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आप नौकरी करते हैं, तो आपकी सैलरी से कटने वाला पैसा केवल EPF में नहीं जाता है (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)
हम सभी अपनी गाढ़ी कमाई का एक हिस्सा EPF (Provident Fund) में जमा करते हैं ताकि रिटायरमेंट के बाद बुढ़ापा सुकून से कटे. लेकिन हम सभी का असल में जिंदगी का का कोई भरोसा नहीं होता है.तो क्या आपने कभी सोचा है कि अगर किसी प्राइवेट नौकरी करने वाले कर्मचारी की मृत्यु 58 साल (रिटायरमेंट की उम्र) से पहले हो जाए, तो उसके EPS (Employee Pension Scheme) के पैसों का क्या होता है?
जी हां क्या वह पैसा डूब जाता है या परिवार को मिलता है? तो फिर अगर मिलता है, तो उसके नियम क्या हैं? आइए, इसको समझते हैं कि EPFO अपने सदस्यों के परिवार को कौन-कौन सी वित्तीय सुविधाएं देता है.
वैसे जब भी आप नौकरी करते हैं, तो आपकी सैलरी से कटने वाला पैसा केवल EPF में नहीं जाता है. आपकी कंपनी जो 12% योगदान देती है, उसका एक हिस्सा (8.33%) EPS (कर्मचारी पेंशन योजना) में जमा होता है. असल में यही पैसा आपकी मृत्यु के बाद आपके जीवनसाथी और बच्चों के लिए पेंशन का आधार बनता है.
अगर कर्मचारी की मृत्यु 10 साल की नौकरी के बाद (लेकिन 58 साल से पहले) होती है, तो उसका परिवार मंथली पेंशन का हकदार होता है.
कर्मचारी के पति या पत्नी को जीवनभर पेंशन मिल सकती है. यह राशि कर्मचारी को 58 की उम्र में मिलने वाली संभावित पेंशन की 50% होती है. सरकार कम से कम 1,000 रुपये प्रति माह की गारंटी देती है. समझ लें कि यह पेंशन जीवन भर विधवा/विधुर को मिलती है, बशर्ते उन्होंने पुनर्विवाह न किया हो.
आपको बता दें कि विधवा पेंशन के साथ-साथ, दो बच्चों को भी (25 साल की उम्र तक) विधवा पेंशन का 25-25% हिस्सा हर महीने मिलता है.
सबसे खास रूल यही है कि अगर माता-पिता दोनों नहीं हैं, तो बच्चों को विधवा पेंशन का 75% हिस्सा मिलता है.आमतौर पर यह कम से कम ₹750 प्रति माह होती है.अगर बच्चा शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम है, तो उसे उम्र भर पेंशन मिलती है.
अगर कर्मचारी की मृत्यु 10 साल की सर्विस पूरी होने से पहले हो जाती है, तो परिवार को मासिक पेंशन नहीं मिलती. तो फिर ऐसी स्थिति में परिवार को Withdrawal बेनेफिट्स दिया जाता है. यह राशि नौकरी के सालों और सैलरी के आधार पर तय होती है.
पेंशन तो सिर्फ एक हिस्सा है, EPFO इसके अलावा दो और बड़ी सुविधाएं देता है-
आपको बता दें कि कर्मचारी के EPF खाते में जमा सारा पैसा (कर्मचारी और कंपनी दोनों का हिस्सा) ब्याज समेत नॉमिनी को दे दिया जाता है.
वैसे अगर कर्मचारी की मृत्यु सर्विस के दौरान होती है, तो उसके परिवार को Employees' Deposit Linked Insurance (EDLI) के तहत कम से कम 2.5 लाख रुपये और अधिकतम 7 लाख रुपये का बीमा क्लेम मिलता है. असल में इसके लिए कर्मचारी को कोई अलग से प्रीमियम नहीं देना पड़ता.
मृत्यु के बाद क्लेम करने के लिए नॉमिनी या परिवार को इन कागजों की जरूरत पड़ेगी
ऑनलाइन तरीका:
ऑफलाइन तरीका:
अगर ऑनलाइन क्लेम नहीं कर पा रहे हैं तो फिर आप Composite Claim Form (Death Cases) भर सकते हैं. इसमें पेंशन के लिए Form 10-D और EPF के लिए Form 20 भरना होगा. जी हां इसे कंपनी के जरिए या सीधे रीजनल PF ऑफिस में जमा किया जा सकता है.
असल में अक्सर कर्मचारियों को लगता है कि यह केवल रिटायरमेंट प्लान है, जबकि ये सेफ्टी देने का बेस्ट प्लान है. परिवारों को चाहिए कि वे हमेशा चेक करें कि PF खाते में Nomination अपडेट है या नहीं.तो अगर नॉमिनेशन सही है, तो मुसीबत के समय परिवार को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
आपको बता दें कि अपने UAN पोर्टल पर जाकर आज ही 'E-Nomination' पूरा करें, ताकि आपके बाद आपके परिवार को उनका हक आसानी से मिल सके. तो अब इतना तो साफ है कि ये क्लेम आपको सुरक्षा देने का काम करता है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या 10 साल की नौकरी एक ही कंपनी में होना जरूरी है?
आपकी कुल सर्विस 10 साल होनी चाहिए, अगर आपने कंपनियां बदली हैं, तो पुरानी सर्विस को नए अकाउंट में ट्रांसफर जरूर कर लें,
Q2 अगर नॉमिनेशन (Nomination) न किया हो, तो क्या पैसा डूब जाएगा?
पैसा मिलने में समय लगेगा, नॉमिनी न होने पर परिवार को 'लीगल हेयर' या 'सर्वाइवर सर्टिफिकेट' जैसे कानूनी कागज देने होंगे.
Q3 क्या दोबारा शादी करने पर भी पेंशन मिलती रहेगी?
पति या पत्नी को पेंशन तभी तक मिलती है जब तक वे दोबारा शादी नहीं कर लेते,हालांकि, बच्चों को मिलने वाली पेंशन पर इसका कोई असर नहीं पड़ता.
Q4 अगर कंपनी बंद हो गई हो, तो क्लेम फॉर्म पर साइन कौन करेगा?
ऐसी स्थिति में आप बैंक मैनेजर या किसी गजटेड ऑफिसर से फॉर्म अटेस्ट (सत्यापित) करवाकर सीधे PF ऑफिस में जमा कर सकते हैं.
Q5 क्या पेंशन का सारा पैसा एक साथ निकाल सकते हैं?
अगर नौकरी 10 साल से कम है, तो पूरा पैसा एक साथ निकाला जा सकता है, लेकिन 10 साल से ज्यादा सर्विस होने पर केवल मंथली पेंशन ही मिलती है