मुसीबत बताकर नहीं आती! क्या आपके पास है 'इमरजेंसी फंड'? इसे बनाने का परफेक्ट तरीका क्या है, जानें कहां रखें पैसा?

नौकरी जाने का डर हो या बिजनेस में अचानक घाटा, बुरे टाइम की मार कभी भी पड़ सकती है.तो ऐसे में 'इमरजेंसी फंड' ही आपका सबसे बड़ा सहारा बनता है.तो जानिए कि अपनी सैलरी और जिम्मेदारियों के हिसाब से आपको कितना पैसा बचाकर रखना चाहिए और मुश्किल समय के लिए 'सुरक्षा कवच' तैयार करने का सबसे सही तरीका क्या है.
मुसीबत बताकर नहीं आती!  क्या आपके पास है 'इमरजेंसी फंड'? इसे बनाने का परफेक्ट तरीका क्या है, जानें कहां रखें पैसा?

हर मुसीबत में 'इमरजेंसी फंड' ही आपका सबसे बड़ा सहारा बनता है   (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt) 

Emergency Fund Planning: आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में सब कुछ ठीक चल रहा होता है, लेकिन अचानक कब बुरा टाइम आ जाए और आर्थिक संकट को झेलना पड़े, ये कोई नहीं जानता. जी हां कभी नौकरी पर खतरा मंडराने लगता है, तो कभी चलता-फिरा बिजनेस अचानक मंदा पड़ जाता है.तो ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या आपके पास कोई ऐसा बैकअप प्लान है जो आपको सड़क पर आने से बचा सके?तो अगर नहीं, तो समझ लीजिए कि आप एक बड़ी रिस्क भरी जिंदगी जी रहे हैं.

एक 'इमरजेंसी फंड' केवल सेविंग्स का पैसा नहीं होता, बल्कि यह आपके और आपके परिवार के लिए एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करता है. तो आइए जानते हैं कि यह फंड क्यों जरूरी है और आपको अपनी जेब के हिसाब से कितना फंड तैयार रखना चाहिए.

आखिर क्या बला है यह 'इमरजेंसी फंड'?

इमरजेंसी फंड वह पैसा है जिसे आप केवल और केवल बुरे टाइम के लिए बचाकर रखते हैं.यह वह रकम है जिसे आप तब छूते हैं जब आपकी कमाई का जरिया अचानक बंद हो जाए.फिर चाहे घर का किराया देना हो, बच्चों के स्कूल की फीस भरनी हो या फिर हर महीने जाने वाली लोन की ईएमआई, जी हां इमरजेंसी फंड यह ही ये तय करता है कि आपकी लाइफ की गाड़ी बिना किसी झटके के चलती रहे. यह पैसा आपको मानसिक शांति देता है ताकि आप बिना तनाव के नई नौकरी या नए काम की तलाश कर सकें.

कितना पैसा होना चाहिए आपके 'इमरजेंसी गुल्लक' में?

एक बात आप समझ लीजिए कि इमरजेंसी फंड की कोई फिक्स लिमिट नहीं होती है, यह आपकी लाइफस्टाइल और खर्चों पर निर्भर करता है लेकिन नौकरीपेशा लोगों के लिए ये फंड होना जरूरी माना जाता है.

नौकरीपेशा लोगों के लिए

तो अगर आप एक फिक्स सैलरी वाली नौकरी करते हैं, तो आपके पास कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर पैसा इमरजेंसी फंड में होना ही चाहिए. यानी कि अगर आपका महीने का खर्च 50 हजार रुपये है, तो आपके पास 3 लाख रुपये का बैकअप तैयार होना चाहिए.

फ्रीलांसर या बिजनेस करने वालों के लिए

जिनकी कमाई फिक्स नहीं है या जो अपना खुद का काम करते हैं, उनके लिए रिस्क थोड़ा ज्यादा होता है.तो ऐसे लोगों को 9 से 12 महीने का फंड तैयार रखना चाहिए.

अकेले कमाने वाले

अगर पूरे परिवार की जिम्मेदारी सिर्फ आपके कंधों पर है, तो आपको कम से कम 1 साल का इमरजेंसी फंड बनाकर रखना चाहिए, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में परिवार को आर्थिक तंगी न झेलनी पड़े.

