EPS-95 Pension Rules: 10 साल की नौकरी और पेंशन पक्की! रिटायरमेंट से पहले जानें 7 बातें और फायदे

अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो EPS-95 पेंशन के नियम जानना आपके लिए बहुत जरूरी है. 10 साल की नौकरी पूरी करने पर आप पेंशन के हकदार बन जाते हैं. इस लेख में जानें पेंशन कैलकुलेट करने का फॉर्मूला, 50 साल की उम्र में पेंशन पाने का तरीका और डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का पूरा प्रोसेस.
EPS-95 Pension Rules: 10 साल की नौकरी और पेंशन पक्की! रिटायरमेंट से पहले जानें 7 बातें और फायदे

अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो EPS-95 पेंशन के नियम जानना आपके लिए बहुत जरूरी है (फाइल फोटो)

अगर आप किसी ऐसी कंपनी में काम करते हैं जो ईपीएफओ (EPFO) के दायरे में आती है, तो 'कर्मचारी पेंशन योजना 1995' यानी EPS-95 के नियमों को समझना आपके लिए बहुत ही जरूरी है. यह स्कीम ना केवल आपको रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक फिक्स इनकम की गारंटी देती है, बल्कि आपके परिवार को भी सेफ्टी प्रदान करती है.

ईपीएस-95 के तहत मिलने वाली पेंशन का गणित आपकी नौकरी के सालों और आपकी सैलरी पर निर्भर करता है. इस स्कीम में शामिल होने की पात्रता से लेकर पेंशन कैलकुलेट करने के फॉर्मूले और 'जीवन प्रमाण पत्र' जमा करने के तरीकों तक, ऐसे 7 अहम नियम हैं जिनके बारे में हर नौकरीपेशा को जानकारी होनी चाहिए ताकि बुढ़ापे में पैसों की कोई किचकिच न रहे.


1. कौन-कौन आता है इस स्कीम के दायरे में?

EPS-95 योजना उन सभी कर्मचारियों को कवर करती है जो ईपीएफ (EPF) योजना के तहत आने वाले संस्थानों में काम कर रहे हैं. इसमें वे लोग भी शामिल होते हैं जो पुरानी फैमिली पेंशन स्कीम 1971 का हिस्सा थे, साथ ही वे कर्मचारी भी जो 1 अप्रैल 1993 से 15 नवंबर 1995 के बीच नौकरी में आए थे. इसमें खास बात यह है कि एक कर्मचारी 58 साल की उम्र होने तक इस स्कीम का सदस्य बना रह सकता है.

2. ईपीएस-95 से मिलने वाले बड़े फायदे

यह योजना केवल रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन तक सीमित नहीं है. इसमें कई तरह के बेनेफिट्स शामिल हैं-

मंथली रिटायरमेंट पेंशन: रिटायर होने पर हर महीने मिलने वाली राशि शामिल है.

फैमिली पेंशन: सदस्य की मृत्यु के बाद उसके आश्रित परिवार को मिलने वाली मदद जुड़ी है.

विकलांगता पेंशन: अगर कोई भी सदस्य पूरी तरह और स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो उसे यह पेंशन मिलती है.

विड्रॉल बेनिफिट: अगर कोई भी कर्मचारी समय से पहले नौकरी छोड़ देता है, तो उसे निकासी का लाभ मिलता है.

न्यूनतम पेंशन: पात्र पेंशनभोगियों के लिए एक न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन की व्यवस्था भी है.

3. क्या है पात्रता और सर्विस की शर्त?

ईपीएस मेंबर बनने के लिए कर्मचारी की मासिक सैलरी (Basic + DA) अधिकतम 15,000 रुपये तक होनी चाहिए. नियमित पेंशन का लाभ उठाने के लिए सदस्य को कम से कम 10 साल की 'पात्र सेवा' पूरी करनी पड़ती है. हालांकि, अगर मामला विकलांगता पेंशन (Disablement Pension) का है, तो वहां 10 साल की सर्विस वाली शर्त लागू नहीं होती.

4. कैसे होता है पेंशन का कैलकुलेशन?

