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8th Pay Commission: इंतजार अब खत्म होने को है. अप्रैल में 8वें वेतन आयोग के पैनल का गठन हो जाएगा. इसके बाद इसकी कमीशन अपनी सिफारिशों पर काम शुरू करेगा. केंद्र सरकार ने जनवरी में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दी थी. 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commision) की टाइमलाइन 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो जाएगी. वहीं, 1 जनवरी 2026 से नए पे-कमीशन को लागू किया जाना है. हालांकि, पैनल के गठन के बाद इसकी फाइनल रिपोर्ट आने में करीब 15-18 महीने का समय लग सकता है. सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल-मई 2026 तक पैनल अपनी सिफारिशें सौंप सकता है. लेकिन, इसकी फाइनल रिपोर्ट आने में थोड़ा और वक्त लगेगा. इसके लिए साल 2027 तक इसके लागू होने की उम्मीद है. हालांकि, एक चर्चा ये भी है कि सिफारिशें कभी भी आएं, लेकिन 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से ही लागू किया जाएगा. इस बीच एक और चर्चा लगातार जोर पकड़ रही है कि क्या नया वेतन आयोग आने पर महंगाई भत्ते (Dearness allowance) को बेसिक सैलरी (Basic Salary) में मर्ज किया जाएगा या फिर स्थिति जस की तस रह सकती है? वहीं, एक और चर्चा ये है कि सरकार नए पे-कमीशन पर महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन (DA Calculation) को ही बदल देगी. इसके लिए महंगाई भत्ते के बेस ईयर (DA Base year) को बदला जा सकता है. आइये समझते हैं क्या संभावना हैं.
DA की कैलकुलेशन AICPI-IW के आंकड़ों पर की जाती है. पहले वेतन आयोग में भी ऐसा ही होता रहा है. उम्मीद की जा रही है कि आगे भी ऐसे ही कैलकुलेशन होती रहेगी. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक सरकार नया पे-कमीशन लागू होने पर DA कैलकुलेशन के लिए बेस ईयर को बदल सकती है. अभी AICPI-IW के लिए बेस ईयर 2016 है, इसे साल 2016 में 7वें वेतन आयोग के लागू होने पर बदला गया था. एक्सपर्ट्स भी मान रहे हैं कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर बेस ईयर को बदला जा सकता है. इसके पीछे लॉजिक है कि महंगाई बढ़ रही है और बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए दिए जाने वाले DA को भी नए बेस ईयर से बदल जाए. संभावना है कि महंगाई भत्ते का बेस ईयर 2026 हो सकता है.
केंद्रीय कर्मचारियों (Central govt employees) को DA महंगाई से निपटने के लिए दिया जाता है. लेकिन, पिछले एक दशक में महंगाई काफी तेजी से बढ़ी है. लेकिन, बेस ईयर के चलते महंगाई भत्ते को मांपने का आधार वही है. इसकी दरें छह महीने में बदलती हैं. ये मुमकिन है कि सरकार AICPI-IW को ही आधार रखेगी. लेकिन, सिर्फ बेस ईयर बदलकर पूरी कैलकुलेशन बदल सकती है. ऐसी स्थिति में महंगाई भत्ता शून्य हो जाएगा. और नए सिरे से महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन होगी.
अगर 1 जनवरी 2026 तक 8वां वेतन आयोग लागू किया जाता है तो मौजूदा स्थिति को देखते हुए महंगाई भत्ता 61% फीसदी तक होगा. इसका भुगतान कर्मचारियों को सैलरी में किया ही जा रहा होगा. लेकिन, अगर बेस ईयर चेंज होगा तो पुराने डीए को मर्ज किया जा सकता है. हालांकि, औपचारिक तौर पर सरकार ने अभी तक ऐसा नहीं कहा है. ये सभी 8वें वेतन आयोग के पैनल की सिफारिशों के बाद ही तय होगा.
1 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की गईं. उस समय, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 125% था. 7वें वेतन आयोग ने इस 125% DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया और नए पे-स्ट्रक्चर में इसे शामिल किया. मतलब, नए सैलरी मैट्रिक्स में DA को शून्य कर दिया गया और आगे के DA की गणना नई बेसिक सैलरी के आधार पर की गई।.
6वें वेतन आयोग के दौरान, सैलरी स्ट्रक्चर में 'पे इन द पे बैंड' और 'ग्रेड पे' शामिल थे. 7वें वेतन आयोग ने इन दोनों को मिलाकर एक कंसोलिडेट 'बेसिक पे' बनाया. इस नए बेसिक पे में पुराने बेसिक पे और 125% महंगाई भत्ते को जोड़ा गया, जिससे कर्मचारियों की कुल वेतन में वृद्धि हुई.
7वें वेतन आयोग ने एक नया पे-मैट्रिक्स पेश किया, जिसमें अलग-अलग लेवल और सेल्स के आधार पर सैलरी निर्धारित की गई. इस मैट्रिक्स में हर स्तर पर वेतन वृद्धि और प्रमोशन के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन दिया गया. अब देखना ये होगा कि सरकार पुराने बेस ईयर को बदलकर डीए की पूरी कैलकुलेशन (DA calculation) को बदली है या नहीं. वहीं, 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) का पैनल किस तरह की सिफारिशें देता है. सिफारिशें आने के बाद ही ये क्लियर होगा कि क्या बदलेगा और कितना बदलेगा. चाहे वो सैलरी में वृद्धि हो या फिर महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन.