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डेट ऑफ एग्जिट ठीक तरह से मार्क नहीं की गई है तो आपकी नौकरी के रिकॉर्ड को निरंतर नहीं माना जाएगा.
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने प्रोविडेंट फंड (PF) खाताधारकों के लिए नियमों को आसान कर दिया है. अब पीएफ का पैसा निकालना या ट्रांसफर करना आसान होगा. EPFO ने लाखों खाताधारकों के लिए एक नई सुविधा लॉन्च की है. EPF के पोर्टल पर 'Date of exit' का नया फीचर जोड़ा गया है. इसके चलते अब खाताधारक, कर्मचारी अपनी नौकरी बदलने पर इसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट कर सकेंगे. हालांकि, पैसा निकालने या ट्रांसफर क्लेम के लिए दो महीने तक का इंतजार करना होगा.
दरअसल, EPFO ने एक नियम को बदल दिया है. नियम बदलने से अब नौकरी छोड़ने पर खाताधारक को पिछले एम्प्लॉयर से नौकरी छोड़ने की तारीख (Date of Exit) दर्ज नहीं करानी होगी. यह काम खाताधारक खुद घर बैठे कर सकेगा. पीएफ खाताधारक ऑनलाइन ही अपनी डेट ऑफ एग्जिट दर्ज कर सकते हैं.
क्या था मौजूदा नियम?
अभी तक नौकरी छोड़ने के बाद डेट ऑफ एग्जिट को दर्ज कराने के लिए कर्मचारी को एम्प्लॉयर पर निर्भर रहना होता था. एम्प्लॉयर पुराने नियम के मुताबिक, दो महीने से पहले नौकरी छोड़ने की तारीख को दर्ज नहीं करता था. इसकी वजह से खाताधारक को नई कंपनी में अपना पैसा ट्रांसफर करने में दो महीने से ज्यादा का वक्त लगता था. इस बीच कोई भी क्लेम सेटल नहीं होता था. हालांकि, पैसा निकालना (फुल एंड फाइनल सेटलमेंट) के लिए अब भी आपको दो महीने का इंतजार करना होगा. लेकिन, डेट ऑफ एग्जिट के लिए एम्प्लॉयर पर निर्भर नहीं रहना होगा.
Date Of Exit को कैसे अपडेट करें?

क्या होगा फायदा?
ऑनलाइन डेट ऑफ एग्जिट दर्ज करने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दो महीने बाद अगर कोई भी क्लेम आपको भरना है तो उसके लिए पिछले एम्प्लॉयर से तारीख दर्ज कराने का इंतजार नहीं करना होगा. नियम के मुताबिक, नौकरी बदलने के बाद अगर आपकी डेट ऑफ एग्जिट ठीक तरह से मार्क नहीं की गई है तो आपकी नौकरी के रिकॉर्ड को निरंतर नहीं माना जाएगा. EPFO आपको बेरोजगार मानेगा. साथ ही इस दौरान मिलने वाले ब्याज पर टैक्स का भुगतान भी मांगा जा सकता है.