&format=webp&quality=medium)
Credit Card Spending May 2025: देश में डिजिटल लेनदेन और उपभोक्ता खर्च लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मई 2025 में क्रेडिट कार्ड से खर्च बढ़कर ₹1.89 लाख करोड़ पर पहुंच गया है. यह सालाना आधार पर 14.5% की बढ़ोतरी को दर्शाता है और लगातार तीसरा महीना है जब कार्ड खर्च ₹1.80 लाख करोड़ से ऊपर बना हुआ है. मार्च 2025 में यह आंकड़ा रिकॉर्ड ₹2 लाख करोड़ तक पहुंचा था.
| महीना | कुल कार्ड्स | नए जुड़े कार्ड्स | कुल खर्च (₹ लाख करोड़) |
|---|---|---|---|
| जनवरी 2025 | 10.88 करोड़ | 8.17 लाख | 1.84 |
| फरवरी 2025 | 10.93 करोड़ | 4.42 लाख | 1.67 |
| मार्च 2025 | 10.98 करोड़ | 5.69 लाख | 2.015 |
| अप्रैल 2025 | 11.04 करोड़ | 5.51 लाख | 1.84 |
| मई 2025 | 11.19 करोड़ | 7.61 लाख | 1.89 |
| बैंक | खर्च ग्रोथ (MoM) | नए जुड़े कार्ड्स |
|---|---|---|
| HDFC Bank | स्थिर | 2.74 लाख |
| SBI Card | +10% | 1.26 लाख |
| Axis Bank | +6% | 1.05 लाख |
मई में 63.3% क्रेडिट कार्ड खर्च ई-कॉमर्स से हुआ, जबकि अप्रैल में यह 63.1% था. ई-कॉमर्स पर प्रति ट्रांजेक्शन औसत खर्च ₹5,200 रहा, वहीं POS (Point of Sale) पर औसत ₹2,900 था. UPI-P2M ट्रांजेक्शन में 25% की सालाना ग्रोथ देखने को मिली और ये ₹7 लाख करोड़ तक पहुंच गए. वहीं, डेबिट कार्ड खर्च में 15% की गिरावट हुई और यह ₹36,800 करोड़ तक सीमित रह गया.
Equirus Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2025 में कार्ड खर्च ₹1.8 लाख करोड़ पर स्थिर रहने की उम्मीद है. हालांकि, रिवॉल्व रेट (जो ग्राहकों द्वारा भुगतान न किए गए बिलों पर बैंकों की आय को दर्शाता है) अभी भी 24% के आसपास ही है, जिससे बैंकों की ब्याज आधारित आय सीमित है.
SBI Cards, जो भारत की एकमात्र लिस्टेड क्रेडिट कार्ड कंपनी है, अब APR (Annualised Percentage Rate) को 42% से बढ़ाकर 45% कर चुकी है, जिससे मार्जिन और प्रॉफिट में सुधार लाया जा सके. FY25 में RoA (Return on Assets) जहां 3.1% था, वहीं FY26 में इसके 4.2–5.6% तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.