EPFO: क्या है Commuted Pension और कैसे करेगा ये रूल काम,15 साल बाद वापस कैसे मिलेगी पूरी पेंशन? जानें पूरा गणित

पेंशनर्स के लिए कम्युटेशन बहाली का नियम जानना बेहद जरूरी है. रिटायरमेंट के समय ली गई एकमुश्त राशि के बदले होने वाली पेंशन कटौती 15 साल बाद अपने आप बंद हो जाती है. जी हां तो जानें कैसे Rule 10A के तहत पूरी पेंशन बहाल होती है और इसके लिए आपको कोई आवेदन क्यों नहीं करना पड़ता.
EPFO: क्या है Commuted Pension और कैसे करेगा ये रूल काम,15 साल बाद वापस कैसे मिलेगी पूरी पेंशन? जानें पूरा गणित

EPFO से जुड़े कई ऐसे रूल्स हैं जिनके बारे में लोग कम ही जानते हैं, इसी तरह का एक रूल है कम्युटेड पेंशन  (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)

नौकरी से रिटायर होने का अहसास अक्सर जितना सुकून देते है, कई बार आने वाले कल के खर्चों को लेकर टेंशन भी दे जाता है. किसी को घर तो किसी को बच्चों की शादी की खर्च उठाने की टेंशन रहती है.ऐसे में हर महीने मिलने वाली छोटी सी पेंशन शायद उस टाइम पर कम पड़ ही जाती है. लेकिन फिर यहीं पर काम आता है ईपीएफओ (EPFO) और पेंशन का एक खास नियम, जिसे हम 'कम्युटेशन ऑफ पेंशन' (Commutation of Pension) कहते हैं.

जी हां अक्सर पेंशनर्स के मन में यह सवाल तो रहता ही है कि आखिर रिटायरमेंट के टाइम जो बड़ी सी रकम हमें मिली थी, उसके बदले जो पेंशन कट रही है, वो वापस कब बहाल होगी? और क्या इसके लिए ऑफिसों के चक्कर काटने पड़ेंगे? आइए, इस पूरी गुत्थी को आज सुझाकर समझते हैं.

क्या है ये 'कम्युटेशन' का फंडा?

सीधे शब्दों में कहें तो यह अपनी ही ईपीएफओ पेंशन का एक हिस्सा 'एडवांस' में लेने जैसा है. जी हां रूल तो कहता है कि एक सरकारी कर्मचारी अपनी बेसिक पेंशन का अधिकतम 40 प्रतिशत हिस्सा एकमुश्त (Lump sum) रकम के रूप में पहले ही निकाल सकता है.

15 साल की समयसीमा

बता दें कि कम्युटेशन के 15 साल पूरे होते ही पूरी पेंशन फिर से बहाल हो जाती है

कटौती बंद

15 साल बाद पेंशन से होने वाली मंथली कटौती खत्म हो जाती है और पूरी राशि मिलने लगती है

कोई आवेदन नहीं

खास बात ये है कि ये बेनेफिट पाने के लिए पेंशनभोगी को अलग से कोई अर्जी या फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती है है

ऑटोमैटिक सिस्टम

बैंक या पेंशन संस्था खुद ही समय पूरा होने पर पेंशन की पूरी राशि शुरू कर देती है

नियम

यह व्यवस्था CCS (पेंशन कम्युटेशन) नियम, 1981 के नियम 10A के तहत लागू है

एक उदाहारण से समझते हैं इसको

  • मान लीजिए किसी कर्मचारी की मासिक बेसिक पेंशन ₹20,000 तय हुई
  • अब उसने 40% पेंशन कम्यूट करा ली है
  • यानी ₹8,000 हिस्से के बदले उसे एकमुश्त रकम मिल जाएगी
  • अब हर महीने उसे ₹20,000 नहीं बल्कि ₹12,000 पेंशन मिलेगी
  • यानी सरकार एडवांस पैसा देती है और धीरे-धीरे पेंशन से उसकी रिकवरी करती है

पूरी पेंशन कब वापस मिलती है?

यही सबसे बड़ा सवाल है

  • CCS (Commutation of Pension) Rules, 1981 के Rule 10A के अनुसार कटौती सिर्फ 15 साल तक चलती है
  • जी हां 15 साल पूरे होते ही पूरी पेंशन बहाल हो जाती है
  • यानी कि ₹12,000 फिर से ₹20,000 हो सकते हैं
  • यह बहाली “Automatic” होती है(ये महज उदाहारण है कंफ्यूजन के लिए ईपीएफ से संपर्क करें)
epfo

क्या इसके लिए फॉर्म भरना होगा?

