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अक्सर लोग नौकरी बदलते समय या पैसों की जरूरत पड़ने पर अपने ईपीएफ (EPFO) खाते से पूरा पैसा निकाल लेते हैं और खुश हो जाते हैं कि पूरा सेटलमेंट हो गया. असल में होता ये है कि यहीं पर वो एक ऐसी बड़ी मिस्टेक कर बैठते हैं, जिसका अहसास उन्हें 58 साल की उम्र में होता है.जी हां अगर आपने पीएफ का पैसा निकालते समय 'स्कीम सर्टिफिकेट' (Scheme Certificate) को इग्नोर किया, तो बुढ़ापे में मिलने वाली मंथली पेंशन का हक हमेशा के लिए खत्म हो सकता है.तो आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि यह सर्टिफिकेट क्या है और यह क्यों आपकी पेंशन की लाइफलाइन है.
जब आपकी सैलरी से पीएफ कटता है, तो वह दो हिस्सों में बंटता है:
EPF (Employee Provident Fund): इसमें आपका और कंपनी का बड़ा हिस्सा जमा होता है और इसे आप नौकरी छोड़ने पर निकाल सकते हैं.
EPS (Employee Pension Scheme): कंपनी के योगदान का 8.33% हिस्सा पेंशन फंड में जाता है.तो यही वह पैसा है जो रिटायरमेंट के बाद आपको हर महीने पेंशन के रूप में मिलता है.
असर: लोग PF का पैसा तो निकाल लेते हैं, लेकिन EPS (पेंशन) के पैसों का क्या करना है, इस पर ध्यान नहीं देते हैं.
जरूरी बात: अगर आप 10 साल से कम की सर्विस के बाद नौकरी छोड़ते हैं, तो आपके पास दो ऑप्शन होते हैं या तो पेंशन का पैसा (Withdrawal Benefit) निकाल लें, या फिर 'स्कीम सर्टिफिकेट' ही ले लें.
तो फिर ऐसे में अगर आपने कंपनी A छोड़ते वक्त स्कीम सर्टिफिकेट नहीं लिया, तो आपकी लास्ट 4 साल की सर्विस जीरो मानी जा सकती है. स्कीम सर्टिफिकेट आपकी पेंशन की Continuity को जोड़ता है.जी हां यह सर्टिफिकेट ईपीएफओ को बताता है कि आपकी पिछली सर्विस को अगली सर्विस में जोड़ दिया जाए ताकि आपकी टोटल सर्विस 10 साल या उससे ज्यादा हो सके और आप पेंशन के हकदार बन सकें.

ज्यादातर लोग नौकरी छोड़ते ही Form 19 (PF निकासी) और Form 10C (पेंशन निकासी) भरकर पूरा पैसा निकाल लेते हैं.
नुकसान: एक बार आपने पेंशन का पैसा (Full Withdrawal) निकाल लिया, तो आपकी वह सर्विस खत्म मानी जा सकती है.
रिस्क: अगर आप बार-बार पेंशन का पैसा निकालते रहेंगे, तो आप कभी भी 10 साल की कुल सर्विस पूरी नहीं कर पाएंगे और रिटायरमेंट पर मिलने वाली मंथली पेंशन से हाथ धो सकते हैं.
EPF का Form 10C उन कर्मचारियों के लिए होता है जिन्होंने 6 महीने से ज्यादा लेकिन 10 साल से कम नौकरी की हो. नौकरी छोड़ने के बाद अगर आप पेंशन (EPS) का पैसा निकालना चाहते हैं या Scheme Certificate लेना चाहते हैं, तो यही फॉर्म भरना पड़ता है. यह खास तौर पर बेरोजगार लोगों के लिए होता है.
आपको बता दें कि अगर आप नौकरी छोड़ रहे हैं और आपकी उम्र 58 साल से कम है, तो आप Form 10C भरकर स्कीम सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर सकते हैं.असल में यह सर्टिफिकेट तब तक संभाल कर रखना होता है जब तक आप 58 साल के न हो जाएं या नई नौकरी जॉइन न कर लें.

वैसे केवल पीएफ का पैसा निकाल लेना समझदारी नहीं है.तो अगर आप चाहते हैं कि बुढ़ापे में आपको किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े और हर महीने बैंक खाते में 'फिक्स्ड पेंशन' आए, तो स्कीम सर्टिफिकेट जरूर लें.जी हां समझ गए होंगे आप कि यह कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि आपके रिटायरमेंट की गारंटी है.
1. स्कीम सर्टिफिकेट क्या होता है?
यह EPFO द्वारा जारी दस्तावेज है, जो आपकी पेंशन योग्य सर्विस का रिकॉर्ड रखता है
2. कब जरूरी होता है Scheme Certificate?
जब 10 साल से कम सर्विस के बाद नौकरी छोड़ते हैं और पेंशन जारी रखना चाहते हैं
3. अगर EPS का पैसा निकाल लिया तो क्या होगा?
आपकी पिछली सर्विस खत्म मानी जा सकती है और पेंशन का अधिकार टूट सकता है
4. पेंशन पाने के लिए कितनी सर्विस जरूरी है?
कम से कम 10 साल की कुल पेंशन योग्य सेवा जरूरी है
5. Scheme Certificate के लिए कौन सा फॉर्म भरना होता है?
Form 10C के जरिए आवेदन किया जाता है
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