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नौकरी बदलने या PF निकालने के समय कई कर्मचारियों को एक आम परेशानी का सामना करना पड़ता है. EPFO पोर्टल पर क्लेम डालने के बाद स्टेटस लंबे टाइम तक Pending with Employer दिखाता रहता है. कई लोग सोचते हैं कि शायद सिस्टम में तकनीकी दिक्कत है, लेकिन असल कारण अक्सर कंपनी के डिजिटल सिग्नेचर (DSC) या e-Sign से जुड़ा होता है.
-पहले के समय में PF निकालने या ट्रांसफर के लिए कर्मचारियों को फॉर्म भरकर कंपनी के HR या मैनेजर से साइन करवाने पड़ते थे. अब यह प्रोसेस डिजिटल हो चुका है.
-DSC यानी Digital Signature Certificate एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर होता है, जिसे कंपनी का अधिकृत अधिकारी यूज करता है, इसके अलावा EPFO पोर्टल पर आधार आधारित e-Sign का भी विकल्प होता है, जिसमें OTP के जरिए डिजिटल मंजूरी दी जाती है.
-इन डिजिटल सिग्नेचर की मदद से कर्मचारी के क्लेम, KYC अपडेट और PF ट्रांसफर जैसे काम ऑनलाइन ही मंजूर किए जाते हैं.

जब कोई कर्मचारी EPFO पोर्टल पर PF ट्रांसफर या KYC अपडेट का अनुरोध करता है, तो कई मामलों में सिस्टम उस रिक्वेस्ट को कंपनी के पास भेज देता है.
इसके बाद कंपनी का अधिकृत अधिकारी अपने DSC या e-Sign के जरिए क्लेम को मंजूरी देता है, तभी वह रिक्वेस्ट EPFO के पास आगे बढ़ती है.
अगर कंपनी की तरफ से यह मंजूरी नहीं मिलती या डिजिटल सिग्नेचर की वैलेडिटी खत्म हो चुकी होती है, तो क्लेम पोर्टल पर ही अटका रह जाता है.
इन वजहों से अटक सकता है PF क्लेम
कई बार कर्मचारियों को पता भी नहीं होता कि उनका PF क्लेम क्यों अटक गया है, इसके पीछे कुछ आम वजहें हो सकती हैं
कंपनी का DSC एक्सपायर हो जाना
डिजिटल सिग्नेचर की वैधता खत्म होने पर कंपनी क्लेम को डिजिटल रूप से मंजूर नहीं कर पाती
uthorized Signatory अपडेट न होना
अगर कंपनी ने EPFO पोर्टल पर अधिकृत अधिकारी की जानकारी अपडेट नहीं की है, तो भी क्लेम पेंडिंग रह सकता है.
KYC पूरी तरह वेरिफाई न होना
आधार, पैन और बैंक खाते का KYC सही तरीके से लिंक न होने पर भी क्लेम अटक सकता है.
नौकरी छोड़ने की डेट अपडेट न होना
अगर पुरानी कंपनी ने EPFO पोर्टल पर आपकी Date of Exit अपडेट नहीं की है, तो PF ट्रांसफर या विड्रॉल में देरी हो सकती है.
कई कर्मचारियों को लगता है कि हर PF क्लेम के लिए कंपनी की मंजूरी जरूरी होती है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता.
अगर UAN आधार से पूरी तरह वेरिफाइड है और KYC अपडेट है, तो कई मामलों में PF विड्रॉल का क्लेम सीधे EPFO द्वारा भी प्रोसेस किया जा सकता है.
वैसे PF ट्रांसफर या कुछ विशेष मामलों में कंपनी की मंजूरी अभी भी जरूरी हो सकती है.
PF कर्मचारियों की मेहनत की कमाई होती है और नौकरी बदलते समय उसका सही तरीके से ट्रांसफर होना बहुत जरूरी है. EPFO ने डिजिटल सिस्टम के जरिए प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है, लेकिन कई बार कंपनी के DSC या e-Sign से जुड़ी छोटी सी तकनीकी दिक्कत भी क्लेम में देरी का कारण बन जाती है.तो फिर अगर कर्मचारी समय रहते अपनी KYC और कंपनी के रिकॉर्ड की जांच कर लें, तो PF क्लेम बिना किसी बड़ी परेशानी के जल्दी पूरा हो सकता है.
FAQs
1. PF क्लेम ‘Pending with Employer’ क्यों दिखाता है?
आमतौर पर यह तब होता है जब कंपनी ने EPFO पोर्टल पर क्लेम को DSC या e-Sign से अप्रूव नहीं किया होता
2. DSC और e-Sign क्या होते हैं?
यह डिजिटल सिग्नेचर सिस्टम है जिससे कंपनी का अधिकृत अधिकारी PF क्लेम, KYC या ट्रांसफर रिक्वेस्ट को ऑनलाइन मंजूरी देता है
3. क्या हर PF क्लेम में कंपनी की मंजूरी जरूरी होती है?
नहीं। अगर UAN आधार से लिंक और KYC पूरी तरह वेरिफाइड है तो कई मामलों में EPFO सीधे क्लेम प्रोसेस कर सकता है
4. PF क्लेम अटक जाए तो क्या करें?
सबसे पहले कंपनी के HR से संपर्क करें, जरूरत पड़ने पर EPFO के EPFiGMS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं
5. PF ट्रांसफर में देरी से बचने के लिए क्या करें?
UAN एक्टिव रखें, KYC अपडेट करें, Date of Exit चेक करें और एक ही बार ट्रांसफर रिक्वेस्ट डालें
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