Encumbrance Certificate: प्रॉपर्टी के मामले में क्यों जरूरी है ये दस्तावेज़, कैसे बनता है!

Encumbrance Certificate प्रॉपर्टी खरीदने का सबसे अहम दस्तावेज़ है. ये बताता है कि जिस जमीन या मकान को आप खरीदने जा रहे हैं उस पर कोई कानूनी केस, गिरवी या बकाया नहीं है. होम लोन से लेकर प्रॉपर्टी टैक्स अपडेट तक तमाम जगहों पर इसकी जरूरत पड़ती है. इसे सब-रजिस्ट्री ऑफिस से या ऑनलाइन 7-15 दिन में बनवाया जा सकता है.
Encumbrance Certificate: प्रॉपर्टी के मामले में क्यों जरूरी है ये दस्तावेज़, कैसे बनता है!

अगर आप कोई ज़मीन, घर या फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं तो सबसे ज़रूरी कागज़ात में से एक है Encumbrance Certificate (EC). ये सर्टिफिकेट बताता है कि जिस प्रॉपर्टी को आप खरीदने जा रहे हैं उस पर कोई कानूनी बंधन, कर्ज, या बकाया तो नहीं है. आसान शब्दों में कहें तो Encumbrance Certificate ये साबित करता है कि जमीन या मकान पर किसी तरह का विवाद नहीं है और मालिक को उसे बेचने का पूरा अधिकार है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि Encumbrance Certificate क्या होता है, कैसे बनता है और किन कामों में काम आता है.

Encumbrance Certificate क्या है

Encumbrance Certificate यानी ईसी एक आधिकारिक दस्तावेज़ है जो सब-रजिस्ट्री ऑफिस से जारी किया जाता है. इसमें साफ़-साफ़ लिखा होता है कि किसी प्रॉपर्टी पर कोई कानूनी रुकावट, गिरवी, बकाया लोन, कोर्ट केस या किसी और तरह का दावा नहीं है. इस सर्टिफिकेट के ज़रिए खरीदार को भरोसा हो जाता है कि प्रॉपर्टी की ओनरशिप क्लियर है और खरीदने के बाद उस पर कोई पुराना कर्ज़ या केस नहीं निकलेगा.

Encumbrance Certificate क्यों है ज़रूरी

1. प्रॉपर्टी की लीगल सेफ्टी

EC बताता है कि प्रॉपर्टी पर किसी बैंक या संस्था का कर्ज़ तो नहीं है. इससे खरीदार को भरोसा मिलता है कि बाद में कोई कानूनी झंझट नहीं होगा.

2. लोन लेने में ज़रूरी

अगर आप घर खरीदने के लिए होम लोन लेते हैं तो कई बार बैंक भी Encumbrance Certificate मांगता है. बैंक ये सुनिश्चित करना चाहता है कि जिस प्रॉपर्टी पर वो लोन दे रहा है वो पहले से किसी और के गिरवी न हो.

3. ओनरशिप प्रूफ

Encumbrance Certificate कई बार मालिकाना हक साबित करने के लिए भी काम आता है. नगरपालिका या ग्रुप हाउसिंग सोसायटी में नाम ट्रांसफर कराने के लिए भी इसकी ज़रूरत पड़ती है.

Encumbrance Certificate कैसे बनता है

1. कहां से अप्लाई करें

EC के लिए आपको उस ज़िले के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में आवेदन करना होता है, जहां प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड है. आजकल कई राज्यों में ऑनलाइन अप्लाई करने की सुविधा भी है.

2. जरूरी दस्तावेज़

  • प्रॉपर्टी का डीड (Sale Deed या Gift Deed की कॉपी)
  • प्रॉपर्टी की पूरी डिटेल: सर्वे नंबर, खसरा नंबर, गांव या नगर का नाम
  • एप्लीकेंट की पहचान और पता प्रूफ
  • आवेदन फॉर्म और तय फीस

3. फीस और समय

फीस हर राज्य में अलग होती है. आमतौर पर 200 रुपए से लेकर 600 रुपए तक का चार्ज लगता है. आवेदन करने के 7-15 दिन में Encumbrance Certificate मिल जाता है.

Encumbrance Certificate के दो प्रकार

1. निल Encumbrance Certificate

जब प्रॉपर्टी पर कोई लोन, गिरवी या कानूनी बंधन नहीं होता है तो सब-रजिस्ट्री ऑफिस निल ईसी जारी करता है. ये सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि ये बताता है कि प्रॉपर्टी पूरी तरह क्लियर है.

2. डीटेल्ड Encumbrance Certificate

अगर प्रॉपर्टी पर पहले कभी लोन लिया गया है या कोई रजिस्ट्रेशन हुआ है तो उसकी पूरी जानकारी इसमें मिलती है. इससे पता चलता है कि किन तारीखों पर कौन-कौन से ट्रांजैक्शन हुए हैं.

किन कामों में आता है Encumbrance Certificate

  • घर या जमीन बेचने और खरीदने में
  • बैंक से होम लोन या मॉर्गेज लोन लेने में
  • म्युनिसिपल रिकॉर्ड में प्रॉपर्टी टैक्स बदलवाने में
  • बिल्डिंग परमिशन लेने में
  • ओनरशिप ट्रांसफर कराने में

FAQs

Q1. Encumbrance Certificate कितने साल के लिए बनवाना चाहिए.

कम से कम 13 साल का EC बनवाना चाहिए, लेकिन 30 साल तक का लेना सबसे सुरक्षित होता है.

Q2. क्या Encumbrance Certificate ऑनलाइन बन सकता है.

हां, कई राज्यों में रेवेन्यू डिपार्टमेंट की वेबसाइट से ऑनलाइन ईसी बनवाया जा सकता है.

Q3. ईसी लेने में कितना समय लगता है.

आमतौर पर 7 से 15 दिन में Encumbrance Certificate तैयार हो जाता है.

Q4. क्या हर प्रॉपर्टी डील के लिए ईसी जरूरी है.

हां, घर, जमीन या कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदते समय Encumbrance Certificate जरूर लें ताकि बाद में कोई विवाद न हो.

Q5. निल और डीटेल्ड Encumbrance Certificate में क्या फर्क है.

निल ईसी में लिखा होता है कि प्रॉपर्टी पर कोई कर्ज़ या दावा नहीं है, जबकि डीटेल्ड ईसी में पुराने सभी ट्रांजैक्शन और लोन की डीटेल होती है.

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