8th Pay Commission: टेक-होम सैलरी में आ सकता है बड़ा उछाल, बेसिक सैलरी नहीं, HRA और TA बदल सकते हैं पूरा गेम

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में फिटमेंट फैक्टर से भी बड़ा 'ट्रिगर' भत्तों (HRA, TA) का होने वाला है, जो आपकी टेक-होम सैलरी को उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ा देंगे. DA के शून्य होने पर ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) को नए पे-मैट्रिक्स के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का बोझ जेब पर न पड़े.
8th Pay Commission: टेक-होम सैलरी में आ सकता है बड़ा उछाल, बेसिक सैलरी नहीं, HRA और TA बदल सकते हैं पूरा गेम

हर महीने खाते में आने वाली रकम में सबसे बड़ा रोल HRA और TA जैसे भत्तों का भी होता है. (प्रतीकात्मक फोटो/AI-ChatGpt)

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चा तेज है. अब तक सबसे ज्यादा फोकस फिटमेंट फैक्टर और बेसिक सैलरी पर रहा है, लेकिन कर्मचारियों की असली कमाई सिर्फ बेसिक पे से तय नहीं होती. हर महीने खाते में आने वाली रकम में सबसे बड़ा रोल HRA (House Rent Allowance) और TA (Travel Allowance) जैसे भत्तों का भी होता है.

यही वजह है कि इस बार 8वें वेतन आयोग में सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि HRA और TA के नियमों में भी बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है. माना जा रहा है कि सरकार बढ़ती महंगाई, किराए और यात्रा खर्च को देखते हुए इन भत्तों के स्ट्रक्चर को नए सिरे से तैयार कर सकती है. अगर ऐसा होता है तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.

HRA में क्या बदल सकता है?

मकान किराया भत्ता यानी HRA कर्मचारियों की सैलरी का बड़ा हिस्सा होता है. 7वें वेतन आयोग में शहरों को X, Y और Z कैटेगरी में बांटा गया था.

मौजूदा HRA स्ट्रक्चर

  • X कैटेगरी शहर: 30%
  • Y कैटेगरी शहर: 20%
  • Z कैटेगरी शहर: 10%

ये दरें DA बढ़ने के साथ बढ़ाई गई थीं. शुरुआत में ये 24%, 16% और 8% थीं.

8वें वेतन आयोग में क्या हो सकता है?

जानकारों का मानना है कि नए वेतन आयोग में DA की तरह HRA दरें भी रीसेट होकर फिर 24%, 16% और 8% के बेस लेवल पर आ सकती हैं. लेकिन इसका मतलब नुकसान नहीं होगा.

असल फायदा बढ़ी हुई बेसिक सैलरी से मिलेगा. यानी HRA प्रतिशत थोड़ा कम होने के बावजूद कर्मचारियों को मिलने वाली रकम पहले से काफी ज्यादा हो सकती है.

ऐसे समझिए पूरा गणित

मान लीजिए किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹35,400 है और वह X कैटेगरी शहर में रहता है. अभी उसे 30% के हिसाब से ₹10,620 HRA मिलता है.

अगर 8वें वेतन आयोग के बाद उसकी बेसिक सैलरी बढ़कर ₹90,000 हो जाती है, तो 24% HRA पर भी उसे ₹21,600 मिलेंगे.

यानी HRA की दर कम होने के बावजूद जेब में आने वाली रकम दोगुने के करीब पहुंच सकती है.

TA में भी हो सकता है बड़ा बदलाव

ट्रैवल अलाउंस यानी TA कर्मचारियों के रोजाना आने-जाने के खर्च को ध्यान में रखकर दिया जाता है. यह भत्ता सीधे DA से जुड़ा होता है.

पिछले कुछ सालों में पेट्रोल-डीजल, कैब और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का खर्च तेजी से बढ़ा है. ऐसे में उम्मीद है कि 8वां वेतन आयोग TA की बेसिक दरों में भी बड़ा बदलाव कर सकता है.

DA मर्जर का पड़ेगा असर

8वें वेतन आयोग में मौजूदा DA को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जा सकता है. इसके बाद TA का पूरा कैलकुलेशन नए आधार पर होगा. माना जा रहा है कि कर्मचारियों के शहर और यात्रा खर्च के हिसाब से TA में तर्कसंगत बढ़ोतरी की जा सकती है.

कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी पर कितना असर?

अगर बेसिक सैलरी, HRA और TA तीनों में बढ़ोतरी होती है तो कर्मचारियों की वास्तविक टेक-होम सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है. यही वजह है कि इस बार कर्मचारियों की नजर सिर्फ फिटमेंट फैक्टर पर नहीं, बल्कि HRA और TA जैसे भत्तों पर भी टिकी हुई है.

आखिर में काम की बात

8वां वेतन आयोग सिर्फ बेसिक पे बढ़ाने तक सीमित नहीं रह सकता. HRA और TA में संभावित बदलाव लाखों कर्मचारियों की जेब पर सीधा असर डाल सकते हैं. बढ़ती महंगाई और खर्चों के बीच सरकार अगर इन भत्तों को नए सिरे से तय करती है, तो कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है.

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