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आज के दौर में ज्यादातर घरों में पति-पत्नी दोनों कमाते हैं. लेकिन अगर इनकी कमाई का सही इस्तेमाल नहीं होता, तो महीने के अंत में फिर वही सवाल खड़ा रहता है कि पैसे कहां गए? बचत क्यों नहीं हो पा रही? इसलिए जरूरी है कि दोनों मिलकर इन्वेस्टमेंट प्लानिंग करें ताकि पैसों का बेहतर तरीके से इस्तेमाल हो, सारे गोल्स पूरे हो जाएं और भविष्य भी सुरक्षित रहे. जानिए पति-पत्नी कैसे मिलकर एक बेस्ट इन्वेस्टमेंट बैलेंस बना सकते हैं.
किसी भी इन्वेस्टमेंट की शुरुआत इमरजेंसी फंड से होती है. दोनों की कुल इनकम का 6 महीने के खर्च के बराबर पैसा एक लिक्विड फंड या सेविंग अकाउंट में रखें. ये अचानक नौकरी जाने, बीमारी या किसी बड़े एक्सपेंस में काम आता है.
कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ पति या घर के मुखिया को इंश्योरेंस की जरूरत होती है. लेकिन आज के समय में दोनों को ही टर्म प्लान की जरूरत है. ₹1 करोड़ तक का टर्म प्लान आज भी बहुत कम प्रीमियम में मिल जाता है.
दोनों ही टैक्स-सेविंग ऑप्शंस हैं. लेकिन ELSS मार्केट से जुड़ा है, इसलिए ग्रोथ ज्यादा दे सकता है. वहीं PPF पूरी तरह से सुरक्षित और लॉन्ग-टर्म इनकम के लिए बेस्ट है.
चाहे बच्चों की पढ़ाई हो, घर खरीदना हो या रिटायरमेंट - SIP में लॉन्ग-टर्म निवेश हर गोल को पूरा करने में मदद करता है. आप दोनों कम रकम से भी शुरुआत कर सकते हैं और धीरे-धीरे उसे बढ़ा सकते हैं. एसआईपी के जरिए आप अपने तमाम गोल्स के साथ-साथ भविष्य के लिए भी काफी बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं.
मेडिकल खर्च दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं. अगर दोनों के पास फैमिली फ्लोटर हेल्थ प्लान हो तो इलाज का खर्च आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा. इससे आपकी बचत सुरक्षित बनी रहेगी.
शौक और परंपरा के लिए गोल्ड खरीदने का चलन काफी पुराना है. लेकिन आप इसे निवेश के तौर पर पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाएं. एक्सपर्ट भी मानते हैं कि कुल निवेश का 10 से 15 प्रतिशत आपके पोर्टफोलियो में होना चाहिए. फिजिकल सोना रखने से बेहतर है कि आप गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड वगैरह में निवेश करें.
NPS आपको पेंशन के रूप में फिक्स्ड इनकम देता है और टैक्स का फायदा भी देता है. इसलिए इसकी शुरुआत कम उम्र में ही कर दें ताकि रिटायरमेंट के बाद की लाइफ चैन से गुजरे. आपके पास फंड भी हो और रेगुलर इनकम का इंतजाम भी.
अपना घर होना अच्छी बात है, लेकिन लोन का बोझ बजट बिगाड़ देता है. EMI ऐसी हो जो आपके बजट को डिस्टर्ब न करे. रेंटल इनकम के लिए प्रॉपर्टी लेने से पहले मार्केट रिसर्च जरूर करें.