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कई लोग सोचते हैं कि अगर उनके फ्लैट में आग लग जाए तो क्या उनका नुकसान इंश्योरेंस () में कवर होगा या नहीं. खासकर तब जब उनकी सोसायटी यानी RWA ने पूरी बिल्डिंग के लिए फायर इंश्योरेंस ले रखा हो. अक्सर कन्फ्यूजन यह होता है कि अगर आग सिर्फ एक फ्लैट तक सीमित रही और पूरी बिल्डिंग पर असर नहीं हुआ तो क्या क्लेम मिलेगा?
आपको बता दें कि अगर RWA ने ग्रुप हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के लिए फायर इंश्योरेंस कराया है तो किसी भी एक फ्लैट में आग लगने पर भी क्लेम मान्य होता है. असल में यह इंश्योरेंस पूरी बिल्डिंग को कवर करता है, चाहे नुकसान एक हिस्से में हो या पूरे ढांचे में.
अगर आपके फ्लैट में आग लग जाए तो सबसे पहले RWA को तुरंत इंश्योरेंस कंपनी को इसकी जानकारी देनी होती है. इसके बाद इंश्योरर एक सर्वेयर नियुक्त करता है जो मौके पर जाकर नुकसान का आकलन करता है. फ्लैट ओनर को सभी डॉक्यूमेंट सर्वेयर को देने होते हैं. क्लेम वेरिफाई होने के बाद सर्वेयर राशि तय करता है. इसके बाद इंश्योरेंस कंपनी सीधे फ्लैट ओनर को पेमेंट करती है.
सिर्फ बेसिक फायर इंश्योरेंस काफी नहीं है. RWA को कुछ खास ऐड-ऑन भी लेने चाहिए, ताकि रहवासियों को ज्यादा सुरक्षा मिले. ये रही जरूरी ऐड-ऑन की लिस्ट-
आग या किसी और वजह से अगर फ्लैट रहने लायक न रहे, तो यह पॉलिसी अस्थायी किराए का खर्च कवर करती है.
पूरी बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए.
किसी तीसरे पक्ष के नुकसान की स्थिति में यह राइडर काम आता है.
RWA आमतौर पर सिर्फ बिल्डिंग स्ट्रक्चर का इंश्योरेंस कराता है. लेकिन फ्लैट के अंदर रखे सामान- जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, ज्वेलरी का कवर हर ओनर को खुद लेना चाहिए.
डिडक्टिबल मतलब वह रकम जिसे बीमा कंपनी क्लेम में नहीं देती. यानी अगर आपके पास 50 हजार का डिडक्टिबल है, तो इस रकम तक का खर्च आपको खुद उठाना होगा. उदाहरण के लिए अगर आपका 1 लाख का क्लेम बनता है और उसमें 50 हजार डिडक्टिबल है तो आपको शुरुआती 50 हजार रुपये खुद खर्च करने होंगे, जबकि बचे हुए 50 हजार बीमा कंपनी देगी. वहीं अगर आपका क्लेम 40 हजार का बनता है तो यह पूरा आपको ही देना होगा.
डिडक्टिबल का सीधा असर आपके इंश्योरेंस के प्रीमियम पर पड़ता है. आपके सम इंश्योर्ड में जितना ज्यादा डिडक्टिबल होगा, आपका प्रीमियम उतना ही कम होगा. वहीं अगर डिडक्टिबल कम है या नहीं है तो उसी हिसाब से प्रीमियम ज्यादा होगा. इसका फायदा यह है कि आप अपने बजट के हिसाब से डिडक्टिबल चुनकर प्रीमियम घटा सकते हैं. हालांकि, ध्यान रखिएगा कि कहीं आप सिर्फ प्रीमियम घटाने के चक्कर में डिडक्टिबल इतना मत बढ़ा लेना कि वह क्लेम के वक्त आपको ही भारी पड़ जाए.
अगर आप किसी हाउसिंग सोसायटी में रहते हैं तो यह जरूर चेक करें कि आपके RWA ने बिल्डिंग का फायर इंश्योरेंस कराया है या नहीं. साथ ही, अपने घर के सामान का अलग से कवर जरूर लें. वहीं, हेल्थ इंश्योरेंस चुनते वक्त डिडक्टिबल और प्रीमियम का बैलेंस समझदारी से बनाएं. सही जानकारी और प्लानिंग आपको मुश्किल समय में बड़ी राहत दे सकती है.
हाँ, RWA का फायर इंश्योरेंस ऐसे मामलों में भी क्लेम देता है.
RWA इंश्योरेंस कंपनी को तुरंत सूचना देता है और सर्वेयर जांच करता है.
नहीं, सामान का अलग से फ्लैट ओनर को खुद पॉलिसी लेनी पड़ती है.
अगर घर मरम्मत के दौरान रहने लायक न हो तो किराए का खर्च कवर होता है.
जितना ज्यादा डिडक्टिबल, उतना कम प्रीमियम आपको भरना पड़ता है.