  • पेंशन की राशि कितनी होगी, इसके लिए एक खास फॉर्मूला इस्तेमाल किया जाता है. ईपीएस पेंशन का गणित इस प्रकार है:
  • पेंशन यानी (पेंशन योग्य सैलरी × पेंशन योग्य सर्विस) और 70
  • यहां पर पेंशन योग्य सैलरी का मतलब आपकी नौकरी के आखिरी 60 महीनों के दौरान ली गई औसत मासिक सैलरी से है.
मुख्य नियम / फीचरजरूरी जानकारी
सदस्यता की आयु58 वर्ष तक
न्यूनतम सर्विसपेंशन के लिए कम से कम 10 साल (विकलांगता को छोड़कर)
पेंशन फॉर्मूला(पेंशन योग्य सैलरी × सर्विस) / 70
प्री-मैच्योर पेंशन50 साल की उम्र से ली जा सकती है
नॉमिनेशन फॉर्मफॉर्म नंबर 2 (Form No. 2)
लाइफ सर्टिफिकेटहर 12 महीने में जमा करना अनिवार्य

5. क्या 58 साल से पहले भी मिल सकती है पेंशन?

जी हां, रूल्स के अनुसार अगर कोई सदस्य चाहे तो 58 साल की उम्र होने से पहले भी पेंशन के लिए क्लेम कर सकता है. असल में ईपीएस-95 स्कीम में दी गई शर्तों के आधार पर, सदस्य 50 साल की उम्र से अर्ली पेंशन का ऑप्शन चुन सकते हैं.

6. नॉमिनेशन और परिवार की जानकारी

पेंशन स्कीम के तहत परिवार और नॉमिनी की जानकारी देना बहुत जरूरी होता है. इसके लिए ईपीएफओ ने 'फॉर्म नंबर 2' निर्धारित किया है. इसी फॉर्म के जरिए ईपीएफ, ईपीएस और ईडीएलआई (बीमा योजना) के लिए नॉमिनेशन अपडेट किया जाता है.

7. जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) के रूल्स

पेंशन जारी रखने के लिए पेंशनर को हर 12 महीने में जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता है. यह सर्टिफिकेट पेंशन मंजूर होने की तारीख या पिछला सर्टिफिकेट जमा करने के 12 महीने बाद देना जरूरी है. अगर यह जमा नहीं किया गया, तो पेंशन रुक सकती है. पेंशनभोगी इसे दो तरह से जमा कर सकते हैं:

फिजिकल तरीका: बैंक की शाखा में जाकर फॉर्म भरना.

डिजिटल तरीका (DLC): आधार के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना.

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डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट कहां जमा करें?

आपको बता दें कि डिजिटल तरीके से सर्टिफिकेट जमा करने के लिए पेंशनर कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), बैंकों की शाखाओं, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) की सुविधाओं या ईपीएफओ के दफ्तरों में जा सकते हैं. आधार-आधारित यह प्रोसेस पेंशनभोगियों के लिए हर साल कागजी भागदौड़ को खत्म कर देती है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 अगर मैंने बार-बार नौकरी बदली है, तो क्या मेरी कुल सर्विस जोड़ी जाएगी?

हां, बिल्कुल. लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आप पुरानी कंपनी छोड़ते समय अपना पीएफ ट्रांसफर कराएं या 'स्कीम सर्टिफिकेट' लें. सभी कंपनियों की सर्विस मिलाकर ही 10 साल की गिनती की जाती है.

Q2 पेंशन के लिए मेरी सैलरी से कितना पैसा कटता है?

आपकी जेब (कर्मचारी के हिस्से) से पेंशन के लिए कुछ नहीं कटता. आपकी कंपनी जो 12% पीएफ का हिस्सा जमा करती है, उसी में से 8.33% हिस्सा आपकी पेंशन स्कीम में चला जाता है.

Q3 बच्चों को कब तक पेंशन मिलती है?

किसी सदस्य की मृत्यु के बाद बच्चों को 25 साल की उम्र होने तक ही पेंशन मिलती है. हालांकि, अगर कोई बच्चा शारीरिक रूप से पूरी तरह अक्षम या विकलांग है, तो उसे आजीवन पेंशन मिल सकती है.

Q4 अगर सर्विस 10 साल से कम है, तो क्या पेंशन का पैसा डूब जाएगा?

नहीं, पैसा नहीं डूबेगा. 10 साल से कम सर्विस होने पर आप 'विड्रॉल बेनिफिट' के तहत पेंशन का पैसा ब्याज समेत निकाल सकते हैं या फिर अगली नौकरी तक के लिए 'स्कीम सर्टिफिकेट' ले सकते हैं.

Q5 क्या पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग पेंशन मिल सकती है?

हां, अगर पति और पत्नी दोनों अलग-अलग कंपनियों में काम करते हैं और दोनों का ईपीएस हिस्सा कटता है, तो वे दोनों अपनी-अपनी सर्विस के आधार पर अलग-अलग पेंशन पाने के हकदार होते हैं.

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