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अगर आप नौकरी करते हैं और हर महीने आपकी सैलरी से PF कटता है, तो आपने जरूर सोचा होगा कि आखिर ये पैसा जाता कहां है? कितना आपका होता है और कितना कंपनी देती है? जी हां अक्सर लोग सिर्फ कटने वाली रकम देखते हैं, लेकिन EPF (Employee Provident Fund) का पूरा सिस्टम समझना बहुत जरूरी है. क्योंकि यही पैसा आगे चलकर आपकी रिटायरमेंट सुरक्षा, पेंशन और बीमा का पूरा आधार बनता है.
EPF में हर महीने दो तरफ से पैसा जमा होता है
नियोक्ता (Employer): कंपनी करीब 13% योगदान देती है
यानी कुल मिलाकर आपके PF अकाउंट में अच्छा खासा फंड जमा होता रहता है.
बहुत कम लोग जानते हैं कि कंपनी का पूरा पैसा EPF में नहीं जाता, बल्कि यह अलग-अलग हिस्सों में बंटता है.
EPF (Provident Fund): 3.67%
EPS (Pension): 8.33%
EDLI (Insurance): 0.5%
Admin Charges: 0.5%
यानी कि कंपनी का बड़ा हिस्सा आपकी पेंशन (EPS) में जाता है.

मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी ₹14,000 है.
कर्मचारी का योगदान: 12% = ₹1,680 (पूरा EPF में जाएगा)
कंपनी का योगदान: 13% = ₹1,820
अब इसका ब्रेकअप भी समझ लें
EPF: ₹514 (लगभग)
EPS (पेंशन): ₹1,166
बाकी EDLI और चार्जेस में
मतलब कि हर महीने आपका और कंपनी का पैसा मिलकर एक मजबूत फंड बनाता है.
EPF (Provident Fund): यह आपका सेविंग फंड है, जो रिटायरमेंट पर काम आता है.
EPS (Pension Scheme):यह आपकी पेंशन के लिए होता है, जिससे आपको 58 साल के बाद हर महीने पैसा मिलता है.
EDLI (Insurance):अगर नौकरी के दौरान कुछ हो जाता है, तो परिवार को ₹7 लाख तक का बीमा कवर मिलता है.
बहुत लोग सोचते हैं कि PF सिर्फ कटौती है या नौकरी बदलते ही निकाल लेना चाहिए.लेकिन सच ये है कि बार-बार PF निकालने से आपका बड़ा फंड नहीं बन पाता है और इससे पेंशन (EPS) का फायदा भी खत्म हो सकता है.
PF केवल सैलरी से कटने वाला पैसा नहीं, बल्कि आपकी फाइनेंशियल सिक्योरिटी का सबसे मजबूत हिस्सा है. तो अगर आप सही तरीके से PF को समझते हैं और इसे निकालने में जल्दबाजी नहीं करते, तो यह आपके लिए भविष्य में बड़ा फंड बना सकता है. तो इसलिए याद रखें कि आज का छोटा निवेश ही कल की बड़ी सुरक्षा बनता है.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)
FAQs
1. EPF में कर्मचारी कितना योगदान देता है?
कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी और DA का 12% योगदान देता है
2. नियोक्ता (कंपनी) कितना पैसा देती है?
कंपनी करीब 13% योगदान देती है, जो EPF, EPS और EDLI में बंटता है
3. EPS और EPF में क्या फर्क है?
EPF सेविंग के लिए है, जबकि EPS पेंशन के लिए होता है
4. EDLI क्या है?
यह एक बीमा कवर है, जिसमें ₹7 लाख तक का लाभ मिल सकता है
5. क्या PF का पैसा निकालना सही है?
बार-बार निकालना सही नहीं, इससे पेंशन और फंड दोनों पर असर पड़ता है
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