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बात इंडिया की हो या विदेश की अच्छी एजुकेशन हासिल करना दिन पर दिन महंगा हो रहा है. क्वालिटी एजुकेशन हासिल करने के लिए आपको मोटी कॉलेज और स्कूल फीस भी देना होती है. हर वर्ग का व्यक्ति इतना खर्च शायद मैनेज न कर सके. ऐसे में अगर आप क्वालिटी एजुकेशन हासिल करने के लिए पैसों का इंतजाम करना चाहते हैं तो एजुकेशन लोन का सहारा ले सकते हैं.
एजुकेशन लोन खासतौर पर स्टूडेंट्स के लिए डिजाईन किया गया है. कई बैंक्स और फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स ये लोन प्रोवाइड करते हैं. एजुकेशन लोन में आपको इनकम टैक्स बेनिफिट्स तो मिलते ही हैं साथ ही साथ कुछ चुनिंदा कोर्सेज के लिए बिना किसी प्लेज और गारंटी दिए भी लोन प्रोवाइड कराया जाता है.
1. लोन अमाउंट आपके study एरिया पर निर्भर करते हुए 1 लाख से 1 करोड़ तक हो सकता है. कई बैंक्स इंडिया में पढ़ाई के लिए 50 लाख तक और विदेशों में पढ़ाई के लिए 1 करोड़ तक का लोन स्टूडेंट्स को प्रोवाइड करते हैं. बैंक्स अंडरग्रेजुएट और
2. कुछ खास मामलों में 100% की फाइनेंसिंग की सुविधा भी मिलती है.
3. फाइनेंसिंग में ट्रेवल और लैपटॉप जैसे जरूरी study मैटेरियल के खर्चे भी कवर होते हैं.
4. बैंकों द्वारा लोन को फ्लेक्सिबल बनाने के लिए आसान रीपेमेंट के ऑप्शन दिए जाते हैं. कोर्स के पूरे होने के बाद 12 साल तक रीपेमेंट का समय दिया जाता है.
क्लास 10वीं और 12वीं की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट
कॉलेज और यूनिवर्सिटी का एडमिशन लैटर
फीस स्ट्रक्चर
एप्लिकेंट और को एप्लिकेंट के kyc डाक्यूमेंट्स
कई बैंक्स 4 लाख रुपए से कम लोन पर कोलैटरल नहीं मांगते लेकिन वही 4 लाख से 7.5 लाख रुपए तक थर्ड पार्टी गारंटर की जरूरत होती है और 7.5 लाख से ऊपर के लोन पर कोलैटरल मैंडेटरी हो जाता है. अगर आप अब्रॉड में पढ़ने के लिए लोन लेना चाहते हैं तो इंश्योरेंस जरूरी हो जाता है. आपको बता दें एजुकेशन लोन लेने के फौरन बाद ही रीपेमेंट करना जरूरी नहीं होता. कोर्स कम्पलीट होने के कुछ महीने या साल भर बाद आप पेमेंट्स शुरू कर सकते हैं. इतना ही नहीं कुछ खास केसेज में आप इसे 5 से 7 साल तक के लिए एक्सटेंड भी करवा सकते हैं.