Health Insurance लेने जा रहे हैं? Policy में देख लेना ये 9 चीजें, तभी देना Premium, छोटी सी गलती भी पड़ेगी भारी

हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) लेना आज के समय में बहुत जरूरी हो गया है, लेकिन पॉलिसी चुनने से पहले कुछ अहम बातों को समझना भी उतना ही जरूरी है. प्रीमियम (Premium), कवरेज (Coverage), वेटिंग पीरियड (Waiting Period), नेटवर्क हॉस्पिटल (Network Hospital) और क्लेम प्रोसेस (Claim Process) जैसी चीजें नजरअंदाज करने से बाद में दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
Health Insurance लेने जा रहे हैं? Policy में देख लेना ये 9 चीजें, तभी देना Premium, छोटी सी गलती भी पड़ेगी भारी

हेल्थ इंश्योरेंस (Health Policy) हर किसी के लिए लाइफ का अहम हिस्सा है. मेडिकल खर्चे (Medical Expenses) इतने बढ़ गए हैं कि बिना इंश्योरेंस (Insurance) के इलाज करवाना जेब पर भारी पड़ जाता है. यही वजह है कि लोग कम उम्र से ही हेल्थ इंश्योरेंस प्लान खरीदने लगे हैं. वहीं कुछ समय पहले ही सरकार ने हेल्थ इंश्योरेंस पर जीएसटी (GST on Insurance) जो 18 फीसदी से घटाकर 0 कर दिया (GST Rate Cut) है, जिसके चलते भी उम्मीद है कि बहुत सारे नए लोग इंश्योरेंस से जुड़ेंगे.

बहुत बार लोग बिना सोचे-समझे सिर्फ प्रीमियम की रकम देखकर पॉलिसी खरीद लेते हैं. बाद में जब अस्पताल (Hospital) में इलाज कराने की नौबत आती है तो पता चलता है कि पॉलिसी से उतना फायदा नहीं मिल पा रहा. इसलिए जरूरी है कि हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले आपको इन 9 बातों पर ध्यान जरूर देना चाहिए.

1- कवरेज कितना है, ये सबसे अहम

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हेल्थ इंश्योरेंस का सबसे बड़ा फायदा तभी मिलेगा, जब उसका कवरेज आपके और आपके परिवार की जरूरत के हिसाब से हो. कई बार लोग कम प्रीमियम के चक्कर में छोटा कवरेज चुन लेते हैं. लेकिन अस्पताल का बिल लाखों में पहुंच जाता है. इसलिए हमेशा ऐसी पॉलिसी चुनें जो कम से कम 5 लाख से शुरू हो और जरूरत के हिसाब से उसे बढ़ाया जा सके.

2- वेटिंग पीरियड को जरूर समझें

हर हेल्थ पॉलिसी में एक वेटिंग पीरियड होता है. इसका मतलब है कि अगर आपको पहले से कोई बीमारी है तो उसका इलाज पॉलिसी लेने के तुरंत बाद कवर नहीं होगा. आम तौर पर ये समय 2 से 4 साल तक होता है. इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले ये जरूर देखें कि किस बीमारी के लिए कितना वेटिंग पीरियड है.

3- नेटवर्क हॉस्पिटल की लिस्ट चेक करें

कैशलेस इलाज की सुविधा तभी मिलेगी जब आपका अस्पताल कंपनी के नेटवर्क में शामिल होगा. अगर नेटवर्क हॉस्पिटल आपके शहर या आसपास में नहीं है तो कैशलेस इलाज मुश्किल हो जाएगा. इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस लेने से पहले नेटवर्क हॉस्पिटल की लिस्ट जरूर देख लें.

4- क्लेम सेटलमेंट रेश्यो पर ध्यान दें

हर कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेशियो (Claim Settlement Ratio) अलग होता है. यानी कितने क्लेम्स में से कंपनी ने कितनों को मंजूरी दी. अगर ये रेशियो ज्यादा है तो कंपनी भरोसेमंद मानी जाती है. क्लेम सेटलमेंट आसान होगा तो पॉलिसी का फायदा भी सही तरह से मिलेगा.

5- नो-क्लेम बोनस का फायदा

अगर एक साल आपने पॉलिसी का इस्तेमाल नहीं किया यानी कोई क्लेम नहीं किया, तो कंपनी आपको नो-क्लेम बोनस (NCB) देती है. इससे अगले साल का कवरेज बढ़ जाता है. पॉलिसी लेते वक्त ये जरूर देखें कि कंपनी कितने प्रतिशत का नो-क्लेम बोनस देती है.

