अब नहीं आएगा Income Tax का फर्जी नोटिस, CBDT ने लॉन्च किया डॉक्यूमेंटेशन ID नंबर

डॉक्यूमेंटेशन आइडेंटिफिकेशन नंबर सिस्टम को 1 अक्टूबर को लॉन्च किया गया और पहले ही दिन 17,500 नंबर जनरेट किए गए. इन नंबर के आधार पर कागजातों को देखकर ये पता चल पाएगा कि उन्हें किसने जारी किया है. 
अब नहीं आएगा Income Tax का फर्जी नोटिस, CBDT ने लॉन्च किया डॉक्यूमेंटेशन ID नंबर

सीबीडीटी ने कहा था कि अक्टूबर से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और असेसीज के बीच सभी तरह का कम्युनिकेशन एक डीआईएन नंबर की सहायता से किया जाएगा.

वैसे तो अब टैक्स का ज्यादातर काम ऑनलाइन (Digital India) होता है. फिर भी कुछ लोग ऑफलाइन इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते हैं. और अक्सर यह भी देखा गया है कि लंबे समय तक भी आईटीआर के बारे में जब कोई जानकारी नहीं मिलती है तो खोजबीन करने से पता चलता है कि आपका रिटर्न डिपार्टमेंट में पहुंचा ही नहीं है. या पहुंचा तो था, लेकिन कहीं गुम हो गया. इससे आपकी सारी मेहनत को बेकार जाती ही है, साथ ही आपको टैक्स डिपार्टमेंट की फजीहतों का भी सामना करना पड़ता है. इसके अलावा अक्सर कुछ लोगों के पास (Taxpayers) टैक्स डिपार्टमेंट से फर्जी नोटिस भी मिलते हैं.

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. अब टैक्स अधिकारी यह नहीं कह सकेंगे कि आपका लैटर नहीं मिला या फिर कहीं गुम हो गया. या फिर आपके पास टैक्स डिपार्टमेंट का कोई फर्जी नोटिस नहीं आएगा. सरकार की नई पहल पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने हरेक डाक्युमेंट को एक खास नंबर DIN देना शुरू किया है.

डॉक्यूमेंटेशन आइडेंटिफिकेशन नंबर (documentation identification number) सिस्टम को 1 अक्टूबर को लॉन्च किया गया और पहले ही दिन 17,500 नंबर जनरेट किए गए. इन नंबर के आधार पर कागजातों को देखकर ये पता चल पाएगा कि उन्हें किसने जारी किया है.

Add Zee Business as a Preferred Source

सीबीडीटी के मुताबिक, टैक्स डिपार्टमेंट और टैक्सपेयर के बीच होने वाले कागजी कम्युनिकेशन को 15 दिन के भीतर डिपार्टमेंट के पोर्टल पर अपलोड करना होगा.

DIN सिस्टम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के निर्देशन में तैयार किया गया है. यह सिस्टम से इनकम टैक्स में पारदर्शिता आएगी.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अपने टैक्सपेयर के साथ हर कम्युनिकेशन पर इस नंबर का इस्तेमाल करेगा. इससे हर कम्युनिकेशन का एक रिकॉर्ड दर्ज होगा. इसके बिना किसी भी तरह का कम्युनिकेशन गलत माना जाएगा. अब से DIN के साथ सभी कम्युनिकेशन ई-फाइलिंग पोर्टल पर वेरिफिकेशन के लायक होंगे.

बता दें कि सीबीडीटी ने कहा था कि अक्टूबर से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और असेसीज के बीच सभी तरह का कम्युनिकेशन एक डीआईएन नंबर की सहायता से किया जाएगा.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6