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EPFO ने लोगों की शिकायतों का समाधान करने के लिए एक जबरदस्त 'मिशन मोड' अभियान शुरू किया है (फोटो: फाइल)
अगर आप नौकरीपेशा हैं और आपका पीएफ भी कटता है, तो फिर एक राहत की खबर है. अक्सर सरकारी दफ्तरों और कानूनी दांव-पेचों के नाम से ही लोग डर जाते हैं कि कहीं फालतू में फंसना सा ना हो जाए.लेकिन अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO अब अपनी इस छवि को पूरी तरह बदल रहा है.असल में ईपीएफओ ने लोगों की शिकायतों का जल्द समाधान करने के लिए एक जबरदस्त 'मिशन मोड' अभियान शुरू किया है.
असल में EPFO का फोकस उन मामलों पर है जो कंज्यूमर कोर्ट में थे. इसके लिए संगठन ने "निधि आपके निकट (NAN)" कार्यक्रम को अपना ऑप्शन बनाया है. इस प्रोग्राम के जरिए अधिकारियों ने दफ्तर में बैठकर इंतजार करने के बजाय, खुद आगे बढ़कर मामलों की पहचान की और उनका निपटारा किया.
आंकड़े खुद इसको लेकर बताते हैं कि 1 अप्रैल 2024 को उपभोक्ता अदालतों में लंबित मामलों की संख्या 4,936 थी, जो संगठन की मुस्तैदी की वजह से 31 मार्च 2026 तक घटकर मात्र 2,646 रह गई है.
ऐसा पहली बार हुआ है कि अब EPFO में मुकदमों की कुल संख्या अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है,तो अगर हम ओवरऑल पेंडेंसी की बात करें, तो 1 अप्रैल 2025 को कुल 31,036 मामले लंबित थे. लेरिन महज एक साल के भीतर, यानी 1 अप्रैल 2026 तक, यह संख्या घटकर 27,639 रह गई.जी हां इसका मतलब है कि एक साल में 3,397 कानूनी विवादों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया.
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10 साल से भी ज्यादा पुराने केस, जो सिस्टम के लिए परेशानी बने हुए थे, उन पर खास फोकस किया गया.इसका नतीजा यह हुआ कि ऐसे 8,539 मामलों में से 3,874 मामलों का निपटारा कर दिया गया.तो अब ऐसे पुराने केस सिर्फ 4,665 बचे हैं. यानी कि संगठन ने पुराने मुकदमों को खत्म करने में 45% की बड़ी सफलता हासिल की है.
असल में फरवरी और मार्च 2026 के बीच, EPFO ने सेंट्रल गवर्नमेंट इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल (CGIT) के मामलों के लिए एक देशभर में खास अभियान चलाया. यह अभियान मुख्य रूप से उन विवादों पर था जो देरी से भुगतान (Delayed Remittances) और उन पर लगने वाले ब्याज को लेकर थे.
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असल में काम को आसान बनाने के लिए हर ज़ोन में 'नोडल ऑफिसर' तैनात किए गए. इन अधिकारियों ने सीधे स्टेकहोल्डर्स और ट्रिब्यूनल के साथ तालमेल बिठाया.तो इस छोटी सी अवधि में ही 353 अपीलों का निपटान कर दिया गया और करीब 650 अन्य मामलों पर तेजी से काम चल रहा है.
आपको बता दें कि EPFO का यह 'मिशन मोड' अवतार न केवल संगठन का बोझ कम कर रहा है, बल्कि उन लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए भी उम्मीद का ऑप्शन है, जो सालों से इंसाफ का इंतजार कर रहे थे.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 पीएफ विवाद के लिए क्या कोर्ट जाना जरूरी है?
नहीं, आप 'निधि आपके निकट' कैंप या ऑनलाइन पोर्टल (EPFiGMS) के जरिए बिना कोर्ट जाए अपनी शिकायत सुलझा सकते हैं
Q2 निधि आपके निकट' प्रोग्राम से क्या मदद मिलती है?
हर महीने की 27 तारीख को EPFO अधिकारी आपके जिले में आते हैं और आपकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करते हैं
Q3 मुकदमों में कमी आने से कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?
इससे आपके क्लेम, पेंशन और ब्याज से जुड़े काम अब बिना किसी कानूनी देरी के और भी तेजी से पूरे होंगे
Q4 इतने सालों से केस पेंडिंग रहने की मुख्य वजह क्या थी?
ज्यादातर मामले कंपनियों द्वारा पीएफ देरी से जमा करने और उस पर लगने वाले ब्याज के विवादों की वजह से अटके थे