6- को-पेमेंट की शर्त

कई हेल्थ पॉलिसीज में को-पेमेंट की शर्त होती है. इसका मतलब है कि अस्पताल का कुछ हिस्सा आपको खुद देना होगा और बाकी कंपनी देगी. अगर को-पेमेंट ज्यादा है तो आपके ऊपर बोझ बढ़ सकता है. इसलिए कोशिश करें कि ऐसी पॉलिसी चुनें जिसमें को-पेमेंट न हो या बहुत कम हो.

7- प्रीमियम का सही बैलेंस

सिर्फ कम प्रीमियम देखकर पॉलिसी न खरीदें. हो सकता है प्रीमियम कम हो लेकिन कवरेज भी उतना ही छोटा मिले. हमेशा ऐसा बैलेंस चुनें, जिसमें प्रीमियम आपके बजट में भी आए और कवरेज भी अच्छा हो.

8- फैमिली फ्लोटर/इंडिविजुअल पॉलिसी

अगर परिवार में 3-4 लोग हैं तो फैमिली फ्लोटर पॉलिसी लेना सस्ता और फायदेमंद रहेगा. लेकिन अगर परिवार के किसी सदस्य को पहले से गंभीर बीमारी है तो उसके लिए अलग से इंडिविजुअल पॉलिसी लेना बेहतर होगा, वरना उसकी वजह से आपका प्रीमियम बहुत ज्यादा हो जाएगा.

9- हेल्थ चेकअप और एक्स्ट्रा बेनेफिट्स

कुछ पॉलिसीज हर साल फ्री हेल्थ चेकअप, एम्बुलेंस चार्ज, डे-केयर ट्रीटमेंट और यहां तक कि वेक्सिनेशन तक कवर करती हैं. पॉलिसी चुनते वक्त इन बेनेफिट्स को भी जरूर देखें.

Conclusion

हेल्थ इंश्योरेंस लेना अब किसी ऑप्शन की तरह नहीं, बल्कि जरूरत बन गया है. लेकिन सही पॉलिसी चुनने के लिए आपको सिर्फ सस्ता प्रीमियम नहीं देखना चाहिए, बल्कि कवरेज, क्लेम रेशियो और नेटवर्क हॉस्पिटल जैसी बातों को प्राथमिकता देनी चाहिए. याद रखें, हेल्थ इंश्योरेंस एक लंबी अवधि का निवेश है, इसलिए सोच-समझकर सही फैसले से ही आप और आपका परिवार सुरक्षित रह पाएंगे.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या हेल्थ इंश्योरेंस सिर्फ अस्पताल में भर्ती होने पर काम आता है?

हां, ज्यादातर पॉलिसीज अस्पताल में भर्ती होने का खर्च कवर करती हैं.

Q2. क्या ओपीडी खर्च भी कवर होता है?

कुछ पॉलिसी शर्तों के साथ ओपीडी खर्च भी कवर करती हैं, लेकिन सभी नहीं.

Q3. क्या फैमिली फ्लोटर पॉलिसी सस्ती पड़ती है?

हां, एक परिवार के लिए फैमिली फ्लोटर पॉलिसी किफायती होती है.

Q4. हेल्थ इंश्योरेंस लेने की सही उम्र क्या है?

जितना जल्दी लेंगे उतना सस्ता और फायदेमंद होगा.

Q5. क्या नो-क्लेम बोनस हर पॉलिसी में मिलता है?

नहीं, यह सुविधा सिर्फ कुछ पॉलिसीज में होती है.

Q6. क्या सभी बीमारियां पॉलिसी में कवर होती हैं?

नहीं, कुछ बीमारियों पर वेटिंग पीरियड या एक्सक्लूजन होता है.

Q7. क्या ऑनलाइन पॉलिसी खरीदना सुरक्षित है?

हां, अगर कंपनी रजिस्टर्ड और भरोसेमंद है तो सुरक्षित है.

Q8. क्या एक से ज्यादा हेल्थ पॉलिसी ली जा सकती है?

हां, जरूरत और बजट के हिसाब से ले सकते हैं.

Q9. क्या पॉलिसी ट्रांसफर हो सकती है?

हां, आप एक कंपनी से दूसरी में पोर्ट कर सकते हैं.

Q10. क्या सस्ता प्रीमियम हमेशा सही होता है?

नहीं, कवरेज और बेनेफिट देखकर ही फैसला करें.

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