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EPF और EPS के नियम साफ कहते हैं कि शादी होते ही पहले का नॉमिनेशन अपने-आप रद्द हो जाता है.
जरा सोचिए… आप सालों तक हर महीने अपनी सैलरी से PF कटवाते रहे. यकीन रहा कि ये पैसा आपके रिटायरमेंट में काम आएगा या आपके परिवार की सुरक्षा बनेगा. लेकिन अगर एक छोटी सी लापरवाही की वजह से यह पैसा अटक जाए तो?
यह लापरवाही है- शादी के बाद नया नॉमिनेशन न करना. जी हां, EPF और EPS के नियम साफ कहते हैं कि शादी होते ही पहले का नॉमिनेशन अपने-आप रद्द हो जाता है. यानी अगर आपने नया नॉमिनी नहीं चुना, तो आपके फंड का पैसा आपके सोचे हुए व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा.
जवाब: EPF Scheme 1952 और EPS 1995 के नियमों के अनुसार, शादी के बाद आपकी कानूनी जिम्मेदारियां बदल जाती हैं. अब आपका “family” अलग परिभाषित हो जाता है. इसलिए शादी से पहले किया गया nomination automatically invalid हो जाता है.
जवाब:
पुरुष सदस्य के लिए- पत्नी, बच्चे (शादीशुदा हों या न हों), आश्रित माता-पिता, मृतक बेटे की पत्नी और बच्चे.
महिला सदस्य के लिए- पति, बच्चे, आश्रित माता-पिता, सास-ससुर, मृतक बेटे की पत्नी और बच्चे.
यानी शादी के बाद केवल इन्हीं लोगों को नॉमिनेशन में शामिल किया जा सकता है.
जवाब: अगर सदस्य शादीशुदा है और नॉमिनेशन अपडेट नहीं किया, तो पैसा परिवार के पात्र सदस्यों में बराबर बांट दिया जाएगा.
अगर सदस्य अविवाहित है, तो पैसा आश्रित माता-पिता को जाएगा.
जवाब: नहीं. शादी के बाद नॉन-फैमिली व्यक्ति का nomination अपने-आप रद्द हो जाता है. मतलब अगर आपने किसी दोस्त या रिश्तेदार को नामित किया था, तो शादी के बाद उसका हक खत्म हो जाएगा.
जवाब: अगर तलाक हो चुका है और कोई बच्चा नहीं है, तो मृत्यु की स्थिति में पेंशन या PF का पैसा आश्रित माता-पिता को दिया जाएगा.
जवाब: EPFO ने यह प्रक्रिया आसान बना दी है. अब आपको दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
जवाब: इस स्थिति में पैसा डिपार्टमेंटल प्रोसीजर के हिसाब से फैमिली मेंबरों के बीच बांटा जाएगा. लेकिन इसमें समय ज्यादा लग सकता है और क्लेम प्रोसेस भी जटिल हो जाता है.
EPFO के नियमों में ये साफ लिखा है कि शादी के बाद आपका पुराना नॉमिनेशन मान्य नहीं रहेगा. अगर आपने इसे अपडेट नहीं किया, तो आपके परिवार को बड़ी परेशानी हो सकती है. इसलिए बेहतर यही है कि जैसे ही शादी हो, EPFO पोर्टल पर लॉगिन करके तुरंत नया नॉमिनेशन करें.
याद रखिए- PF और पेंशन सिर्फ पैसे का खाता नहीं, बल्कि आपके परिवार की सुरक्षा की गारंटी है. छोटी सी लापरवाही आपके अपने ही लोगों को मुश्किल में डाल सकती है.
जवाब: EPF का पैसा सरकारी बॉन्ड, सिक्योरिटीज और कुछ हिस्सा इक्विटी मार्केट में निवेश होता है ताकि सुरक्षित और स्थिर रिटर्न मिल सके.
जवाब: EPF में आपका रिटायरमेंट फंड बनता है, जबकि EPS आपके रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन सुनिश्चित करता है.
जवाब: अगर सारे डॉक्यूमेंट सही हों तो क्लेम 7–10 दिन में प्रोसेस हो जाता है.
जवाब: नहीं, EPF सिर्फ भारत में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए है.