&format=webp&quality=medium)
विदेश यात्रा के लिए आवेदन प्रस्तावित यात्रा की तारीख से कम से कम 21 दिन पहले जमा करना होगा. (प्रतीकात्मक फोटो/AI)
अगर आप केंद्रीय कर्मचारी हैं और परिवार के साथ दुबई, थाईलैंड, सिंगापुर या यूरोप घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. अब विदेश यात्रा को लेकर सिर्फ छुट्टी मंजूर होना काफी नहीं होगा. सरकार ने साफ कर दिया है कि विदेश जाने से पहले तय प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है और आवेदन भी समय रहते देना होगा.
हाल ही में जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कई कर्मचारी विदेश यात्रा की अनुमति के लिए आखिरी समय में आवेदन भेज रहे थे, जिससे जांच, क्लियरेंस और अनुमोदन प्रक्रिया में दिक्कत आ रही थी. इसी वजह से अब स्पष्ट व्यवस्था लागू की गई है कि विदेश यात्रा के लिए आवेदन प्रस्तावित यात्रा की तारीख से कम से कम 21 दिन पहले जमा करना होगा.
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक कई कर्मचारी विदेश यात्रा से महज 4-5 दिन पहले अनुमति के लिए आवेदन भेज रहे थे. इससे प्रशासन के सामने कई समस्याएं खड़ी हो रही थीं.
इसी कारण कर्मचारियों को पहले से आवेदन देने के निर्देश दोबारा जारी किए गए हैं.
ये भी जरूर पढ़ें: DA Hike July 2026: 63% पहुंच सकता है महंगाई भत्ता! अप्रैल के आंकड़ों ने बढ़ाई उम्मीद, अब कर्मचारियों की नजर सिर्फ 2 नंबरों पर
यहीं सबसे बड़ी गलतफहमी होती है. कई कर्मचारियों को लगता है कि अगर उनकी Earned Leave या Casual Leave मंजूर हो गई तो वे विदेश जा सकते हैं. लेकिन सरकारी नियम इसके आगे की प्रक्रिया भी तय करते हैं.
विदेश यात्रा चाहे निजी हो या किसी अन्य उद्देश्य से, कई मामलों में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति जरूरी होती है. DoPT ने पहले भी स्पष्ट किया था कि बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़कर विदेश जाना गंभीर मामला माना जा सकता है और उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है.


विदेश जाने की योजना बनाते समय कर्मचारी को निर्धारित प्रोफॉर्मा भरकर आवेदन देना होगा.
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| कर्मचारी का नाम | पूरा नाम |
| पद | वर्तमान पदनाम |
| विभाग/मंत्रालय | संबंधित कार्यालय |
| पासपोर्ट नंबर | वैध पासपोर्ट विवरण |
| यात्रा अवधि | कब से कब तक |
| कौन-कौन से देश जाएंगे | सभी देशों का विवरण |
| यात्रा का उद्देश्य | पर्यटन, पारिवारिक या अन्य |
| खर्च कितना होगा | अनुमानित व्यय |
| पैसा कहां से आएगा | फंड का स्रोत |
नए आवेदन के साथ कर्मचारी को यह भी बताना होगा कि उसने पिछले चार वर्षों में किन-किन देशों की यात्रा की है.
इसके लिए अलग कॉलम दिया गया है जिसमें:
लिखना होगा.
ये भी जरूर पढ़ें: 8th Pay Commission: बढ़ेगा इंश्योरेंस कवर? Group A के लिए ₹3 करोड़ तक की चर्चा, छुट्टियों में भी होगा बड़ा बदलाव?
मान लीजिए आपने जुलाई में विदेश यात्रा की योजना बनाई है.
अगर आपकी फ्लाइट 25 जुलाई की है तो आपको कम से कम 4 जुलाई तक आवेदन जमा कर देना चाहिए.
सरकार का कहना है कि इससे:
नियमों के तहत कर्मचारी को एक लिखित Undertaking भी देनी होगी.
इसमें उसे कुछ महत्वपूर्ण बातें स्वीकार करनी होंगी.
कर्मचारी को लिखकर देना होगा कि:
ये भी जरूर पढ़ें: 8th Pay Commission: कब और कितनी मिलेगी बढ़ी हुई पेंशन और सैलरी? केंद्रीय कर्मचारियों के 7 जरूरी सवालों के जवाब
कई कर्मचारियों को लगता है कि विदेश पहुंचने के बाद सरकारी सेवा नियम लागू नहीं होते. लेकिन Undertaking में साफ लिखा गया है कि कर्मचारी विदेश में रहने के दौरान भी Government Servants Conduct Rules के दायरे में रहेगा.
यानी:
यह इस आदेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. DoPT ने पहले ही स्पष्ट कर रखा है कि विदेश यात्रा के लिए पूर्व अनुमति न लेना गंभीर मामला माना जाएगा. ऐसी स्थिति में कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जा सकती है. इसलिए इसे सिर्फ औपचारिकता समझने की गलती नहीं करनी चाहिए.
ये भी जरूर पढ़ें: 8th Pay Commission से ठीक पहले बड़ा फैसला! केंद्रीय कर्मचारियों का बिना प्रमोशन बढ़ेगा Pay Level, जारी हुआ आदेश
गर्मी की छुट्टियों और त्योहारों के मौसम में बड़ी संख्या में कर्मचारी विदेश यात्रा की योजना बनाते हैं. ऐसे में सबसे पहले टिकट बुक करने की बजाय अपने विभाग के नियम देखना ज्यादा समझदारी होगी. अगर विदेश जाने का कार्यक्रम तय हो गया है तो अंतिम समय का इंतजार न करें. आवेदन, दस्तावेज और Undertaking पहले से तैयार रखें. इससे मंजूरी में देरी और बाद की परेशानी से बचा जा सकता है.
सीधी भाषा में कहें तो अब केंद्रीय कर्मचारियों के लिए विदेश यात्रा का नियम बिल्कुल साफ है- पहले अनुमति, फिर यात्रा. यही तरीका भविष्य की किसी भी प्रशासनिक परेशानी से बचा सकता है.