लेम रिजेक्ट होने पर क्या दोबारा अप्लाई कर सकते हैं?
रिजेक्शन की वजह को सुधारकर आप तुरंत दोबारा अप्लाई कर सकते हैं, कोई वेटिंग टाइम नहीं होता
Q3 नौकरी छोड़ने के कितने दिन बाद पूरा पैसा निकाल सकते हैं?
पूरा सेटलमेंट नौकरी छोड़ने के कम से कम 2 महीने (60 दिन) बाद ही किया जा सकता है
Q4 क्लेम का स्टेटस कहां चेक करें?
UAN पोर्टल पर 'Track Claim Status' में जाकर आप देख सकते हैं कि आपका पैसा किस स्टेज पर अटका है
Q5 क्या पीएफ निकालने पर टैक्स भी कटता है?
अगर नौकरी के 5 साल पूरे नहीं हुए हैं, तो टैक्स (TDS) से बचने के लिए फॉर्म 15G जरूर साथ में लगाएं