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एनआरआई आसानी से ईपीएफओ (EPFO) के मेंबर पोर्टल के जरिए ऑनलाइन क्लेम कर सकते हैं (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
विदेश शिफ्ट होने के बाद ज्यादातर लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि भारत में जमा उनका PF (Provident Fund) आखिर होगा क्या? लेकिन अच्छी बात यह है कि EPFO के रूल्स के मुताबिक विदेश जाने से आपका PF अकाउंट बंद नहीं होता और कई मामलों में उस पर ब्याज भी मिलता रहता है.
लेकिन बात ये है कि टैक्स, 5 साल की सर्विस और NRI स्टेटस के नियम.तो फिर अगर आपने इन्हें सही से नहीं समझा, तो आपकी मेहनत की कमाई पर भारी TDS कट सकता है.
नहीं...असल में यह सबसे बड़ा भ्रम है. तो अगर आप नौकरी छोड़कर विदेश शिफ्ट हो रहे हैं और आपका स्टेटस NRI हो जाता है, तब भी आपका EPF अकाउंट बंद नहीं होता है.
असल में आपका पुराना बैलेंस सुरक्षित रहता है और EPFO के रूल्स के तहत उस पर ब्याज भी मिलता रह सकता है. यानी कि आपका पैसा भारत में बैठकर भी आपके लिए कमाई करता रहेगा.
असल में ज्यादातर लोग विदेश जाने की जल्दी में UAN अपडेट नहीं करते,PAN लिंक नहीं रखते,बैंक KYC अधूरा छोड़ देते हैं और टैक्स नियम नहीं समझते.
ऐसा करने से होता है
यही कारण है कि विदेश शिफ्ट होने से पहले PF का पूरा गणित समझना जरूरी है
य़ह भी पढ़ें: EPF का पैसा कब तक बढ़ता रहता है? 55, 58 और 70 साल वालों के लिए अलग हैं रूल? जानिए कब बंद होता है ब्याज
हां विदेश जाने पर पर ब्याज का पैसा मिलता रहेगा.अगर आपका EPF अकाउंट एक्टिव स्थिति में है और आपने अंतिम निकासी नहीं की है, तो EPFO के नियमों के अनुसार खाते पर ब्याज मिलता रह सकता है.
हालांकि, इनऑपरेटिव अकाउंट और रिटायरमेंट से जुड़े नियम अलग-अलग परिस्थितियों में लागू होते हैं.
मतलब ये है कि नौकरी छोड़ी विदेश चले गए,पैसा नहीं निकाला तो आपका बैलेंस तुरंत खत्म नहीं होगा.
क्या विदेश से PF का पैसा निकाला जा सकता है?

Step-by-Step Process
Step 1:
EPFO Unified Portal पर लॉगिन करें
Step 2:
UAN और पासवर्ड को डालें
Step 3:
‘Online Services’ में जाएं
Step 4:
‘Claim (Form-19, 10C)’ चुनना चाहिअ
Step 5:
बैंक डिटेल और डॉक्यूमेंट अपलोड करें
Step 6:
OTP वेरिफिकेशन करें
अगर सबकुछ सही रहा, तो आमतौर पर कुछ वर्किंग डेज में पैसा खाते में आ सकता है
जरूरी दस्तावेज
अगर PAN अपडेट नहीं है, तो ज्यादा TDS कट सकता है
इसलिए विदेश जाने से पहले PAN अपडेट करें, KYC पूरा करें, बैंक अकाउंट लिंक करें
तो फिर अगर आप विदेश में भारतीय कंपनी के जरिए काम कर रहे हैं या फिर देश में फिर नौकरी शुरू करते हैं, तो परिस्थितियों के अनुसार PF योगदान दोबारा शुरू हो सकता है. लेकिन यह आपकी नौकरी, देश और सोशल सिक्योरिटी नियमों पर निर्भर करता है.
कुछ देशों के साथ भारत का Social Security Agreement (SSA) है.असल मेंम इसका बेनेफिट्स यही होता है कि कुछ मामलों में सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है.
लेकिन अगर आपने
यह भी पढ़ें: EPFO के 7 सबसे काम के नियम! ये नहीं समझे तो रिटायरमेंट में पछताना तय! PF की ‘ABCD’ अभी जान लीजिए
| मुद्दा | नियम |
| अकाउंट स्टेटस | विदेश जाने से बंद नहीं होता |
| ऑनलाइन क्लेम | संभव |
| 5 साल सर्विस | टैक्स राहत संभव |
| PAN जरूरी | हां |
| KYC जरूरी | हां |
विदेश जाना करियर के लिए बड़ा कदम हो सकता है, लेकिन भारत में जमा PF आपकी मेहनत की सबसे अहम बचतों में से एक है.असल में विदेश जाने से पहले अगर आपने PF का गणित समझ लिया, तो आपकी कमाई सुरक्षित रहेगी,लेकिन अगर नियमों को नजरअंदाज किया, तो टैक्स और TDS आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या मैं विदेश से खुद अपने पीएफ में पैसा जमा कर सकता हूं?
ईपीएफओ में आप खुद से पैसा नहीं डाल सकते, इसमें सिर्फ भारतीय कंपनी ही योगदान जमा कर सकती है
Q2 अगर मैं 5-10 साल बाद भारत लौट आया, तो पुराने पीएफ का क्या होगा?
पैसा सुरक्षित रहेगा, भारत लौटकर नई नौकरी शुरू करते ही आप पुराने फंड को नए खाते में जोड़ (Transfer) सकते हैं
Q3 क्या एनआरआई को मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है?
एनआरआई बनने के बाद पीएफ पर मिलने वाले ब्याज को कमाई माना जाता है और इस पर भारत में टैक्स देना पड़ सकता है
Q4 क्या यूएएन (UAN) पोर्टल पर विदेशी मोबाइल नंबर रजिस्टर हो सकता है?
नहीं, पोर्टल पर सिर्फ भारतीय (+91) नंबर ही चलता है,ओटीपी के लिए अपना भारतीय सिम चालू रखना बहुत जरूरी है