&format=webp&quality=medium)
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees’ Provident Fund Organisation - EPFO) की 238वीं बैठक दिल्ली में हुई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया (Dr. Mansukh Mandaviya) ने की. इस बैठक में कई ऐसे फैसले लिए गए हैं जो ईपीएफ सदस्यों और पेंशनर्स के लिए खुशखबरी लेकर आए हैं.
बैठक में यह तय हुआ कि अब ईपीएफ (EPF) से आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के नियमों को बेहद आसान किया जाएगा. साथ ही, ‘विश्वास योजना’ (Vishwas Scheme) के ज़रिए पुराने मुकदमों को निपटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी. डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन (Digital Transformation) के तहत कई नई ई-सुविधाएं भी शुरू की गई हैं, जो संगठन को और ज्यादा आधुनिक और सदस्य-केंद्रित बनाएंगी.
अब ईपीएफ सदस्य अपनी जरूरतों के हिसाब से 3 कैटेगरी में पैसे निकाल सकेंगे, जो हैं आवश्यक जरूरतें, हाउसिंग और स्पेशल सर्कम्सटैंसेस. अब सदस्य 100% तक की राशि निकाल पाएंगे. शादी और एजुकेशन के लिए निकासी की लिमिट बढ़ाई गई है. सभी आंशिक निकासी के लिए न्यूनतम सर्विस की सीमा को समान रूप से घटाकर केवल 12 महीने कर दिया गया है. इस बदलाव से लोगों को बिना जटिल डॉक्यूमेंटेशन के तुरंत पैसा मिल सकेगा, जिससे उनका “Ease of Living” बेहतर होगा.
EPFO ने विश्वास योजना (Vishwas Scheme) शुरू की है, ताकि बकाया पेनल्टी और मुकदमों को सुलझाया जा सके. अब पेनल्टी सिर्फ 1% प्रति माह होगी. छोटे डिफॉल्ट के लिए रेट और कम रखे गए हैं, जो 0.25% से 0.50% हैं. यह योजना 6 महीने तक चलेगी और ज़रूरत पड़ी तो 6 महीने और बढ़ाई जा सकती है. इस योजना से करीब 6,000 से ज्यादा केस खत्म होंगे और 2,400 करोड़ रुपये तक की वसूली में तेजी आएगी.
अब ईपीएफओ (EPFO) ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ साझेदारी की है. इससे ईपीएस (EPS) पेंशनर्स को घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (Digital Life Certificate) की सुविधा मिलेगी. यह सेवा 50 रुपये प्रति सर्टिफिकेट की दर पर दी जाएगी, जिसका खर्च EPFO उठाएगा. इससे बुजुर्गों को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ग्रामीण इलाकों में पेंशनरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा.
डिजिटल इंडिया मिशन के तहत EPFO ने कई टेक्नोलॉजिकल सुधार किए हैं. नए रिटर्न फाइलिंग मॉड्यूल, यूजर मैनेजमेंट सिस्टम और ई-ऑफिस अपग्रेडेशन लॉन्च किए गए हैं. SPARROW सिस्टम से अब ईपीएफ अफसरों का APAR भी डिजिटल होगा. ये सारे कदम “EPFO 3.0” प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं, जिससे सभी सदस्य ऑनलाइन सेवाओं का लाभ तेज़ी से ले सकेंगे.
भारत को World Social Security Forum 2025 में “Outstanding Achievement in Social Security” अवॉर्ड मिला है. अब देश की 64% आबादी सोशल सिक्योरिटी सिस्टम से जुड़ चुकी है, जो 2015 में सिर्फ 19% थी.
EPFO के ये फैसले कर्मचारियों, पेंशनर्स और नियोक्ताओं तीनों के लिए फायदेमंद हैं. इससे न केवल पैसा निकालना और क्लेम करना आसान होगा, बल्कि डिजिटल सुधारों से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनेगी. 'विश्वास योजना' विवाद घटाएगी और ‘EPFO 3.0’ भारत को वर्ल्ड-क्लास डिजिटल सोशल सिक्योरिटी मॉडल की दिशा में आगे ले जाएगी.
यह एक सेविंग्स फंड है जो नौकरी करने वालों के रिटायरमेंट के लिए बनाया जाता है.
हां, अब आंशिक निकासी आसान कर दी गई है.
फिलहाल ब्याज दर 8.25% प्रति वर्ष है.
यह एक इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण है जो बताता है कि पेंशनर जीवित है.
पुराने मुकदमों और पेनल्टी विवादों को खत्म करना.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)