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रिटायरमेंट के बाद सबसे बड़ी चिंता होती है- रेगुलर इनकम. नौकरी खत्म होते ही सैलरी रुक जाती है, लेकिन खर्च रुकते नहीं हैं. ऐसे में जरूरी है कि बुढ़ापे के लिए पहले से ऐसी स्कीम्स में निवेश किया जाए, जो न सिर्फ पूंजी को सुरक्षित रखें बल्कि हर महीने तय आमदनी भी कराएं. अगर आप भी रिटायरमेंट के बाद पैसों की टेंशन नहीं लेना चाहते, तो ये 5 स्कीम्स आपकी तिजोरी भरने में मदद कर सकती हैं. साथ ही आपके लिए हर महीने इनकम का इंतजाम भी कराएंगी.
अगर आप इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं और बुढ़ापे में पक्की पेंशन चाहते हैं, तो Atal Pension Yojana एक अच्छा ऑप्शन है.
आप जितनी पेंशन चाहते हैं, उसी के हिसाब से आपका मासिक अंशदान तय होता है. कम आय वाले और असंगठित सेक्टर के लोगों के लिए ये स्कीम काफी फायदेमंद मानी जाती है.
National Pension System (NPS) एक सरकारी लेकिन मार्केट-लिंक्ड स्कीम है. इसमें निवेश से रिटायरमेंट के बाद बेहतर पेंशन मिल सकती है.
इस स्कीम के जरिए आप रिटायरमेंट फंड और पेंशन दोनों का इंतजाम कर सकते हैं. आप कुल कॉर्पस का कुछ हिस्सा रिटायरमेंट फंड के तौर पर निकाल सकते हैं, और बाकी का एन्युटी में लगाकर उससे पेंशन का इंतजाम कर सकते हैं.
सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल प्लान (Systematic Withdrawal Plan) एक ऐसा इन्वेस्टमेंट है जिसके तहत निवेशक को म्यूचुअल फंड स्कीम से एक तय राशि मासिक रूप से मिलती है. इसके जरिए बुढ़ापे पर अच्छी खासी पेंशन का इंतजाम किया जा सकता है. लेकिन पहले आपको अपनी नौकरी के साथ SIP या किसी अन्य स्कीम के जरिए मोटा फंड जमा करना होगा. आप SWP के लिए रिटायरमेंट पर मिलने वाले फंड का भी कर सकते हैं.
ध्यान रहे कि SWP की राशि म्यूचुअल फंड यूनिट्स बिकने से आपको मिलती है. फंड खत्म हुआ तो SWP बंद हो जाएगा. आपको मंथली, तिमाही और सालाना कब पैसा चाहिए ये आपको तय करना होता है. SWP एक्टिवेट करने के लिए आपको फोलियो नंबर, विद्ड्रॉल की फ्रीक्वेंसी, पहली निकासी की तारीख, पैसे प्राप्त करने वाले बैंक अकाउंट को बताते हुए एएमसी में इंस्ट्रक्शन स्लिप भरना होगा.
अगर आप नौकरीपेशा हैं और EPFO में योगदान कर रहे हैं, तो आपको EPS (Employee Pension Scheme) के तहत पेंशन मिलती है. लेकिन इसके लिए-
प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए ये रिटायरमेंट के बाद सोशल सिक्योरिटी का अहम जरिया है.
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम के जरिए भी आप हर महीने आमदनी कर सकते हैं. सरकारी गारंटी वाली इस डिपॉजिट स्कीम में सिंगल और जॉइंट अकाउंट की सुविधा मिलती है. सिंगल अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपए और जॉइंट अकाउंट में अधिकतम 15 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं.
ये पैसा अधिकतम 5 साल के लिए जमा किया जाता है. इसमें ब्याज से आपकी कमाई होती है और आपकी डिपॉजिट की गई रकम एकदम सुरक्षित रहती है. मौजूदा ब्याज दर 7.4% के हिसाब से जॉइंट अकाउंट के जरिए इस स्कीम से 9,250 रुपए तक की कमाई की जा सकती है. 5 साल बाद भी अगर आप स्कीम का फायदा लेना चाहते हैं तो नया अकाउंट ओपन करवा सकते हैं.
Q1. रिटायरमेंट के बाद सबसे सुरक्षित इनकम स्कीम कौन सी है?
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम और APY सबसे सुरक्षित मानी जाती हैं.
Q2. क्या NPS से हर महीने पेंशन मिलती है?
हां, 40% राशि से एन्युटी खरीदकर मंथली पेंशन मिलती है.
Q3. SWP में पैसा कब तक मिलता है?
जब तक म्यूचुअल फंड में यूनिट्स रहती हैं, तब तक इनकम मिलती है.
Q4. EPFO पेंशन के लिए कितने साल का योगदान जरूरी है?
कम से कम 10 साल का योगदान जरूरी है.
Q5. क्या POMIS में रिस्क होता है?
नहीं, ये पूरी तरह सरकारी गारंटी वाली स्कीम है.