EPFO Rule: क्या है 15G और 15H ? पीएफ निकालने वाले कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है ये दो छोटे से Form? समझें A TO Z सभी बातें!

PF निकालते समय अगर नियमों का ध्यान न रखा जाए तो TDS के रूप में हजारों रुपये कट सकते हैं. लेकिन Form 15G और Form 15H भरकर इस टैक्स कटौती से बचा जा सकता है,तो जानिए EPFO के नियम, कौन भर सकता है ये फॉर्म और कैसे बचाएंगे आपका पैसा.
EPFO Rule: क्या है 15G और 15H ? पीएफ निकालने वाले कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है ये दो छोटे से Form? समझें A TO Z सभी बातें!

EPFO TDS Rules 2026: हम अपनी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा पीएफ (PF) में इसलिए जमा करते हैं ताकि जरूरत के टाइम में वह हमारे काम आए. लेकिन होता ऐसा है कि अक्सर देखा गया है कि जब लोग नौकरी छोड़ते हैं या पैसों की जरूरत में पीएफ निकालते हैं, तो उनके हाथ में उम्मीद से काफी कम पैसा आता है,कारण? TDS (टैक्स डिडक्शन एट सोर्स).

तो क्या आप जानते हैं कि एक छोटी सी लापरवाही की वजह से सरकार आपके पीएफ विड्रॉल पर हजारों रुपये टैक्स काट सकती है? जी हां अगर आप भी अपना पीएफ निकालने की सोच रहे हैं, तो रुकिए! फॉर्म 15G और 15H की ताकत समझ लीजिए.असल में ये वो 'जादुई' हथियार हैं जो आपके टैक्स को जीरो कर सकते हैं.

सवाल: आखिर क्या हैं ये फॉर्म 15G और 15H?

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सरल भाषा में कहें तो, ये दोनों सेल्फ-डिक्लेरेशन' (स्व-घोषणा) फॉर्म हैं. इन्हें भरकर आप ईपीएफओ को लिखित में यह बताते हैं कि मेरी कुल सालाना कमाई टैक्स छूट की सीमा के अंदर है, तो फिर इसलिए मेरे पीएफ विड्रॉल पर टीडीएस (TDS) न काटा जाए.

फॉर्म 15G (Form 15G): यह उन लोगों के लिए है जिनकी उम्र 60 साल से कम है.
फॉर्म 15H (Form 15H): यह खास रूप से सीनियर सिटीजन (60 साल या उससे अधिक) के लिए बनाया गया है.

EPFO

सवाल: कब और क्यों कटता है पीएफ पर टैक्स? (नियम 2026)

ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, टीडीएस (TDS) तभी कटता है जब आप ये दोनों शर्तें एक साथ पूरी करते हों

1. आपकी नौकरी की कुल अवधि (Continuous Service) 5 साल से कम हो
2. आप ₹50,000 या उससे अधिक की राशि निकाल रहे हों.

टैक्स का गणित क्या कहता है-

अगर आपका PAN कार्ड लिंक है: तो 10% टीडीएस कटेगा
अगर PAN कार्ड लिंक नहीं है: तो यह कटौती करीब 34% तक जा सकती है

इसी भारी-भरकम टैक्स को रोकने के लिए फॉर्म 15G/15H पेश किया जाता है.

सवाल: कौन भर सकता है ये फॉर्म?

यहां ध्यान देने वाली बात है कि ये फॉर्म सिर्फ वही लोग भर सकते हैं जिनकी कुल अनुमानित सालाना इनकम पर बनने वाला टैक्स 'शून्य' (Zero) हो.

  • 15G के लिए: आपकी कुल सालाना आय (पीएफ निकासी मिलाकर) बेसिक छूट सीमा (जो वर्तमान में पुरानी व्यवस्था में ₹2.50 लाख है) से कम होनी चाहिए. हालांकि, अगर आपकी आय ₹7 लाख तक है और आप 'न्यू टैक्स रिजीम' में हैं, तब भी आप यह फॉर्म जमा कर सकते हैं क्योंकि आपका प्रभावी टैक्स शून्य है.
  • पैन (PAN) अनिवार्य: बिना पैन कार्ड के ये फॉर्म रद्दी के टुकड़े के समान हैं। सुनिश्चित करें कि आपका पैन यूएएन (UAN) पोर्टल पर अपडेट हो.

