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त्यौहारों का मौसम शुरू हो चुका है और दिवाली से पहले सरकार अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफ़ा देने की तैयारी में है. मिडिल क्लास को टैक्स में छूट और GST में नई दरें लागू होने के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों की बारी है. इस बार सिर्फ एक नहीं बल्कि तीन-तीन खुशखबरी की उम्मीद है.
यानी आने वाला अक्टूबर महीना कर्मचारियों के लिए पैसा ही पैसा बरसाने वाला हो सकता है.
सरकार जल्द ही 8वें वेतन आयोग का गठन कर सकती है.
7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं. अब 10 साल का वक्त पूरा होने वाला है और 1 जनवरी 2026 से नया वेतन आयोग लागू होना चाहिए. परंपरा तो यही कहती है कि आयोग का गठन 1.5–2 साल पहले हो जाता है ताकि सिफारिशें समय पर आ सकें.
अक्टूबर 2025 तक सरकार Terms of Reference (ToR) जारी कर सकती है और आधिकारिक रूप से 8वें वेतन आयोग की घोषणा कर सकती है.
नए आयोग से फिटमेंट फैक्टर बदल सकता है, जिससे बेसिक सैलरी में भारी उछाल आएगा. लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इसका फायदा पाएंगे.
55% का DA कर्मचारियों को 1 जनवरी 2025 से मिल रहा है. अब जुलाई-दिसंबर 2025 की दूसरी किस्त तय होनी है.
AICPI (महंगाई सूचकांक) के आंकड़ों के हिसाब से जुलाई का DA 58% तक पहुंच सकता है.
दिवाली से पहले सरकार 3% DA Hike का ऐलान कर सकती है. यानी कर्मचारियों का DA 55% से बढ़कर 58% हो जाएगा.
लाखों कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में तुरंत बढ़ोतरी होगी. इससे दिवाली शॉपिंग और त्योहारों पर कैश फ्लो और बढ़ जाएगा.
| अवधि | DA प्रतिशत |
|---|---|
| जनवरी 2024 | 50% |
| जुलाई 2024 | 54% |
| जनवरी 2025 | 55% |
| जुलाई 2025* | 58% (अनुमानित) |
(AICPI डेटा पर आधारित)
हर साल सरकार नॉन-गजेटेड कर्मचारियों को प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) या एड-हॉक बोनस देती है.
इस साल भी दिवाली से पहले बोनस का ऐलान किया जा सकता है.
करीब 30 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे नकद फायदा होगा.
त्योहारों पर घर का बजट, बच्चों की खरीदारी, गोल्ड-गिफ्ट्स और यात्रा- ये सब कर्मचारियों के लिए बड़ी चिंता होती है. अब जब एक साथ वेतन आयोग की घोषणा, महंगाई भत्ता और दिवाली बोनस जैसे तोहफ़े मिलने की उम्मीद है, तो कहना गलत नहीं होगा कि इस बार दिवाली पर सरकारी कर्मचारियों के घरों में “खुशियों की तीन-तीरंगी रोशनी” जगमगाएगी.
इस दिवाली केंद्रीय कर्मचारियों को तीन बड़े तोहफे मिल सकते हैं-
त्योहारों से पहले पैसा ही पैसा बरसने की उम्मीद है. इसका सीधा असर न सिर्फ कर्मचारियों की जेब पर बल्कि देश की खपत और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा.
हर 10 साल पर केंद्र सरकार कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन स्ट्रक्चर रिव्यू करने के लिए आयोग बनाती है.
DA का निर्धारण AICPI (ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) पर आधारित होता है.
हर साल सरकार नॉन-गजेटेड केंद्रीय कर्मचारियों को प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस या एड-हॉक बोनस देती है.
हां, बोनस पर इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है.
आयोग गठन के बाद लगभग 12–18 महीने में रिपोर्ट आती है. सरकार मंजूरी के बाद इसे लागू करती है.