Digital Gold vs Gold ETF: कौन है ज्‍यादा 'दमदार'! आपको कहां लगाना चाहिए पैसा?

Digital Gold vs Gold ETF Returns: फिजिकल सोना खरीदने के अलावा भी सोने में निवेश के कुछ तरीके होते हैं, ऐसे ही दो पॉपुलर तरीके हैं डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) और गोल्ड ETF (Exchange Traded Fund). यहां जानिए इनके बीच का फर्क और मुनाफे के लिहाज से आपको कौन कहां पैसा लगाना चाहिए?
Digital Gold vs Gold ETF: कौन है ज्‍यादा 'दमदार'! आपको कहां लगाना चाहिए पैसा?

Digital Gold vs Gold ETF Investment : भारत में सोने में निवेश करना एक परंपरा की तरह है. ये मुश्किल वक्त का साथी भी है और समृद्धि का प्रतीक भी. लेकिन अब वो जमाना गया, जब सोना खरीदने के लिए सुनार की दुकान पर जाकर मोलभाव करना पड़ता था. आज के डिजिटल दौर में सोना खरीदने के दो सबसे स्मार्ट और पॉपुलर तरीके हैं - डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) और गोल्ड ETF (Gold Exchange Traded Fund).

लेकिन इन दोनों के नाम सुनकर लगता है कि ये एक ही हैं, इसलिए ज्यादातर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं. जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है. दोनों के काम करने का तरीका, फायदे, नियम और चार्ज बिल्कुल अलग हैं. आइए जानते हैं कि आपके लिए कौन सा विकल्प ज्यादा 'दमदार' है.

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क्या है डिजिटल गोल्ड?

ये सोना खरीदने का सबसे आसान और नया तरीका है.

कैसे काम करता है?

आप अपने पसंदीदा पेमेंट ऐप (जैसे Paytm, Google Pay, PhonePe) या MMTC-PAMP जैसी कंपनियों की वेबसाइट से सीधे 24 कैरेट शुद्ध सोना खरीद सकते हैं. आपका खरीदा हुआ सोना आपके नाम पर एक बीमित वॉलेट में सुरक्षित रख दिया जाता है.

किसके लिए बेस्ट है?

ये उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो पहली बार सोने में निवेश कर रहे हैं, जिनके पास डीमैट अकाउंट नहीं है, और जो बहुत छोटी रकम (जैसे ₹1, ₹10, ₹100) से शुरुआत करना चाहते हैं.

क्या है गोल्ड ETF?

ETF का मतलब होता है Exchange Traded Fund.

कैसे काम करता है?

गोल्ड ETF एक तरह का म्यूचुअल फंड है जो सोने में निवेश करता है. आप इसे बिल्कुल किसी कंपनी के शेयर की तरह स्टॉक एक्सचेंज (NSE/BSE) पर खरीद और बेच सकते हैं. 1 गोल्ड ETF की यूनिट आमतौर पर 1 ग्राम सोने के बराबर होती है.

किसके लिए बेस्ट है?

ये उन निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए बना है जिनके पास डीमैट अकाउंट है, जो सोने में ट्रेडिंग करना चाहते हैं, और जिन्हें ज्यादा लिक्विडिटी (आसानी से खरीदने-बेचने की सुविधा) चाहिए.

आपके लिए कौन है बेहतर?

आपको डिजिटल गोल्ड चुनना चाहिए अगर...

  • आप छोटी शुरुआत करना चाहते हैं
  • अगर आप हर महीने ₹100, ₹500 या ₹1000 जैसी छोटी रकम से सोना जोड़ना चाहते हैं, तो डिजिटल गोल्ड आपके लिए बेस्ट है.
  • आपके पास डीमैट अकाउंट नहीं है
  • अगर आप शेयर बाजार की झंझटों में नहीं पड़ना चाहते और बिना डीमैट अकाउंट के सोना खरीदना चाहते हैं, तो यही एकमात्र डिजिटल विकल्प है.
  • आपको भविष्य में असली सोना चाहिए
  • अगर आपका लक्ष्य धीरे-धीरे सोना जमा करके भविष्य में उसे सोने के सिक्के या बिस्किट के रूप में घर लाना है, तो डिजिटल गोल्ड यह सुविधा देता है.
  • आप तोहफा देना चाहते हैं, आप आसानी से किसी को भी डिजिटल गोल्ड गिफ्ट कर सकते हैं.

