8वें वेतन आयोग (8th CPC) में हो सकती है Old Pension Scheme की वापसी, अंदर की मीटिंग से मिल रहा है बड़ा इशारा

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की बैठकों में अब सिर्फ फिटमेंट फैक्टर और सैलरी ही नहीं, बल्कि पेंशन सिस्टम सबसे बड़ा मुद्दा बनता दिख रहा है.NC-JCM की बैठकों और मेमोरेंडम में NPS कर्मचारियों को OPS का विकल्प देने की मांग ने हलचल बढ़ा दी है. अब सवाल यही है- क्या सरकार OPS वापसी की दिशा में कोई बड़ा फैसला लेने जा रही है?
8वें वेतन आयोग (8th CPC) में हो सकती है Old Pension Scheme की वापसी, अंदर की मीटिंग से मिल रहा है बड़ा इशारा

कर्मचारियों का मानना है कि UPS में भी OPS जैसी पूरी गारंटी नहीं मिलती. (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर अब बहस सिर्फ सैलरी बढ़ोतरी तक सीमित नहीं रही. कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल अब पेंशन को लेकर है. क्या Old Pension Scheme (OPS) की वापसी हो सकती है? क्या NPS कर्मचारियों को OPS चुनने का मौका मिलेगा? और क्या UPS भी कर्मचारियों का भरोसा जीतने में नाकाम हो रही है?

दरअसल, हाल में हुई बैठकों और कर्मचारी संगठनों की मांगों ने इस बहस को और तेज कर दिया है. NC-JCM स्टाफ साइड के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 8वें वेतन आयोग के सामने जो मुद्दे रखे हैं, उनमें OPS का विकल्प सबसे ज्यादा चर्चा में है.

यही वजह है कि लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच अब यह सवाल तेजी से घूम रहा है कि क्या 8वां वेतन आयोग पेंशन सिस्टम में बड़ा बदलाव ला सकता है?

आखिर कर्मचारियों को NPS से दिक्कत क्या है?

2004 के बाद सरकारी नौकरी में आने वाले कर्मचारियों को Old Pension Scheme की जगह National Pension System (NPS) के तहत लाया गया था.

OPS में रिटायरमेंट के बाद तय पेंशन मिलती थी. यानी आखिरी सैलरी के आधार पर जीवनभर नियमित पेंशन. लेकिन NPS मार्केट लिंक्ड सिस्टम है. इसमें पेंशन इस बात पर निर्भर करती है कि निवेश पर कितना रिटर्न मिला.

यही सबसे बड़ी चिंता है.

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि:

  • NPS में पेंशन तय नहीं होती.
  • बाजार गिरने पर रिटायरमेंट कॉर्पस प्रभावित हो सकता है.
  • महंगाई के हिसाब से सुरक्षा कम है.
  • बुजुर्ग उम्र में वित्तीय असुरक्षा बढ़ सकती है.

इसी वजह से OPS की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है.

UPS आने के बाद भी नाराजगी क्यों?

सरकार Unified Pension Scheme (UPS) लेकर आई ताकि NPS और OPS के बीच संतुलन बनाया जा सके. लेकिन, कर्मचारी संगठनों का एक बड़ा वर्ग अब भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिख रहा.

कई कर्मचारियों का मानना है कि UPS में भी OPS जैसी पूरी गारंटी नहीं मिलती. इसी कारण 8वें वेतन आयोग के सामने OPS विकल्प की मांग फिर तेज हो गई है.

8वें वेतन आयोग की बैठकों में क्या हुआ?

हाल की बैठकों में कर्मचारियों की ओर से कई बड़े मुद्दे रखे गए:

  • OPS विकल्प की मांग
  • फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग
  • पेंशन सुरक्षा
  • रिटायरमेंट एज बढ़ाने का प्रस्ताव
  • भत्तों और मेडिकल सुविधाओं पर चर्चा

शिव गोपाल मिश्रा की तरफ से भेजे गए मेमोरेंडम में NPS कर्मचारियों को OPS का विकल्प देने की बात प्रमुखता से सामने आई है.

