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अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपने फॉर्म-16 (Form-16) का नाम जरूर सुना होगा, जो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR Filing) में काम आता है. लेकिन एक और फॉर्म है फॉर्म-13 (Form-13), जो हर उस इंसान के लिए बेहद जरूरी है जो जॉब बदलता है. यह फॉर्म सीधे आपके EPF (Employees' Provident Fund) अकाउंट से जुड़ा होता है और आपके पैसों को सुरक्षित रखने में मदद करता है.
दरअसल, जब भी आप नौकरी बदलते हैं तो आपके पुराने और नए PF अकाउंट अलग-अलग हो जाते हैं. ऐसे में बैलेंस ट्रैक करना और सर्विस हिस्ट्री संभालना मुश्किल हो जाता है. लेकिन फॉर्म-13 की मदद से आप अपने पुराने अकाउंट का पैसा और हिस्ट्री नए अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं.
जब आप जॉब बदलते हैं तो आपका PF अलग-अलग अकाउंट में फंस जाता है. लेकिन फॉर्म-13 भरने से आपका पुराना बैलेंस और सर्विस हिस्ट्री नए अकाउंट में जुड़ जाती है. इसका फायदा यह है कि रिटायरमेंट के समय आपका पूरा PF एक ही जगह दिखेगा.
आसान भाषा में समझें तो, फॉर्म-13 आपके PF अकाउंट्स को जोड़ने का आसान तरीका है. अगर आप इसे समय पर भरते हैं तो भविष्य में आपको किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी और आपका सारा पैसा और सर्विस हिस्ट्री एक ही जगह साफ-साफ दिखेगी.
यह कर्मचारियों के लिए बनाया गया रिटायरमेंट फंड है.
EPFO भारत सरकार का संगठन है जो PF मैनेज करता है.
यह हर कर्मचारी को मिलने वाला यूनिक अकाउंट नंबर है.
जब आप नौकरी बदलते हैं और PF ट्रांसफर करना हो.
फॉर्म-16 टैक्स से जुड़ा है, जबकि फॉर्म-13 PF ट्रांसफर से.
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