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अगर आप मार्केट में इन्वेस्टमेंट करते हैं तो आपको डीमैट अकाउंट के बारे में जरूर पता होगा. Demat Account का मतलब Dematerialisation Account होता है. डीमैट अकाउंट आपके इन्वेस्टमेंट को इलेक्ट्रॉनिक फार्म में रखता है, जो लैपटॉप या स्मार्ट डिवाइस और इंटरनेट के साथ आसानी से एक्सेस हो सकता है. डीमैट अकाउंट को एक्सेस करने के लिए आपके पास लॉगइन आईडी और पासवर्ड होना जरूरी है. लेकिन जिस तरह से आप सेविंग्स अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बरतते हैं, उसी तरह आपको डीमैट अकाउंट की सुरक्षा को लेकर भी अलर्ट रहना चाहिए. सेविंग्स अकाउंट की तरह आपके डीमैट अकाउंट के साथ भी फ्रॉड हो सकता है. यहां जानिए वो टिप्स जो आपके डीमैट अकाउंट को सुरक्षित रखने में मददगार हैं.
डीमैट नंबर, पता, यूजर नेम, पासवर्ड वगैरह को किसी भी अन्य व्यक्ति से शेयर न करें. तमाम लोग इस जानकारी को कहीं लिखकर रखते हैं, लेकिन बेहतर होगा कि आप इसे दिमाग में सुरक्षित रखें. वहां से इसे कोई चोरी नहीं कर सकता. अगर लिखना ही है तो इस जानकारी को लिखकर किसी ऐसी जगह पर लॉक करके रखें, जहां से ये किसी और के हाथ न लगे.
पासवर्ड चाहे आपके मेल आईडी का हो, नेट बैंकिंग का हो या डीमैट अकाउंट का, इसे हमेशा मजबूत बनाना चाहिए. पासवर्ड में इंग्लिश वर्ड्स, न्यूमेरिक और स्पेशल वर्ड्स वगैरह का इस्तेमाल करें. साथ ही अपना नाम, जन्मतिथि, शादी की सालगिरह, बच्चे का नाम जैसे स्पष्ट पासवर्ड डालने से बचें.
अपने डीमैट खाते पर लेन-देन के लिए SMS अलर्ट को एक्टिव करें ताकि आपको किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत पता चल सके. किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत अपने ब्रोकर या डिपॉजिटरी को सूचित करें.
एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, शॉपिंग मॉल आदि पर मुफ्त वाई-फाई से अपने डीमैट अकाउंट में लॉग-इन न करें. डीमैट लॉगइन केवल सुरक्षित नेटवर्क से ही करें. अगर अकाउट में लॉग-इन किया है तो लॉग-आउट भी जरूर करें.
अपने डीमैट अकाउंट की सुरक्षा के लिए उसके पासवर्ड को आप समय-समय पर बदलते रहें. आप अगर महीनेभर में भी पासवर्ड बदल लेते हैं तो इसके हैक किए जाने की संभावना को काफी कम कर सकते हैं.
अगर आप लंबे समय से डीमैट अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो आप इस अकाउंट को फ्रीज कर सकते हैं. इससे भी आप धोखाधड़ी को रोक सकते हैं. जब आपको इस्तेमाल करना हो, तब इसे आसानी से अनफ्रीज कर सकते हैं.