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EPF आपको बनाएगा 2 करोड़ का मालिक
आप चाहे सरकारी नौकरी कर रहे हों या प्राइवेट, बेहतर भविष्य की चिंता हर किसी को रहती है. यही वजह है कि लोग म्यूचुअल फंड, शेयर मार्केट और अलग-अलग तरह की स्कीम्स में निवेश करते हैं, ताकि रिटायरमेंट के वक्त उन्हें अच्छा खासा फंड मिल जाए. लेकिन क्या हो अगर हम कहें कि सिर्फ आपके पीएफ के पैसे से ही आपको रिटायरमेंट तक करोड़ों का फंड मिल जाएगा. चलिए, आपको पूरा कैलकुलेशन समझाते हैं.
बन जाएगा 2 करोड़ से ज्यादा का फंड
EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि एक ऐसा निवेश है जो हर नौकरीपेशा व्यक्ति की तनख्वाह से अपने आप कटता है और लंबे समय में यह एक बड़ा फंड बन जाता है. आसान भाषा में समझाएं तो अगर आपकी बेसिक सैलरी 30 हजार रुपए है और आप EPF में 12% योगदान दे रहे हैं, तो आप रिटायरमेंट तक 2 करोड़ 17 लाख 24 हजार 737 रुपए का फंड बना सकते हैं.
इस कैलकुलेशन में मान लिया गया है कि आपकी मौजूदा उम्र 25 साल है और आप 60 साल की उम्र तक काम करेंगे. इसके अलावा, EPF में सालाना ब्याज दर 8.25% रखी गई है (जो बदल भी सकती है) और आपकी सैलरी में हर साल 5% की बढ़ोतरी भी जोड़ी गई है. इसके साथ ही कंपनी की ओर से मिलने वाला 3.67% का योगदान भी इसमें जोड़ा गया है.
ऐसे में जब आप किसी एक्सटरनल ईपीएफ कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर के टोटल आंकड़ा निकालेंगे तो पता चलेगा कि 35 सालों में आपने कुल 54 लाख 6 हजार 168 रुपए का योगदान किया. इस पर ब्याज के रूप में आपको 1 करोड़ 63 लाख 18 हजार 569 रुपए का फायदा हुआ. इस तरह आपके रिटायरमेंट तक यह फंड कुल 2 करोड़ 17 लाख रुपए से ज्यादा का हो जाएगा.
हर महीने की छोटी बचत का बड़ा फायदा
यह उदाहरण बताता है कि भले ही आपकी कमाई कम हो, लेकिन अगर आप नियमित रूप से EPF में योगदान करते हैं और उसे बीच में न निकालें, तो यह रिटायरमेंट तक एक बड़ा फंड बन सकता है. EPF की खूबी यही है कि इसमें कंपाउंडिंग के जरिए रकम तेजी से बढ़ती है.
EPF को मत कीजिए नजरअंदाज
आजकल की महंगाई और भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए EPF जैसा सुरक्षित और रिटर्न देने वाला निवेश विकल्प बेहद जरूरी हो गया है. खासकर प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए यह रिटायरमेंट के बाद आर्थिक आजादी का मजबूत जरिया बन सकता है.
यहां एक बात ध्यान रखने वाली है कि EPF का फायदा उठाने के लिए जरूरी है कि आप इसे बीच में न छेड़ें. इसके अलावा, नौकरी बदलने पर भी EPF को ट्रांसफर कराते रहें और अपने पास जमा रहने दें. इसके साथ ही हर साल अपने योगदान और ब्याज की जानकारी EPFO पोर्टल या ऐप पर चेक करते रहें.