&format=webp&quality=medium)
Employee Pension Scheme latest news: EPFO ने भी प्रोविडेंट फंड सब्सक्राइबर को EPF का पैसा निकालने के नियम आसान किए हैं. पहले मैनुअल फॉर्म भरने से लेकर अब ऑनलाइन सुविधा तक काफी कुछ बदल चुका है. PF का पैसा निकालना तो आसान है, लेकिन क्या पेंशन (EPS) का पैसा निकालना भी उतना ही आसान है? एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (EPF) में दो तरह की स्कीमों में आपका पैसा जमा होता है. पहला प्रोविडेंट फंड (EPF) और दूसरा पेंशन फंड (EPS) है.
कर्मचारी की बेसिक सैलरी (Basic Salary) का 12 फीसदी हिस्सा उसकी सैलरी से काटा जाता है और इतना ही योगदान कंपनी की तरफ से दिया जाता है. कर्मचारी का पूरा 12% EPF में जमा हो जाता है. वहीं, कंपनी के हिस्से को दो टुकड़ों में डाला जाता है. पहला 3.67% EPF में जमा होता है और बाकी 8.33 फीसदी हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना EPS में जमा हो जाता है.
EPFO के नियमों के मुताबिक, आंशिक निकासी बच्चे की शादी, उच्च शिक्षा और मकान खरीदने के लिए की जा सकती है. नौकरी छोड़ने के एक महीने बाद ही सदस्य 75 फीसदी धन की निकासी कर सकते हैं और 2 महीने बाद बचा हुआ 25 फीसदी हिस्सा भी निकाल सकते हैं. पहले नौकरी छोड़ने या बेरोजगार होने की स्थिति में दो महीने बाद ही PF निकाला जा सकता था.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें
अगर आप EPF की रकम निकालना चाहते हैं तो आप कभी भी अपने खाते में जमा राशि को निकाल सकते हैं. चाहे आपकी नौकरी 6 महीने की हो या 10 साल की. लेकिन, पेंशन की रकम निकालने के लिए आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है. क्योंकि, इसके बहुत से नियम हैं, जो आपको समझने चाहिए. आइये जानते हैं अलग-अलग स्थिति में पेंशन की रकम का क्या कर सकते हैं?
अगर आप अपना प्रोविडेंट फंड (PF) एक खाते से दूसरे खाता में ट्रांसफर करते हैं, तो आपकी चाहे जितनी भी सर्विस हिस्ट्री हो, आप पेंशन की रकम को कभी भी किसी हालत में नहीं निकाल पाएंगे. क्योंकि, ट्रांसफर किए हुए खाते में से केवल पीएफ की रकम ट्रांसफर होती है और आप केवल PF का पैसा ही निकाल सकते हैं. पेंशन की रकम को आपकी service history से जोड़ दिया जाता है. मतलब यह कि अगर अलग-अलग जगह नौकरी करते हुए भी आपकी सर्विस हिस्ट्री 10 साल की हो जाती है तो आप पेंशन के लिए हकदार बन जाएंगे और 58 साल की उम्र होने पर आपको मासिक पेंशन के रूप में कुछ वेतन मिलने लगेगा.
अगर आपकी नौकरी 6 महीने से कम की है, मतलब 180 दिन की ड्यूटी से कम है तो भी आप सिर्फ PF की रकम ही निकाल पाएंगे. लेकिन, पेंशन में जमा रकम आपको नहीं मिलेगी. क्योंकि EPFO के नियम अनुसार 180 दिन की कम ड्यूटी की सर्विस में पेंशन का पैसा नहीं निकाल सकते.
अगर आपकी नौकरी 9 साल 6 महीने से ज्यादा की हो चुकी है तो आप अपने PF के साथ पेंशन की रकम नहीं निकाल पाएंगे. क्योंकि, 9 साल 6 महीने की सर्विस को 10 साल के बराबर माना जाता है. EPFO के नियमों के मुताबिक, अगर आपकी नौकरी 10 साल की हो जाती है तो आप पेंशन के लिए हकदार बन जाते हैं. इसके बाद आपको 58 साल की उम्र में मासिक पेंशन का लाभ मिलना शुरू होगा. मतलब यह कि आपको आजीवन पेंशन तो मिलेगी, लेकिन पेंशन का हिस्सा रिटायरमेंट से पहले नहीं निकाल पाएंगे.
अगर आपकी नौकरी 6 महीने से ज्यादा और 9 साल 6 महीने से कम है, तो आप Form 19 और 10c जमा करके अपने पीएफ रकम के साथ पेंशन की रकम भी निकाल सकते हैं. लेकिन, इसके लिए आपको मैनुअल तरीके से ही पीएफ ऑफिस में आवेदन करना होगा. ऑनलाइन प्रोसेस में अभी पेंशन फंड निकालने की सुविधा को शुरू नहीं किया गया है. फॉर्म भरने के बाद इन्हें एम्प्लॉयर यानी EPFO के कार्यालय में ही जमा करना होगा.
अगर आप 9 साल 6 महीने से कम की स्थिति में पेंशन के हिस्सा को निकालते हैं तो याद रखिए आप इसके बाद पेंशन के लिए हकदार नहीं होंगे. क्योंकि PF के साथ पेंशन का पैसा निकालने का मतलब है Full & Final PF settlement और ऐसे मामलों में आपका वह PF खाता नंबर पूरी तरह से बंद कर दिया जाता है. इस कारण आप अपने रिटायरमेंट के लिए पेंशन सुविधा का लाभ नहीं ले सकते हैं.