  • खास ये है कि 15 साल पूरे होने पर पेंशन की बहाली अपने आप हो जाती है
  • पेंशनर को न बैंक के चक्कर काटने पड़ते हैं और न ही किसी दफ्तर में अर्जी देनी पड़ती है
  • बैंक या पेंशन देने वाली संस्था रिकॉर्ड के आधार पर तय टाइम पूरा होते ही कटौती रोक देती है
  • वैसे पेंशनर्स को अपनी पासबुक या स्टेटमेंट चेक करते रहना चाहिए ताकि कोई गड़बड़ न हो

15 साल की जगह 12 साल की डिमांड क्यों?

  • आजकल केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के बीच एक नई चर्चा गर्म है
  • मांग हो रही है कि कम्युटेशन की अवधि को 15 साल से घटाकर 12 साल कर दिया जाए
  • लोगों को लगता है कि पेंशन से जो रिकवरी मिलती है, वो ब्याज के साथ 12 साल में ही पूरी हो जाती है
  • ऐसे में कर्मचारियों को अपनी पूरी पेंशन 3 साल पहले ही मिलनी चाहिए
  • फिलहाल यह केवल एक मांग है और आधिकारिक नियम अभी भी 15 साल का ही है

रिकवरी कैसे होती है?

जब आप एडवांस पैसा लेते हैं, तो सरकार उसे मुफ्त में नहीं देती है. तो वह आपकी पेंशन से हर महीने एक तय हिस्सा काटती है. जी हां यह कटौती उसी दिन से शुरू हो जाती है जब आपको कम्यूटेड वैल्यू (एकमुश्त पैसा) मिलता है. वैसे यह सिलसिला ठीक 180 महीनों (15 साल) तक चलता है और फिर खत्म हो जाता है.

मख्य बिंदु (Features)नियम और प्रावधान (Rules & Provisions)
अधिकतम कम्युटेशन सीमाबेसिक पेंशन का अधिकतम 40%
रिकवरी की अवधि15 साल (कुल 180 महीने)
पूरी पेंशन की बहाली15 साल पूरे होने पर ऑटोमैटिक
टैक्स लाभएकमुश्त मिलने वाली रकम पूरी तरह टैक्स-फ्री
महंगाई राहत (DR)हमेशा पूरी बेसिक पेंशन पर मिलती है
आवेदन की प्रक्रियाबहाली के लिए कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं
फैमिली पेंशन पर असरकोई असर नहीं (परिवार को पूरी पेंशन मिलती है)
संबंधित नियमCCS (पेंशन कम्युटेशन) नियम, 1981 - नियम 10A

रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए जरूरी सलाह

अपनी Pension Slip संभालकर रखें
उसमें कम्युटेशन की तारीख दर्ज होती है

बैंक रिकॉर्ड चेक करते रहें
15 साल बाद कटौती बंद हुई या नहीं, यह जरूर देखें

जल्दबाजी में फैसला न लें
एकमुश्त रकम आकर्षक लग सकती है, लेकिन लंबी अवधि की जरूरत भी समझें

आपके काम की बात

आपको बता दें कि पेंशनर्स के लिए कम्युटेशन एक बड़ी राहत है, बशर्ते आप इसके रूल्स को अच्छे से जानते हों. जी हां यह रूल आपको रिटायरमेंट के समय फाइनेंशियल मजबूती देने का काम भी करता है और 15 साल बाद फिर से 'पूरी पेंशन' का तोहफा भी. तो अगर आप भी रिटायरमेंट की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इस गणित को जरूर ध्यान में रखें.(इनपुट-ईपीएफओ)

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 अगर 15 साल से पहले पेंशनर की मृत्यु हो जाए, तो क्या होगा?

रिकवरी तुरंत रुक जाएगी, परिवार को मिलने वाली 'फैमिली पेंशन' पूरी मिलेगी, उसमें से कोई कटौती नहीं होगी.

Q2 क्या महंगाई भत्ता (DR) कटी हुई पेंशन पर मिलता है?

महंगाई भत्ता हमेशा आपकी 'पूरी बेसिक पेंशन' पर मिलता है, कटौती का इस पर कोई असर नहीं पड़ता

Q3 15 साल की गिनती कब से शुरू होती है?

जिस दिन से आपकी पेंशन से पहली बार पैसा कटना शुरू होता है, उसी दिन से 15 साल गिने जाते हैं

Q4 क्या 40% पेंशन कम्यूट कराना अनिवार्य है?

यह आपकी मर्जी है कि आप हिस्सा कम्यूट कराना चाहते हैं या नहीं। 40% सिर्फ अधिकतम सीमा है

Q5 अगर 15 साल बाद भी बैंक कटौती न रोके तो क्या करें?

बैंक मैनेजर को PPO कॉपी के साथ लिखित शिकायत दें, बैंक को एक्स्ट्रा कटा हुआ पैसा ब्याज समेत वापस करना होगा

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