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PF vs EPS difference
PF vs EPS Confusion: नौकरी करने वाले ज्यादातर लोगों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) फ्यूचर की सबसे बड़ी जमा-पूंजी होती है.असल में सैलरी स्लिप में हर महीने कटने वाली रकम देखकर अक्सर लोग समझते हैं कि पूरा पैसा उनके पीएफ खाते में जमा हो रहा है. लेकिन वैसे तो सच्चाई इससे थोड़ी अलग होती है.असल में आपकी सैलरी से जो 12% कटता है, वह पूरा पीएफ में नहीं जाता.जी हां उसका एक हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS में भी जमा होता है.तो यही वजह है कि PF और EPS को लेकर अक्सर कन्फ्यूजन बना रहता है.
जवाब :PF और EPS दोनों अलग-अलग योजनाएं हैं, लेकिन दोनों मिलकर आपके रिटायरमेंट की सुरक्षा करते हैं.
PF आपकी सेविंग्स है, जिस पर हर साल ब्याज मिलता है और नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के समय निकाल सकते हैं.
जबकि EPS एक पेंशन स्कीम है, जो आपको बुढ़ापे में हर महीने तय राशि देती है.
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तो फिर मतलब साफ साफ ये हुआ कि कर्मचारी का पूरा 12% EPF में जाता है, लेकिन नियोक्ता के हिस्से का कुछ भाग पेंशन फंड में ट्रांसफर हो जाता है,तो इसलिए आपका PF बैलेंस उतना ज्यादा नहीं बढ़ता जितना आप सोचते हैं, क्योंकि उसमें से एक हिस्सा पेंशन के लिए अलग हो जाता है.
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी ने 25 साल सेवा की है और उसका पेंशन योग्य वेतन ₹15,000 है, तो पेंशन होगी-15,000 × 25 ÷ 70 = ₹5,357 (लगभग). यानी कि साफ है कि उसे हर महीने करीब 5,300 रुपये पेंशन मिल सकती है.
तो अगर आप लंबे टाइम तक नौकरी में बने रहते हैं और 10 साल से ज्यादा वर्किंग हैं, तो EPS आपके लिए रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम का जरिया बन सकता है. वहीं PF आपको एक बड़ा फंड देता है, जिसे आप इन्वेस्टमेंट या जरूरत के अनुसार यूज कर सकते हैं.
आपको बता दें कि सबसे पहले अपनी सैलरी स्लिप और EPF पासबुक को ध्यान से देखें. आप सबसे समझें कि आपकी सैलरी का कितना हिस्सा कहां जा रहा है.इसलिए कभी बी नौकरी बदलते समय EPS सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर करना न भूलें.जी हां बिना सोचे-समझे पूरा PF निकालना फ्यूचर की पेंशन को नुकसान पहुंचा सकता है.असल में PF और EPS को समझना जरूरी है, क्योंकि यह केवल कटौती नहीं, बल्कि आपके फ्यूचर की सेफ्टी भी है.असल में आज की छोटी-सी जागरूकता, कल की बड़ी राहत बन सकती है.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 PF और EPS में मुख्य अंतर क्या है?
PF आपकी बचत है जिस पर ब्याज मिलता है, जबकि EPS पेंशन योजना है जो रिटायरमेंट के बाद हर महीने तय राशि देती है.
Q2 सैलरी का कितना हिस्सा EPS में जाता है?
नियोक्ता के 12% योगदान में से 8.33% EPS में और 3.67% EPF में जमा होता है
Q3 EPS पेंशन पाने के लिए कितनी सेवा जरूरी है?
कम से कम 10 साल की नौकरी पूरी करना जरूरी है
Q4 पेंशन कैसे कैलकुलेट होती है?
फॉर्मूला है: पेंशन योग्य वेतन × सेवा वर्ष ÷ 70