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ITR फाइल करते समय आप इसे अपने टैक्स के खिलाफ adjust या refund claim कर सकते हैं. (प्रतीकात्मक फोटो/AI)
कार खरीदते वक्त जो Extra पैसा दिया था… वो वापस भी मिल सकता है. नई कार खरीदते समय लोग Showroom price, Insurance, RTO Charges और Accessories पर खूब ध्यान देते हैं. लेकिन invoice में एक छोटा-सा टैक्स ऐसा भी जुड़ा होता है, जिसे ज्यादातर लोग समझ ही नहीं पाते.
नाम है: TCS यानी Tax Collected at Source. अगर आपने ₹10 लाख से ज्यादा कीमत की कार खरीदी है, तो बहुत संभव है कि आपने भी यह टैक्स दिया हो. और सबसे दिलचस्प बात?
यह पैसा कई मामलों में वापस भी मिल सकता है.
लेकिन दिक्कत यह है कि ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता कि यह Refund claim किया जा सकता है. नतीजा यह होता है कि हजारों रुपये सरकार के पास ही पड़े रह जाते हैं.
जब कोई व्यक्ति ₹10 लाख से ज्यादा कीमत की कार खरीदता है, तो dealer उससे 1% TCS वसूलता है.
यानी:
लेकिन टैक्स पहले सरकार के पास जमा हो जाता है.
बाद में Income Tax Return यानी ITR फाइल करते समय आप इसे अपने टैक्स के खिलाफ adjust या refund claim कर सकते हैं.

TCS का मतलब है: Tax Collected at Source
सरल भाषा में समझें तो: सरकार कुछ बड़े transactions पर पहले ही थोड़ा टैक्स collect कर लेती है. कार खरीदना भी उन्हीं transactions में शामिल है.
जब आप ₹10 लाख से ऊपर की कार खरीदते हैं, तो dealer:
यानी यह कोई “extra hidden charge” नहीं है, बल्कि recorded tax payment होता है.

मान लीजिए आपने ₹15 लाख की कार खरीदी.
तब:
TCS @ 1% = ₹15,000
यानी dealer आपसे ₹15,000 extra लेगा और सरकार के पास जमा करेगा.
अब यहां सबसे जरूरी बात समझिए: यह पैसा आपके PAN में credit हो जाता है.
अगर आपकी कुल tax liability कम है, तो ITR भरने के बाद यह रकम Refund के रूप में वापस मिल सकती है.
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यही सबसे बड़ा सवाल है.
असल में:
कई लोग तो ITR भी file नहीं करते. ऐसे में उनका पैसा सरकार के पास ही पड़ा रह जाता है.
अगर आपने कार खरीदी है, तो एक बार Form 26AS जरूर चेक करें.
यहीं पर दिखता है:
यानी यही आपका सबसे बड़ा proof है कि tax सरकार के पास गया है.

प्रोसेस मुश्किल नहीं है, बस जानकारी होनी चाहिए.
Step 1: Dealer से Form 27D लें
यह TCS का official proof होता है.
Step 2: Form 26AS चेक करें
देखें कि TCS amount वहां reflect हो रहा है या नहीं.
Step 3: ITR भरते समय TCS Claim जोड़ें
ITR में: “Taxes Paid / TCS” सेक्शन में यह amount add करना होता है.
Step 4: Refund सीधे बैंक खाते में आएगा
अगर आपकी tax liability कम है, तो extra amount सीधे आपके bank account में refund हो जाएगा.

यह आपकी कुल tax liability पर निर्भर करता है.
अगर:
लेकिन अगर:
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इन लोगों को कई बार अच्छा-खासा refund मिल सकता है.
| बात | जानकारी |
| TCS कब लगता है? | ₹10 लाख से ऊपर की कार पर |
| TCS कितना होता है? | 1% |
| Refund मिलता है? | हां |
| Refund कैसे मिलेगा? | ITR फाइल करने पर |
| कौन-सा Proof जरूरी? | Form 27D और Form 26AS |
| बैंक अकाउंट? | PAN से लिंक होना जरूरी |
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अगर आपने महंगी कार खरीदी है और ITR फाइल करते हैं, तो यह खबर आपके हजारों रुपये बचा सकती है.
क्योंकि:
बहुत लोग Tax देते हैं… लेकिन Refund लेना भूल जाते हैं.
और कई बार यह रकम:
या उससे ज्यादा भी हो सकती है.
कार खरीदते समय दिया गया TCS कोई “डूबा हुआ पैसा” नहीं है. यह आपका ही पैसा है, जो सही तरीके से claim करने पर वापस मिल सकता है.
लेकिन इसके लिए जरूरी है:
क्योंकि, कई बार जानकारी की कमी ही सबसे महंगी गलती बन जाती है.