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Budget 2026 में नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की तैयारी चल रही है. सरकारी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार Employee State Insurance Corporation (ESIC) के दायरे को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. इसके तहत ESIC के तहत आने वाली मासिक सैलरी लिमिट को मौजूदा 21,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 से 30,000 रुपये तक किया जा सकता है.
अगर यह प्रस्ताव बजट में शामिल होता है, तो इससे लाखों नए कर्मचारी ESIC के दायरे में आ जाएंगे और उन्हें फ्री इलाज, मेडिकल सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा का फायदा मिलेगा.
Employees' State Insurance Corporation यानी कर्मचारी राज्य बीमा निगम, भारत सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा संस्था है. इसका मकसद संगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को- मुफ्त इलाज, बीमारी के दौरान नकद लाभ, मातृत्व लाभ, दुर्घटना और विकलांगता में सहायता जैसी सुविधाएं देना है.
ESIC एक तरह से सरकारी हेल्थ इंश्योरेंस + सोशल सिक्योरिटी कवर है, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान करते हैं.
फिलहाल ESIC के नियमों के मुताबिक, ₹21,000 प्रति माह तक की सैलरी पाने वाले कर्मचारी ESIC के दायरे में आते हैं. इससे ज्यादा सैलरी होने पर कर्मचारी इस स्कीम से बाहर हो जाता है, भले ही उसे निजी हेल्थ इंश्योरेंस लेना पड़े. सरकार ने आखिरी बार साल 2016 में यह लिमिट बढ़ाई थी, जब इसे ₹15,000 से बढ़ाकर ₹21,000 किया गया था.
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ESIC की सैलरी लिमिट को ₹25,000 से ₹30,000 प्रति माह तक बढ़ाने पर विचार कर रही है. इसका मकसद है मिडिल क्लास और लोअर-मिडिल क्लास कर्मचारियों को कवर करना खासतौर पर प्राइवेट सेक्टर, MSME और सर्विस इंडस्ट्री के कर्मचारियों को फायदा मिलेगा. अगर यह बदलाव लागू होता है, तो ESIC के दायरे में आने वाले कर्मचारियों की संख्या में काफी बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फिलहाल ESIC के तहत करीब 13–14 करोड़ लोग (कर्मचारी + परिवार) कवर हैं. लिमिट बढ़ने के बाद, लाखों नए कर्मचारी और उनके परिवार इस स्कीम के दायरे में आ सकते हैं. खासतौर पर वे कर्मचारी, जिनकी सैलरी 22,000 से 30,000 रुपये के बीच है और जो अभी किसी सरकारी हेल्थ कवर के बाहर हैं.
ESIC के तहत मिलने वाले प्रमुख फायदे-
निजी हेल्थ इंश्योरेंस के मुकाबले यह कवर काफी सस्ता और व्यापक माना जाता है.
| साल | सैलरी लिमिट (₹/माह) |
|---|---|
| 2010 से पहले | 10,000 |
| 2010-2016 | 15,000 |
| 2016-अब तक | 21,000 |
| Budget 2026 (संभावित) | 25,000-30,000 |
इसके पीछे कुछ अहम वजहें हैं-
हां, लेकिन सीमित.
ESIC में
लिमिट बढ़ने से कुछ नियोक्ताओं का योगदान बढ़ेगा, लेकिन बदले में कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी.
अगर Budget 2026 में ESIC की सैलरी लिमिट बढ़ाने का ऐलान होता है, तो यह मिडिल क्लास कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत हो सकती है. हेल्थ खर्च में सीधी बचत होगी और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कदम साबित हो सकता है. अब सबकी नजरें Budget 2026 के ऐलान पर टिकी हैं.
Q1. ESIC की सैलरी लिमिट अभी कितनी है?
A. ₹21,000 प्रति माह.
Q2. Budget 2026 में लिमिट कितनी बढ़ सकती है?
A. ₹25,000 से ₹30,000 प्रति माह तक.
Q3. आखिरी बार ESIC लिमिट कब बढ़ी थी?
A. साल 2016 में.
Q4. ESIC का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
A. पूरे परिवार के लिए मुफ्त इलाज.
Q5. क्या ESIC प्राइवेट इंश्योरेंस से बेहतर है?
A. कम सैलरी वर्ग के लिए यह ज्यादा किफायती है.
Q6. क्या सभी कर्मचारियों को ESIC मिलता है?
A. नहीं, सैलरी लिमिट के भीतर आने वालों को ही.
Q7. ESIC में कर्मचारी कितना योगदान देता है?
A. सैलरी का 0.75%.
Q8. लिमिट बढ़ने से कौन से सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
A. प्राइवेट, MSME और सर्विस सेक्टर.