सवाल: कितनी कॉपी और कैसे जमा करें?

  • ईपीएफओ पोर्टल पर 'Full Settlement' (फॉर्म 19) के लिए आवेदन करते हैं, तो वहां आपको 'Upload Form 15G' का विकल्प मिलता है.इसे पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करें.
  • 2026 में अब आप इसे आधार आधारित e-Sign से भी वेरीफाई कर सकते हैं.
  • आप कागजी आवेदन कर रहे हैं, तो फॉर्म 15G/15H की दो Copies भरकर अपनी कंपनी या पीएफ ऑफिस में जमा करनी होती हैं.

सवाल: ये गलती की तो 'पैन' भी नहीं बचा पाएगा पैसा

  • बहुत से लोग सोचते हैं कि "मेरा तो पैन कार्ड लिंक है, अब टैक्स नहीं कटेगा, ये बहुत बड़ी गलतफहमी है.
  • पैन कार्ड होने पर टैक्स की दर कम (10%) हो जाती है, लेकिन टैक्स कटना बंद नहीं होता.
  • टैक्स तभी जीरो होगा जब आप पैन + फॉर्म 15G/15H दोनों देंगे.
  • अगर आप फॉर्म भरना भूल गए और टैक्स कट गया, तो उसे ईपीएफओ वापस नहीं करेगा.
  • इसको वापस पाने के लिए आपको अगले साल ITR फाइल करना होगा.EPFO

सवाल: कब ये फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है?

अगर आपकी नौकरी को 5 साल से ज्यादा हो चुके हैं (चाहे आपने कंपनी बदली हो लेकिन पीएफ ट्रांसफर किया हो), तो आपको ये फॉर्म भरने की कोई जरूरत नहीं है. 5 साल की निरंतर सेवा के बाद पीएफ से निकाला गया पूरा पैसा Income Tax Free होता है.

साफ है-जागरूक रहें, बचत करें

पीएफ का पैसा आपकी बरसों की मेहनत का फल है. जीहां फॉर्म 15G और 15H भरना कोई पेचीदा काम नहीं है, बस थोड़ी सी सावधानी आपके हजारों रुपये बचा सकती है.तो अगर आप 5 साल से पहले नौकरी छोड़ रहे हैं, तो क्लेम बटन दबाने से पहले सुनिश्चित कर लें कि आपने ये फॉर्म अपलोड कर दिया है.(नोट: खबर सामान्य जानकारी पर आधारित है, अधिक जानकारी के लिए किसी वित्तीय सलाहाकार से उचित राय लें)

FAQs

1. Form 15G और Form 15H क्या होते हैं?
ये सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म होते हैं जिनके जरिए आप बताते हैं कि आपकी कुल आय टैक्स के दायरे में नहीं आती, इसलिए PF या ब्याज पर TDS न काटा जाए

2. Form 15G और 15H में क्या अंतर है?
Form 15G 60 साल से कम उम्र के लोगों के लिए होता है, जबकि Form 15H 60 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए होता है

3. PF निकालने पर TDS कब कटता है?
अगर नौकरी की कुल अवधि 5 साल से कम है और PF निकासी ₹50,000 से ज्यादा है, तो EPFO नियमों के अनुसार TDS काटा जा सकता है

4. Form 15G या 15H कब जमा करना चाहिए?
PF विड्रॉल का ऑनलाइन क्लेम करते समय EPFO पोर्टल पर इन फॉर्म्स को अपलोड किया जा सकता है ताकि TDS कटने से बचा जा सके

5. अगर PF पर TDS कट गया तो क्या करें?
अगर टैक्स कट गया है तो आप Income Tax Return (ITR) फाइल करते समय उस राशि का रिफंड क्लेम कर सकते हैं

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