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अगर आप कोई ज़मीन, घर या फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं तो सबसे ज़रूरी कागज़ात में से एक है Encumbrance Certificate (EC). ये सर्टिफिकेट बताता है कि जिस प्रॉपर्टी को आप खरीदने जा रहे हैं उस पर कोई कानूनी बंधन, कर्ज, या बकाया तो नहीं है. आसान शब्दों में कहें तो Encumbrance Certificate ये साबित करता है कि जमीन या मकान पर किसी तरह का विवाद नहीं है और मालिक को उसे बेचने का पूरा अधिकार है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि Encumbrance Certificate क्या होता है, कैसे बनता है और किन कामों में काम आता है.
Encumbrance Certificate यानी ईसी एक आधिकारिक दस्तावेज़ है जो सब-रजिस्ट्री ऑफिस से जारी किया जाता है. इसमें साफ़-साफ़ लिखा होता है कि किसी प्रॉपर्टी पर कोई कानूनी रुकावट, गिरवी, बकाया लोन, कोर्ट केस या किसी और तरह का दावा नहीं है. इस सर्टिफिकेट के ज़रिए खरीदार को भरोसा हो जाता है कि प्रॉपर्टी की ओनरशिप क्लियर है और खरीदने के बाद उस पर कोई पुराना कर्ज़ या केस नहीं निकलेगा.
EC बताता है कि प्रॉपर्टी पर किसी बैंक या संस्था का कर्ज़ तो नहीं है. इससे खरीदार को भरोसा मिलता है कि बाद में कोई कानूनी झंझट नहीं होगा.
अगर आप घर खरीदने के लिए होम लोन लेते हैं तो कई बार बैंक भी Encumbrance Certificate मांगता है. बैंक ये सुनिश्चित करना चाहता है कि जिस प्रॉपर्टी पर वो लोन दे रहा है वो पहले से किसी और के गिरवी न हो.
Encumbrance Certificate कई बार मालिकाना हक साबित करने के लिए भी काम आता है. नगरपालिका या ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में नाम ट्रांसफर कराने के लिए भी इसकी ज़रूरत पड़ती है.
EC के लिए आपको उस ज़िले के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में आवेदन करना होता है, जहां प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड है. आजकल कई राज्यों में ऑनलाइन अप्लाई करने की सुविधा भी है.
फीस हर राज्य में अलग होती है. आमतौर पर 200 रुपए से लेकर 600 रुपए तक का चार्ज लगता है. आवेदन करने के 7-15 दिन में Encumbrance Certificate मिल जाता है.
जब प्रॉपर्टी पर कोई लोन, गिरवी या कानूनी बंधन नहीं होता है तो सब-रजिस्ट्री ऑफिस निल ईसी जारी करता है. ये सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि ये बताता है कि प्रॉपर्टी पूरी तरह क्लियर है.
अगर प्रॉपर्टी पर पहले कभी लोन लिया गया है या कोई रजिस्ट्रेशन हुआ है तो उसकी पूरी जानकारी इसमें मिलती है. इससे पता चलता है कि किन तारीखों पर कौन-कौन से ट्रांजैक्शन हुए हैं.
कम से कम 13 साल का EC बनवाना चाहिए, लेकिन 30 साल तक का लेना सबसे सुरक्षित होता है.
हां, कई राज्यों में रेवेन्यू डिपार्टमेंट की वेबसाइट से ऑनलाइन ईसी बनवाया जा सकता है.
आमतौर पर 7 से 15 दिन में Encumbrance Certificate तैयार हो जाता है.
हां, घर, जमीन या कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदते समय Encumbrance Certificate जरूर लें ताकि बाद में कोई विवाद न हो.
निल ईसी में लिखा होता है कि प्रॉपर्टी पर कोई कर्ज़ या दावा नहीं है, जबकि डीटेल्ड ईसी में पुराने सभी ट्रांजैक्शन और लोन की डीटेल होती है.