PF Transfer Claim में कन्फ्यूजन खत्म! Old vs New Employer-किसे दें अटेस्टेशन? जानिए सही तरीका

नौकरी बदलने के बाद PF ट्रांसफर के लिए 'Old' या 'New' Employer में से किसे चुनें? जानें क्लेम जल्दी सेटल कराने का सही तरीका. अगर पुराना डेटा अधूरा है तो ओल्ड एम्प्लॉयर बेस्ट है.सही चुनाव से पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया तेज होगी, EPFO पोर्टल पर सर्विस हिस्ट्री चेक कर ही सही फैसला लें.
PF Transfer Claim में कन्फ्यूजन खत्म! Old vs New Employer-किसे दें अटेस्टेशन? जानिए सही तरीका

Old vs New Employer में से किसको देना चाहिए अटेस्टेशन (फोटो: प्रतीकात्मक)

नौकरी बदलने के बाद PF ट्रांसफर करना जरूरी होता है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यहीं फंस जाता है कि क्लेम किस नियोक्ता (Employer) से अटेस्ट कराएं?.जी हां अगर आपके पुराने और नए दोनों नियोक्ता EPFO पोर्टल पर डिजिटल सिग्नेचर रजिस्टर कर चुके हैं, तो आपके पास ऑप्शन है लेकिन सही चुनाव ही आपके क्लेम की स्पीड तय करेगा.

तो फिर इस खबर का सबसे बड़ा सवाल ये ही है कि PF ट्रांसफर क्लेम के लिए Old या New Employer कौन बेहतर है?

पहले समझिए पूरा मामला

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  • दोनों पंजीकृत नियोक्ता हैं-किसी से भी क्लेम कर सकते हैं
  • डेटा पूरा है -दोनों में प्रोसेस लगभग समान
  • डेटा अधूरा है-ओल्ड इंप्लयार से क्लेम तेज
  • या इंप्लयार से क्लेम-डबल वेरिफिकेशन, ज्यादा समय
  • सही चुनाव-जल्दी PF ट्रांसफर

Employer का चुनाव इतना अहम क्यों है?

क्लेम की स्पीड इस बात पर निर्भर करती है कि आपका डेटा EPFO में कितना पूरा है और कौन उसे जल्दी वेरिफाई कर सकता है

  • गलत चुनाव = देरी
  • सही चुनाव = जल्दी सेटलमेंट

किस employer को क्लेम देना चाहिए?

क्या दोनों employers में से किसी को भी चुन सकते हैं?

  • हां....
  • अगर दोनों ने Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) के OTCP पर डिजिटल सिग्नेचर रजिस्टर किया है
  • तो फिर अगर आप किसी भी employer को चुन सकते हैं

अगर EPFO में पुराना डेटा पूरा है तो क्या फर्क पड़ेगा?

नहीं ओल्ड या न्यू-दोनों से क्लेम करने पर प्रोसेस लगभग एक जैसी रहेगी

EPFO

अगर पुरानी नौकरी का डेटा अधूरा है तो क्या करें?

Old employer को चुनें

  • उनके पास आपकी पूरी डिटेल पहले से होती है
  • वेरिफिकेशन जल्दी होता है
  • क्लेम जल्दी सेटल होता है

New employer से क्लेम करने पर क्या होगा?

प्रक्रिया लंबी हो सकती है

वजह:

  • New employer अटेस्ट करेगा
  • फिर Old employer से अलग से वेरिफिकेशन होगा

एक नजर में समझें बात

  • दोनों पंजीकृत नियोक्ता- किसी को भी चुन सकते हैं
  • डेटा पूरा- प्रोसेस समान
  • डेटा अधूरा- Old employer बेहतर
  • New employer- डबल वेरिफिकेशन

कल से क्या बदलेगा?

  • आप क्लेम डालने से पहले डेटा चेक करेंगे
  • Old vs New employer का चुनाव समझदारी से करेंगे
  • पीएफ ट्रांसफर में देरी कम होगी
    Conditionसही चुनाव क्यों चुनें?क्लेम की स्पीड
    डेटा अधूरा हैपुराना नियोक्ता (Old)उनके पास आपका रिकॉर्ड पहले से हैसबसे तेज
    डेटा पूरा हैकोई भी (Old/New)प्रोसेस दोनों में लगभग एक समान हैसामान्य
    जल्दी पैसा चाहिएपुराना नियोक्ता (Old) डबल वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़तीसुपरफास्ट
    नया रिकॉर्ड शुरू करना हैनया नियोक्ता (New)पुरानी कंपनी से संपर्क नहीं हो पा रहा होधीमी

आपके लिए क्या मायने हैं?

  • अगर नौकरी बदली है तो पहले EPFO में अपना डेटा चेक करें
  • अगर डेटा पूरा है तो किसी भी employer से क्लेम कर सकते हैं
  • अगर डेटा अधूरा है को पुराना employer चुनना बेहतर रहेगा
  • अगर जल्दी पैसा चाहिए तो सही employer चुनना सबसे जरूरी

अब क्या करें?

  • EPFO पोर्टल पर लॉगिन करें
  • अपनी सर्विस हिस्ट्री चेक करें
  • डेटा पूरा/अधूरा देखें
  • उसी हिसाब से employer चुनें

आपके काम की बात

चॉइस आपके पास है, लेकिन सही employer चुनना ही आपके PF क्लेम की स्पीड तय करेगा.जी हां साफ है आप किसी भी employer को चुन सकते हैं, लेकिन सही चुनाव ही आपके PF क्लेम को जल्दी पूरा कराएगा.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 क्या दोनों employers होने पर कोई एक चुनना जरूरी है?

हां, क्लेम के लिए एक employer चुनना होगा

Q2 सबसे तेज क्लेम किससे होगा?

Old employer (अगर डेटा अधूरा है)

Q3 क्या New employer से क्लेम गलत है?

नहीं, बस थोड़ा समय ज्यादा लग सकता है

Q4 क्या EPFO खुद वेरिफिकेशन करता है?

हां, लेकिन employer की अटेस्टेशन जरूरी होती है

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