आपको गोल्ड ETF चुनना चाहिए अगर...

  • आप एक अनुभवी निवेशक हैं
  • अगर आपके पास पहले से ही एक डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट है, तो ETF खरीदना आपके लिए बहुत आसान है.
  • आपको ज्यादा लिक्विडिटी चाहिए
  • अगर आप सोने को एक शेयर की तरह खरीदना-बेचना (ट्रेड) चाहते हैं और चाहते हैं कि आपका पैसा तुरंत आपके खाते में आ जाए, तो ETF बेहतर है.
  • आप लंबी अवधि के लिए कम लागत वाला निवेश चाहते हैं
  • लंबी अवधि में, गोल्ड ETF का कुल खर्च (एक्सपेंस रेशियो) डिजिटल गोल्ड के स्प्रेड से कम पड़ता है.
  • आप एक रेगुलेटेड प्रोडक्ट चाहते हैं: गोल्ड ETF पूरी तरह से SEBI के नियमों के तहत काम करते हैं, जो इसे एक अतिरिक्त सुरक्षा परत देता है.

आपके लिए कौन सा ऑप्‍शन बेहतर?

डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF, दोनों ही फिजिकल सोना खरीदने से कहीं बेहतर विकल्प हैं. दोनों में से कौन 'दमदार' है, ये आपकी अपनी जरूरत पर निर्भर करता है.

अगर आप एक आम, छोटे निवेशक हैं. ऐसा सोना खरीदना चाहते हैं जिसमें सोने की शुद्धता की गारंटी हो, और भविष्य में उसे असली सोने (फिजिकल गोल्ड) में बदलवाने की क्षमता भी हो, तो डिजिटल गोल्ड आपके लिए सही हो सकता है. ये छोटी-छोटी, नियमित खरीदारी के लिए बहुत अच्छा है

दूसरी ओर, अगर आप पहले से ही शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं और सोने की कीमतों पर नजर रखने के लिए एक कम लागत वाला और रेगुलेटेड (नियमों के तहत चलने वाला) तरीका चाहते हैं, तो गोल्ड ETF समझदारी भरा फैसला है. ये उन निवेशकों के लिए सही है जिन्हें असली सोने की डिलीवरी नहीं चाहिए और जो अपने डीमैट खाते में लंबी अवधि के लिए, बिना ज्यादा झंझट के, सोने में निवेश करना चाहते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या डिजिटल गोल्ड सुरक्षित है.

जवाब: हां. जब आप किसी प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म (जैसे MMTC-PAMP) से डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं तो आपका सोना 100% बीमित वॉलेट में सुरक्षित रखा जाता है और इसकी निगरानी एक स्वतंत्र ट्रस्टी करता है.

2. दोनों में से टैक्स के नियम किसके लिए बेहतर हैं.

जवाब: दोनों पर टैक्स के नियम बिल्कुल एक जैसे हैं. अगर आप 3 साल से पहले बेचते हैं तो मुनाफा आपकी इनकम में जुड़कर स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा (शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स). अगर 3 साल के बाद बेचते हैं तो मुनाफे पर 20% का टैक्स इंडेक्सेशन के फायदे के साथ लगेगा (लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स).

3. गोल्ड ETF को फिजिकल सोने में कैसे बदलवा सकते हैं.

जवाब: गोल्ड ETF को फिजिकल सोने में बदलवाना बहुत मुश्किल और महंगा है. इसके लिए आपके पास बहुत बड़ी मात्रा में (आमतौर पर 500 ग्राम या 1 किलो) ETFs होने चाहिए. इसलिए, अगर आपका लक्ष्य फिजिकल सोना लेना है, तो डिजिटल गोल्ड ही बेहतर है.

4. डिजिटल गोल्ड पर GST लगता है क्या.

जवाब: हां, जब आप डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं, तो आपको उस पर 3% GST देना पड़ता है, बिल्कुल फिजिकल सोने की तरह ही. हालांकि, बेचते समय GST नहीं लगता.

5. क्या गोल्ड ETF में SIP कर सकते हैं.

जवाब: हां, आप अपने ब्रोकर के जरिए गोल्ड ETF में भी SIP कर सकते हैं.

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