धनतेरस (Dhanteras 2025) का दिन धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. इस दिन सोना खरीदने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है क्योंकि इसे शुभ संकेत और गुड लक से जोड़ा जाता है. लेकिन बीते कुछ समय से सोने की कीमत जिस तरह से बढ़ी है, ऐसे में सोना खरीद पाना सबके बस की बात नहीं है.
लेकिन अगर आप सिर्फ ‘Good Luck’ के लिए गोल्ड खरीदना चाहते हैं, तो ये जरूरी नहीं है कि आप सोने की खरीदारी सिर्फ आभूषण या सिक्के के तौर पर ही करें. आप चाहें तो Digital Gold, Gold ETF या Gold Mutual Fund के जरिए भी शुभ खरीदारी कर सकते हैं, वो भी अपनी जेब के मुताबिक. यहां जानिए इनके बारे में.
Digital Gold – जेब पर हल्का, निवेश में आसान
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- डिजिटल गोल्ड आज के समय में गोल्ड में निवेश करने का सबसे आसान और फ्लेक्सिबल तरीका बन गया है.
- Paytm, PhonePe, Google Pay और MMTC-PAMP जैसे प्लेटफॉर्म से आप डिजिटल गोल्ड खरीद सकते हैं. इसके लिए जरूरी नहीं कि आप हजारों रुपए ही खर्च करें. आप चाहें तो 100, 200 या 500 रुपए से भी सोने की खरीदारी कर सकते हैं.
- डिजिटल गोल्ड में आपको 24 कैरेट का शुद्ध सोनो मिलता है. इसे आपके नाम से कंपनी के वॉलेट में सुरक्षित रखा जाता है.
- आप चाहें तो बाद में उसी गोल्ड को बेच सकते हैं या डिलीवरी लेकर फिजिकल गोल्ड में बदलवा सकते हैं.
फायदा: इसमें न चोरी का डर, न स्टोरेज की झंझट और न मेकिंग चार्जेज़ का झंझट.
Gold ETF – शेयर मार्केट में गोल्ड का विकल्प
अगर आप थोड़ा समझदार और मार्केट-अवेयर इन्वेस्टर हैं तो Gold ETF एक बेहतरीन विकल्प है.
- ये स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाला फंड है जो सोने की कीमतों से जुड़ा रहता है.
- आप इसे शेयर की तरह अपने Demat Account से खरीद और बेच सकते हैं.
- इसमें कोई फिजिकल गोल्ड नहीं होता, लेकिन इसका मूल्य सोने के भाव से सीधे जुड़ा रहता है.
फायदा: इसमें Liquidity ज्यादा है यानी जरूरत पड़ने पर कभी भी बेच सकते हैं और इसमें कोई Storage Risk नहीं होता.
Gold Mutual Funds – प्रोफेशनल मैनेजमेंट का लाभ
आप चाहें तो Gold Mutual Fund में भी निवेश कर सकते हैं. ये आपके लिए बेस्ट चॉइस हो सकता है.
- आप धनतेरस के दिन से इस निवेश की शुरुआत SIP यानी Systematic Investment Plan के जरिए कर सकते हैं. इसमें हर महीने थोड़ी रकम डालकर आप गोल्ड के भाव पर निवेश करते हैं.
- इन फंड्स को प्रोफेशनल फंड मैनेजर मैनेज करते हैं, जो गोल्ड ETF में पैसा लगाते हैं.
- इसके जरिए आप अप्रत्यक्ष रूप से गोल्ड मार्केट में निवेश करते हैं और सोने के रिटर्न का फायदा उठाते हैं.
फायदा: एक क्लिक में निवेश, कम रिस्क और टेंशन-फ्री गोल्ड ग्रोथ.
क्या हैं रिस्क फैक्टर?
हर निवेश की तरह इसमें भी कुछ रिस्क मौजूद हैं.
- गोल्ड ETF या म्यूचुअल फंड के रिटर्न पूरी तरह सोने की कीमत पर निर्भर करते हैं.
- डिजिटल गोल्ड में कंपनी की लिमिटेड स्टोरेज अवधि (5 साल तक) का नियम होता है.
- गोल्ड म्यूचुअल फंड्स में Expense Ratio लागू होता है, जो आपके रिटर्न को थोड़ा प्रभावित कर सकता है.
FAQs
Q1. क्या डिजिटल गोल्ड में असली सोना खरीदा जाता है?
हां, लेकिन वो आपके नाम पर कंपनी के वॉलेट में सुरक्षित रहता है. जरूरत पड़ने पर आप उसे बेच या फिजिकल डिलीवरी ले सकते हैं.
Q2. गोल्ड ETF और म्यूचुअल फंड में क्या अंतर है?
ETF शेयर बाजार से जुड़ा होता है और Demat अकाउंट चाहिए, जबकि गोल्ड म्यूचुअल फंड SIP के जरिए बिना Demat अकाउंट के भी खरीदा जा सकता है.
Q3. क्या डिजिटल गोल्ड पर टैक्स देना होता है?
हां, डिजिटल गोल्ड को कैपिटल एसेट माना जाता है. तीन साल से पहले बेचने पर Short Term Capital Gain टैक्स और बाद में Long Term Capital Gain टैक्स लागू होता है.
Q4. Dhanteras पर कितना डिजिटल गोल्ड खरीदना शुभ माना जाता है?
धार्मिक दृष्टि से कोई फिक्स अमाउंट नहीं है. बस शुभता के लिए ₹1 या ₹11 का डिजिटल गोल्ड खरीदना भी काफी होता है.