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आज के समय में Credit Card लगभग हर नौकरीपेशा और मिडिल क्लास परिवार के पास है. शॉपिंग, ट्रैवल, मेडिकल खर्च या अचानक आई जरूरत में Credit Card तुरंत काम आता है. लेकिन यही कार्ड अगर गलत तरीके से इस्तेमाल हो जाए, तो यह सुविधा नहीं बल्कि बड़ी मुसीबत बन जाता है.
सबसे ज्यादा नुकसान उस फीचर से होता है जिसे लोग सबसे सुरक्षित समझते हैं. इसे कहते हैं Minimum Due Payment. ज्यादातर लोग सोचते हैं कि Minimum Due भरने से वे सुरक्षित हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि यही आदत लोगों को धीरे-धीरे भारी कर्जदार बना देती है.
Credit Card का सबसे खतरनाक फीचर है Minimum Due Payment. यह वो रकम होती है जो बैंक आपको हर महीने बिल में दिखाता है और कहता है कि इतना भर दो, लेट फीस नहीं लगेगी. आमतौर पर यह कुल बिल का सिर्फ 5 प्रतिशत या उससे भी कम होता है.
लोग इसे राहत समझकर भर देते हैं. उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभा दी. लेकिन बैंक यहीं से असली कमाई शुरू करता है. बाकी बचे अमाउंट पर भारी ब्याज लगना शुरू हो जाता है, जो महीने दर महीने जुड़ता रहता है.
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जब आप सिर्फ Minimum Due भरते हैं, तो असल में आपका पूरा बिल क्लियर नहीं होता. बचे हुए अमाउंट पर 35 से 45 प्रतिशत सालाना तक ब्याज लग सकता है. इसके अलावा GST और दूसरे चार्ज भी जुड़ते रहते हैं.
धीरे-धीरे ऐसा होता है कि आप हर महीने पैसे तो भरते हैं, लेकिन आपका कुल बकाया कम होने के बजाय बढ़ता चला जाता है. कई लोग इसी चक्कर में सालों तक Credit Card का कर्ज चुकाते रहते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता कि वे ब्याज के जाल में फंस चुके हैं.
बैंक कभी भी आपको यह नहीं कहेगा कि Minimum Due भरना गलत है. इसकी वजह साफ है. बैंक की सबसे ज्यादा कमाई ब्याज से होती है. जब आप पूरा बिल नहीं भरते, तो बैंक को मोटा ब्याज मिलता है.
इसलिए Credit Card स्टेटमेंट में Minimum Due को हाइलाइट करके दिखाया जाता है. कई बार SMS और ऐप नोटिफिकेशन में भी यही रकम सबसे ऊपर दिखाई जाती है, ताकि ग्राहक उसी पर फोकस करे और पूरा भुगतान न करे.
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Minimum Due भरने से आपका CIBIL Score तुरंत खराब नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक इसका असर बहुत खतरनाक हो सकता है. लगातार हाई क्रेडिट यूटिलाइजेशन दिखने लगता है, यानी आप अपनी लिमिट का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर रहे हैं.
इससे बैंक मान लेते हैं कि आप फाइनेंशियल प्रेशर में हैं. आगे चलकर Home Loan, Car Loan या Personal Loan के वक्त या तो लोन रिजेक्ट हो सकता है या फिर ज्यादा ब्याज दर लग सकती है.
इस गलती का शिकार ज्यादातर वही लोग होते हैं जो:
शुरुआत में Minimum Due आसान लगता है, लेकिन कुछ ही महीनों में यह आदत बड़ी परेशानी बन जाती है.
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अगर आप Credit Card का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो सबसे जरूरी नियम है हर महीने पूरा बिल भरना. अगर किसी वजह से पूरा भुगतान संभव न हो, तो कोशिश करें कि Minimum Due से ज्यादा अमाउंट जरूर चुकाएं. इसके अलावा Credit Card का इस्तेमाल जरूरत के लिए करें, न कि लाइफस्टाइल दिखाने के लिए. समय-समय पर अपने स्टेटमेंट को ध्यान से पढ़ें और ब्याज दर जरूर समझें.
Credit Card अपने आप में बुरा नहीं है, लेकिन Minimum Due Payment जैसी सुविधा इसे खतरनाक बना देती है. जो लोग इसे राहत समझते हैं, वही सबसे ज्यादा कर्ज में फंसते हैं. अगर समय रहते समझदारी दिखाई जाए और पूरा भुगतान किया जाए, तो Credit Card एक फायदेमंद टूल बन सकता है, न कि कर्ज का जाल.
यह बिल की न्यूनतम रकम होती है जिसे भरने पर लेट फीस नहीं लगती.
हां, बचे हुए अमाउंट पर भारी ब्याज लगता है.
बार-बार भरना फाइनेंशियल नुकसानदायक होता है.
आमतौर पर 35–45 प्रतिशत सालाना तक.
लंबे समय में हां, असर पड़ता है.
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