कहां रखें यह पैसा? (इन्वेस्टमेंट वर्सेस लिक्विडिटी)

अक्सर लोग एक बड़ी गलती करते हैं. वे अक्सर इमरजेंसी फंड को ऐसी जगह निवेश कर देते हैं जहां से पैसा निकालना मुश्किल होता है (जैसे प्रॉपर्टी या लॉक-इन वाले फंड्स).तो इसलिए याद रखिए, इमरजेंसी फंड का मतलब है 'फटाफट मिलने वाला पैसा'.

इसे आप सेविंग्स अकाउंट में रख सकते हैं या फिर बैंक एफडी करा सकते हैं जिसे जरूरत पड़ने पर तुरंत तोड़ा जा सके. वैसे आजकल 'स्वीप-इन' एफडी का ऑप्शन भी काफी फेमस है, जिसमें आपको ब्याज भी अच्छा मिलता है और पैसा भी हमेशा आपके हाथ में रहता है.

इन 3 गलतियों से बचें, वरना डूब जाएगा पैसा


रिटर्न का लालच छोड़ें

इमरजेंसी फंड का मकसद पैसा डबल करना नहीं, बल्कि उसे सेफ रखना है.तो इसलिए इसे बहुत ज्यादा रिस्क वाले स्टॉक या ऐसी जगह न लगाएं जहां बाजार गिरने पर आपकी मूल रकम ही कम हो जाए.

शौक के लिए इस्तेमाल न करेंक्या आपको

नया फोन लेना है या किसी ट्रिप पर जाना है? तो इसके लिए इस फंड को हाथ भी न लगाएं.असल में यह पैसा केवल और सिर्फ मेडिकल इमरजेंसी या नौकरी जाने जैसी गंभीर स्थितियों के लिए है।एक साथ न रखें सारा पैसा

अपनी पूरी जमा पूंजी को एक ही जगह न रखें.इमरजेंसी फंड को अपने रेगुलर खर्चों वाले अकाउंट से अलग रखें ताकि आपको पता रहे कि इस पैसे को खर्च नहीं करना है.

चलते-चलते एक काम की बात

इमरजेंसी फंड एक दिन में तैयार नहीं होता. तो अगर आपकी अभी कोई बचत नहीं है, तो आज से ही अपनी सैलरी का एक छोटा हिस्सा (जैसे 5% या 10%) इसके लिए अलग करना शुरू करें. तो इसलिए याद रखिए, मुश्किल टाइम में आपका अपना कमाया और बचाया हुआ पैसा ही सबसे बड़ा सगा होता है.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1 कर्ज (Loan) चल रहा हो तो क्या करें?

पहले कम से कम 1-2 महीने का छोटा फंड बनाएं, फिर लोन चुकाने पर ध्यान दें. वरना किसी मुसीबत में आपको फिर से नया कर्ज लेना पड़ जाएगा.

Q2 इंश्योरेंस है, तो क्या फंड फिर भी जरूरी है?

इंश्योरेंस सिर्फ अस्पताल का बिल देता है, लेकिन घर का राशन, किराया और बिजली बिल भरने के लिए आपको कैश (इमरजेंसी फंड) की ही जरूरत होगी.

Q3 क्या गोल्ड को इमरजेंसी फंड मान सकते हैं?

इमरजेंसी फंड ऐसा होना चाहिए जो रात 2 बजे भी काम आए. सोना बेचने या गिरवी रखने में समय लगता है, जबकि फंड तुरंत हाथ में होना चाहिए.

Q4 क्या यह पैसा शेयर बाजार में लगा सकते हैं?

अगर बाजार गिर गया तो आपकी जमा पूंजी भी घट जाएगी. इसे सिर्फ बैंक सेविंग्स अकाउंट या लिक्विड फंड में रखें जहां पैसा सुरक्षित रहे.

Q5 फंड की रकम कब बढ़ानी चाहिए?

अगर आपकी सैलरी बढ़ी है या घर के खर्चे (जैसे बच्चे की फीस या किराया) बढ़ गए हैं, तो फंड की रकम भी थोड़ी बढ़ा दें

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