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बहुत से माता-पिता सोचते हैं कि छोटे बच्चे का आधार कार्ड बनवाना मुश्किल होगा. फिंगरप्रिंट, आंखों की स्कैनिंग, ढेरों डॉक्यूमेंट और लंबी लाइनें. लेकिन सच्चाई इससे अलग है.
UIDAI ने 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आधार प्रोसेस जानबूझकर आसान रखा है, ताकि माता-पिता को बेवजह की टेंशन न हो. अगर आपको सही जानकारी मिल जाए, तो यह काम कुछ ही स्टेप्स में हो जाता है.
5 साल से कम उम्र के बच्चों को UIDAI “बाल आधार” की श्रेणी में रखता है. इसका मतलब है कि बच्चे की पहचान माता-पिता या गार्जियन के आधार नंबर से लिंक होकर बनती है. यही वजह है कि इस उम्र में बच्चे के फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन को जरूरी नहीं माना जाता.
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यह स्टेप सुनने में सरल है, लेकिन यहीं सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन होता है.
UIDAI असल में दो चीजें मांगता है:
ज्यादातर मामलों में बर्थ सर्टिफिकेट ही काफी होता है. 1 अक्टूबर 2023 के बाद जन्मे बच्चों के लिए बर्थ सर्टिफिकेट अनिवार्य है. अगर किसी कारण से बर्थ सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है, तो UIDAI द्वारा मान्य दूसरे डॉक्यूमेंट इस्तेमाल किए जा सकते हैं. लेकिन माता-पिता को सलाह यही है कि पहले बर्थ सर्टिफिकेट बनवा लें, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न आए.
छोटे बच्चे के साथ लंबी लाइन में खड़ा होना किसी के लिए आसान नहीं. इसलिए पहले ही तय कर लें कि आप कहां एनरोलमेंट करवाएंगे.
ऐसे में आप नजदीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर, आधार सेवा केंद्र चुन सकते हैं. इसके अलावा कुछ सरकारी अस्पतालों और स्कूलों में भी सुविधा होती है. UIDAI का भुवन पोर्टल आसपास के सेंटर और उनकी टाइमिंग देखने में मदद करता है.
जब आप बच्चे को लेकर सेंटर पहुंचते हैं, तो प्रक्रिया बहुत सिंपल होती है:
दो बड़ी राहत की बातें:
यानी न तो फीस, न कोई चार्ज.
यह सबसे अहम स्टेप है, जो सालों बाद होने की वजह से अक्सर भूल जाता है. UIDAI के नियम के मुताबिक, जब बच्चा 5 साल का हो जाता है, तो वह फोटो, फिंगरप्रिंट, आइरिस स्कैन सभी पहली बार पूरे तौर पर लिए जाते हैं.
ध्यान रखने वाली बात यह है कि:
| बच्चे की उम्र | क्या होता है | फीस |
| 0–5 साल | फोटो + माता-पिता से लिंक | फ्री |
| 5 साल | फुल बायोमेट्रिक अपडेट | फ्री |
| 15 साल | दोबारा बायोमेट्रिक | फ्री |
अगर आपका बच्चा छोटा है, तो आधार बनवाने को टालिए मत. स्कूल एडमिशन, सरकारी योजनाएं और हेल्थ से जुड़ी सेवाओं में आधार धीरे-धीरे जरूरी होता जा रहा है. सही समय पर आधार और बायोमेट्रिक अपडेट करवाकर आप भविष्य की कई परेशानियों से बच सकते हैं.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या 5 साल से कम उम्र के बच्चे का आधार बन सकता है?
A. हां बिल्कुल, UIDAI के अनुसार जन्म के बाद कभी भी बच्चे के लिए आधार बनवाया जा सकता है.
Q2 Child Aadhaar Card क्या होता है?
A. Child Aadhaar या बाल आधार 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी किया जाने वाला आधार नंबर होता है, जो माता-पिता या गार्जियन के आधार से लिंक रहता है.
Q3 क्या बच्चे के फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन जरूरी होते हैं?
A. नहीं, 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए ये जरूरी नहीं माने जाते.
Q4 4. बच्चे का आधार किससे लिंक होता है?
A. बच्चे का आधार माता या पिता (या कानूनी गार्जियन) के आधार नंबर से लिंक किया जाता है.
Q5 5. बच्चे के आधार के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए?
A. आमतौर पर बच्चे का Birth Certificate और माता-पिता या गार्जियन का Aadhaar Card जरूरी होता है.