OPS, NPS और UPS में क्या फर्क है?

स्कीमसबसे बड़ी खासियतजोखिम किस पर?पेंशन की स्थिति
OPSतय पेंशनसरकार परगारंटीड
NPSमार्केट लिंक्ड निवेशकर्मचारी परतय नहीं
UPSहाइब्रिड मॉडलसाझाआंशिक सुरक्षा

क्या सच में OPS वापस आ सकती है?

यह सबसे बड़ा सवाल है.

फिलहाल केंद्र सरकार की तरफ से OPS बहाली पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. लेकिन जिस तरह कर्मचारी संगठन लगातार दबाव बना रहे हैं और 8वें वेतन आयोग में यह मुद्दा बार-बार उठ रहा है, उससे चर्चा तेज हो गई है.

कुछ राज्यों में OPS पहले ही वापस लाई जा चुकी है. ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों के बीच भी उम्मीद बढ़ी है.

हालांकि दूसरी तरफ सरकार और आर्थिक विशेषज्ञों की चिंता अलग है.

OPS वापसी पर सरकार क्यों सोच-समझकर कदम रखना चाहती है?

OPS लागू करना सरकार के लिए बड़ा वित्तीय बोझ बन सकता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • OPS में सरकार को पूरी पेंशन देनी पड़ती है.
  • भविष्य में पेंशन खर्च तेजी से बढ़ सकता है.
  • राज्यों पर पहले से भारी दबाव है.
  • लंबे समय में फिस्कल घाटा बढ़ सकता है.

RBI और कई अर्थशास्त्री पहले भी OPS को लेकर चिंता जता चुके हैं.

अगर OPS लौटती है तो किसे फायदा होगा?

कर्मचारी वर्गसंभावित फायदा
2004 के बाद भर्ती कर्मचारीतय पेंशन की सुरक्षा
रिटायरमेंट के करीब कर्मचारीभविष्य की आय को लेकर भरोसा
परिवार पेंशन पाने वालेलंबी अवधि की स्थिरता
लो रिस्क चाहने वाले कर्मचारीबाजार जोखिम से राहत

कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा डर क्या है?

आज सबसे बड़ी चिंता यही है कि रिटायरमेंट के बाद नियमित आय कितनी होगी.

  • महंगाई बढ़ रही है.
  • मेडिकल खर्च बढ़ रहा है.
  • लाइफ एक्सपेक्टेंसी बढ़ रही है.

ऐसे में कर्मचारी चाहते हैं कि उन्हें ऐसी पेंशन मिले जो बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित न हो.

यही कारण है कि OPS बनाम NPS की बहस अब पहले से ज्यादा तेज हो चुकी है.

8वें वेतन आयोग में आगे क्या हो सकता है?

अभी आयोग अलग-अलग पक्षों से सुझाव ले रहा है. कर्मचारी संगठनों ने अपना मेमोरेंडम जमा कर दिया है. आने वाले महीनों में:

  • पेंशन मॉडल पर चर्चा तेज हो सकती है.
  • UPS में बदलाव संभव.
  • NPS में अतिरिक्त सुरक्षा दी जा सकती है.
  • OPS विकल्प पर बहस जारी रह सकती है.

हालांकि अंतिम फैसला सरकार को ही लेना होगा.

आखिर में काम की बात

8वां वेतन आयोग सिर्फ सैलरी बढ़ाने वाला आयोग नहीं रहने वाला. इस बार सबसे बड़ी लड़ाई पेंशन सुरक्षा को लेकर दिख रही है. OPS, NPS और UPS के बीच फंसे लाखों कर्मचारियों की नजर अब आयोग की हर बैठक पर है.

फिलहाल OPS वापसी पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन अंदर की बैठकों और कर्मचारी संगठनों की मांगों ने इतना जरूर साफ कर दिया है कि 8वें वेतन आयोग में पेंशन सबसे बड़ा और सबसे संवेदनशील मुद्दा बनने जा रहा है.

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